देश/विदेश

FD vs SIP: कम रिस्क में पक्की कमाई या बाजार से बड़ा मुनाफा? जानिए निवेश का सबसे बेहतरीन तरीका

FD vs SIP: Guaranteed returns with low risk or higher profits from the market? Find out the best investment method.

FD vs SIP: कम रिस्क में पक्की कमाई या बाजार से बड़ा मुनाफा? जानिए निवेश का सबसे बेहतरीन तरीका
FD vs SIP: कम रिस्क में पक्की कमाई या बाजार से बड़ा मुनाफा? जानिए निवेश का सबसे बेहतरीन तरीका

FD vs SIP: अपनी गाढ़ी कमाई को सही जगह लगाना हर किसी की प्राथमिकता होती है। लेकिन जब भी निवेश की बात आती है, तो अधिकतर लोग केवल इस बात पर ध्यान देते हैं कि कहां सबसे ज्यादा मुनाफा मिलेगा। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ अधिक रिटर्न देखकर फैसला लेना नुकसानदेह हो सकता है। किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले आपको यह तय करना होगा कि उस रकम की आवश्यकता कब होगी और आप कितना वित्तीय जोखिम उठाने की स्थिति में हैं।

शॉर्ट टर्म जरूरतों के लिए सुरक्षित साधन

यदि आपको निकट भविष्य यानी कुछ महीनों से लेकर तीन साल के भीतर पैसों की आवश्यकता पड़ने वाली है, तो बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट आपके लिए एक मुफीद जरिया साबित हो सकती है। इसमें जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज पहले से निश्चित होता है, जिससे परिपक्वता के समय मिलने वाले कुल धन का स्पष्ट अनुमान पहले ही लग जाता है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से इस पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ता, जिससे आपका मूल धन पूरी तरह सुरक्षित रहता है।

हालांकि, अवधि पूरी होने से पूर्व खाता बंद कराने पर वित्तीय संस्थानों द्वारा तय कायदों के मुताबिक ब्याज दर में कटौती की जा सकती है या अन्य नियम लागू हो सकते हैं। इसी वजह से समय-सीमा का चयन करते समय अपनी भावी वित्तीय जरूरतों का आंकलन अवश्य कर लें।

लंबी अवधि में बड़े मुनाफे का जरिया

म्यूचुअल फंड में हर माह एक निश्चित रकम लगाने का माध्यम एसआईपी कहलाता है। यदि यह निवेश इक्विटी से जुड़ी योजनाओं में किया जा रहा है, तो इसका मुनाफा शेयर बाजार की चाल पर निर्भर करता है। इसमें फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह कोई तय ब्याज दर नहीं होती और कम समय के लिए किए गए निवेश का मूल्य बाजार में गिरावट के कारण घट भी सकता है।

यही कारण है कि इसे लंबे समय के उद्देश्यों के लिए ज्यादा मुफीद माना जाता है। यदि आपको कम से कम पांच साल या उससे अधिक समय तक उस राशि की तुरंत दरकार नहीं है और आप बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव को झेलने में सक्षम हैं, तो यह आपके धन में बढ़ोतरी का एक बेहतर जरिया बन सकता है। फिर भी, इसमें मिलने वाले ऊंचे रिटर्न की कोई सरकारी या निश्चित गारंटी नहीं होती।

सही निर्णय लेने का मुख्य आधार

जब भी किसी योजना को चुनने की बात आए तो एक सरल सा सिद्धांत ध्यान में रखें। यदि धन की आवश्यकता जल्द ही होने वाली है और आप बिल्कुल भी रिस्क नहीं उठाना चाहते, तो फिक्स्ड डिपॉजिट चुनना समझदारी है। दूसरी ओर, यदि आपका लक्ष्य काफी दूर है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव से वाकिफ हैं, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड की किश्तें ज्यादा फायदेमंद हो सकती हैं।

वास्तव में, दोनों में से किसी एक को हर व्यक्ति के लिए सर्वश्रेष्ठ घोषित नहीं किया जा सकता। किसी भी व्यक्ति का फैसला उसके व्यक्तिगत लक्ष्यों, समय-सीमा, जोखिम उठाने की क्षमता और धन की आवश्यकता पर निर्भर करता है। कई बार समझदार निवेशकों के लिए दोनों ही साधनों में संतुलन बनाकर चलना सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।

सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-

देशदुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button