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MP Cabinet Decisions: एमपी में 4600 करोड़ से चमकेगी 12 सड़कें: मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले, धन्वंतरि विवि में भरेंगे 244 नए पद

MP Cabinet Decisions: 12 roads in MP to be upgraded at a cost of ₹4,600 crore; major decisions by the Mohan Yadav cabinet; 244 new posts to be filled at Dhanvantari University.

MP Cabinet Decisions: एमपी में 4600 करोड़ से चमकेगी 12 सड़कें: मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले, धन्वंतरि विवि में भरेंगे 244 नए पद
MP Cabinet Decisions: एमपी में 4600 करोड़ से चमकेगी 12 सड़कें: मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले, धन्वंतरि विवि में भरेंगे 244 नए पद

MP Cabinet Decisions: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 अगस्त को मध्यप्रदेश के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए। उनके नेतृत्व में कैबिनेट ने प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, सायबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को गति देने के लिए 10 हजार 630 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी। कैबिनेट ने मप्र सड़क विकास निगम द्वारा नाबार्ड इंफ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस (निडा) से 4 हजार 600 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किए जाने के लिए राज्य शासन द्वारा प्रत्याभूति (गारंटी) प्रदाय किए जाने का अनुमोदन दिया।

सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) को 12 मार्गों के निर्माण के लिए नाबार्ड इंफ्रॉस्ट्रक्चर डेवलपमेंट अस्सिटेंस के माध्यम से 4,600 करोड़ रुपये के ऋण के लिए शासकीय गारंटी देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इन मार्गों में भोपाल-विदिशा मार्ग, खलघाट-मनावर-मांगोद, मंदसौर-सीतामऊ-मप्र, सीतामऊ-बसई-सुवासरा, पूर्वी भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग को 6-लेन मय पेव्ड, नीमच-मनासा-रामपुरा झालावाड मार्ग एसएस-7, इंदौर-देपालपुर मार्ग का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर, चापडा-नेवरी से देवास तक एसएच-64 का 2-लेन मय, दिनारा-दतिया,सेवड़ा मार्ग,आगर-सांरगपुर मार्ग, सोयत-माचलपुर-जीरापुर, राहतगढ़-खुरई से खिमलासा मार्ग तथा सुन्दरा- सिंहपुर-कोठी-बिरसिंहपुर-सेमरिया गोहदा-सिरमोर शामिल है।

राज्य की 22 प्रमुख सड़कों का स्वामित्व हस्तांतरण नाममात्र मूल्य पर ‘मप्र सड़क विकास निगम’ (एमपीआरडीसी) को किया जाएगा। इसके बदले निगम का संचालक मंडल राज्य सरकार के पक्ष में अपनी अंश पूंजी (शेयर) जारी करेगा। इस ऋण के ब्याज और ऋण का भुगतान हस्तांतरित मार्ग से प्राप्त टोल संग्रहण और अन्य स्त्रोतों से प्राप्त राशि से किया जाएगा। मध्यप्रदेश राजमार्ग निधि अधिनियम, 2012 में संशोधन किया जाकर इस मार्गों पर टोल संग्रहण और अन्य स्त्रोतों से प्राप्त राशि को सीधे निगम की आय माना जाएगा। स्वीकृत ऋण सीमा के भीतर मार्गों में परिवर्तन और नवीन मार्गों के चयन का अधिकार निगम के संचालक मंडल के पास रहेगा। परियोजना के तहत राशि का आहरण ‘जस्ट इन टाइम’ (जेआईटी) सिद्धांत के अनुसार केवल आवश्यकता पड़ने पर ही किया जाएगा।

सिवनी-बालाघाट मार्ग निर्माण पर फोकस

कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट 91.64 किमी मार्ग, 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ निर्माण और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कुल 3,960 करोड़ 9 लाख रुपये का अनुमोदन दिया। स्वीकृति अनुसार मार्ग निर्माण के लिए हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) के मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर परियोजना और वित्तीय लागत 3,458 करोड़ 93 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। परियोजना निर्माण लागत का 40 प्रतिशत राशि 704 करोड़ 38 लाख रुपये राज्य बजट के माध्यम से और शेष 60 प्रतिशत 2,253 करोड़ 39 लाख रुपये संचालन अवधि में 15 वर्षों तक छः माही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट के माध्यम से व्यय किया जाएगा। निर्माण से पूर्व के कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) और सुपरविजन चार्जेस के लिए 501 करोड़ 16 लाख रुपये का भी अनुमोदन दिया है।

सिवनी-बालाघाट मार्ग मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित एक महत्वपूर्ण राज्य राजमार्ग-72 है, जो जिला मुख्यालय सिवनी को महत्वपूर्ण वन एवं खनिज क्षेत्र बालाघाट से जोड़ता है। यह मार्ग दो राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (नागपुर-लखनादौन), राष्ट्रीय राजमार्ग 543 (गोंदिया-मण्डला) एवं राष्ट्रीय राजमार्ग 543 के (बालाघाट-भंडारा) मार्गों को भी जोड़ता है। यह मार्ग मलाजखंड तांबा परियोजना, भरवेली मैंगनीज़ माईन्स, कान्हा टाइगर रिज़र्व, पेंच टाईगर रिजर्व और छत्तीसगढ़ राज्य से संपर्क प्रदान करता है। बालाघाट खनिज एवं वन उत्पादों का प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है तथा सिवनी क्षेत्र कृषि, एवं पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यह मार्ग क्षेत्रीय आर्थिक विकास एवं लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पर्यटकों की आवाजाही में वृद्धि होने से कान्हा नेशनल पार्क, पेंच नेशनल पार्क सहित सिवनी तथा बालाघाट क्षेत्र की ग्रामीण एवं शहरी आबादी को लाभ मिलेगा। लगभग 8 से 10 लाख जनसंख्या को यह मार्ग बेहतर संपर्क प्रदान करेगा।

MP Cabinet Decisions: एमपी में 4600 करोड़ से चमकेगी 12 सड़कें: मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले, धन्वंतरि विवि में भरेंगे 244 नए पद
MP Cabinet Decisions: एमपी में 4600 करोड़ से चमकेगी 12 सड़कें: मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले, धन्वंतरि विवि में भरेंगे 244 नए पद

निर्धन और कमजोर वर्ग का होगा कल्याण

कैबिनेट ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की निर्धन और कमजोर वर्ग के सामाजिक और आर्थिक विकास से संबंधित 19 योजनाओं के वित्तीय वर्ष 2026 से 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 1 हजार 740 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। यह योजनाएं समाज के गरीब, कमजोर, निर्धन, निराश्रित, वरिष्ठजनों, कन्या विवाह-निकाह सहायता, दिव्यांगजनों, नशा पीड़ितों एवं ट्रांसजेण्डर व्यक्तियों के सामाजिक, आर्थिक एवं समग्र विकास से संबंधित है।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना, बहु विकलांग एवं मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति को आर्थिक सहायता योजना, अंध मूक बधिर शालाओं को अनुदान, अन्त्येष्टि सहायता योजना, मुख्यमंत्री निकाह योजना, अंधमूक बधिरों को वृत्तियां, विश्व विकलांग दिवस, दिव्यांजनों को आईटीआई प्रशिक्षण, दधीचि पुरस्कार योजना, कृत्रिम अंग उपकरण वितरण योजना, भारतीय कुष्ठ निवारण संघ को ब्लाक ग्रांट, दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित वातावरण, अटल वयो अभ्युदय (एव्हीवायएवाय) योजना, माता-पिता भरण पोषण योजना, इंदिरा गांधी समाज सेवा पुरस्कार योजना, वरिष्ठ नागरिकों की राज्य परिषद, नशाबंदी कार्यक्रम और नशीली दवा की मांग में कमी लाने के लिये राष्ट्रीय कार्य योजना शामिल है।

मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय में भरे जाएंगे पद

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय उज्जैन के प्रभावी संचालन के लिए 154 नियमित पद, 1 संविदा पद और 89 आउटसोर्स के माध्यम से रखे जाने वाले व्यक्तियों इस प्रकार कुल 244 पदों-व्यक्तियों को रखे जाने की स्वीकृति दी है। पदों के वेतनमान, भर्ती पद्धति, सेवा शर्तों और पद-स्वरूप का परीक्षण वित्त विभाग एवं लागू विश्वविद्यालयीन परिनियम, अध्यादेश और सेवा नियमों के अनुसार की जाएगी। विश्वविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा प्रशासन का संस्थागत विकेन्द्रीकरण होगा।

इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के 31 जिलों के अंतर्गत आने वाले स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षण संस्थानों के लिए संबद्धता, निरीक्षण, परीक्षा और अन्य विश्वविद्यालयीन सेवाओं के लिए पृथक प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध होने से निर्णय एवं सेवा प्रदायगी में अधिक समयबद्धता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जा सकेगा। पाठ्यक्रम, परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली के मानकीकरण, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, समयबद्ध परिणाम एवं प्रमाण-पत्र प्रदाय तथा संस्थाओं के अकादमिक निरीक्षण की सुदृढ़ व्यवस्था से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं सक्षम मानव संसाधन उपलब्ध कराने की राज्य की दीर्घकालीन क्षमता सुदृढ़ होगी।

राज्य कम्प्यूटर सेक्युरिटी इंसीडेंट-रेसपान्स ऑपरेशन सेन्टर को आर्थिक मदद

कैबिनेट ने राज्य कम्प्यूटर सेक्युरिटी इंसीडेंट-रेसपान्स ऑपरेशन सेन्टर की स्थापना से संबंधित योजना की वित्तीय वर्ष 2026-2027 से 2030-2031 तक निरंतर संचालन के लिए 80 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए प्रशासनिक, तकनीकी, परामर्श, इंसीडेंट रिस्पांस, फॉरेंसिक और एसओसी कार्य के लिए 25 नवीन पदों सहित अनुमानित वित्तीय लागत राशि 3.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इसके साथ ही पूर्व से स्वीकृत 21 मानव संसाधनों के वेतन पुनर्निर्धारण के लिए 3.24 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। एमपी-सीईआरटी के उपरोक्त स्वीकृत तकनीकी मानव संसाधनों को पीईएमटी फ्रेमवर्क अनुरूप प्रबंधन किया जाएगा। निर्णय अनुसार पीईएमटी फ्रेमवर्क में प्रिंसिपल कंसलटेंट से 5 पद, सीनियर कंसलटेंट से 8 एवं कंसलटेंट से 3 पदों को सरेंडर (अभ्यर्पण) किया जाकर इसका उपयोग एमपीसीईआरटी पद संरचना अंतर्गत सृजित किए जाने वाले नवीन पदों की आवश्यकताओं की पूर्ति की जाएगी।

वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एमपी-सीईआरटी अन्तर्गत अल्प-अवधि के लिए 50 हजार रुपये तक अधिकतम 2 विषय विशेषज्ञों की सेवाएं अनुबंधित की जाएंगी। साथ ही प्रदेश में साइबर सिक्यूरिटी प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता में सकारात्मक भागीदारी बनाये रखने की दृष्टि से एमपीसीईआरटी में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों यथा एनएफएसयू-आईआईटी-एनआईटी-आईआईएसईआर/सीडीएसी आदि संस्थानों से उत्तीर्ण ग्रेजुएट इंजीनियर्स को मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम एमपीसीईआरटी में प्रति वर्ष एक वर्ष के लिए इंजीनियरिंग स्नातक उत्तीर्ण 10 प्रशिक्षुओं को 25 हजार रुपये प्रति माह का प्रशिक्षण भत्ते की दर से एक वर्ष के लिए साक्षात्कार के आधार पर नियुक्ति की जाएगी। प्रदेश में सायबर सुरक्षा घटनाओं के प्रभावी प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया, जोखिम न्यूनीकरण तथा महत्वपूर्ण शासकीय सूचना अवसंरचना की सुरक्षा के लिए राज्य स्तर पर मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (एमपी-सीईआरटी) की स्थापना की गई है। वर्तमान समय में शासन की अधिकांश सेवाएं, नागरिक केंद्रित प्लेटफॉर्म, डिजिटल भुगतान प्रणालियां, डेटा भंडार, क्लाउड अवसंरचना तथा विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण सूचना प्रणालियां सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पर आधारित हैं।

अतिथि गृह के उन्नयन और संचालन के लिए राशि स्वीकृत

कैबिनेट ने आवासीय आयुक्त कार्यालय मप्र भवन नई दिल्ली में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों से संबंधित योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए राजस्व एवं पूंजीगत मद की 250 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार आवासीय आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली के लिए राजस्व एवं पूंजीगत मद में 191 करोड़ 828 लाख रुपये, ज्यूडिशियल स्टॉफ के लिए परिवहन व्यवस्था के लिए 1 करोड़ 55 लाख रुपये, विशेष आयुक्त कार्यालय, मप्र शासन, नई दिल्ली के लिए राजस्व एवं पूंजीगत मद में 6.593 करोड़ रुपये, मध्या लोक, मुम्बई कार्यालय के लिए 4.2655 करोड़ रुपये और विभागीय परिसम्पतियों का संधारण के लिए राजस्व मद में 1 करोड़ 76 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह नई दिल्ली में प्रस्तावित मध्यांचल भवन के विस्तार निर्माण कार्य के लिए पूंजीगत मद में 44.5803 करोड़ रुपये और नई दिल्ली में प्रस्तावित कार्यालयों की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये की स्वीकृति दी।

आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति में संशोधन की स्वीकृति

कैबिनेट ने आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति 12 नवम्बर 2014 में संशोधन की स्वीकृति दी है। इसके अनुसार संगणित पुनर्वास अनुदान के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र में स्थित निजी कृषि भूमि पर स्थापित स्थावर परिसंपत्तियों को छोड़कर कृषि भूमि के लिये कलेक्टर द्वारा जारी की गई गाईडलाईन की तत्समय प्रभावशील दर के अनुसार संगणित मूल्य से दौगुनी राशि भी पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी। नीति के अनुरूप प्रारूपों में आवश्यक संशोधन कर विभाग अपने स्तर से जारी कर सकेगा और अतिरिक्त आवश्यक प्रारूपों को भी जारी कर सकेगा। सार्वजनिक हित की परियोजनाओं में भूमि का अर्जन, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के अंतर्गत किया जाता है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के लिये वह कारक जिसके आधार पर बाजार मूल्य को गुणित किया जाना है।

मध्यप्रदेश राजपत्र अधिसूचना 24 अप्रैल 2026 से 1.00 के स्थान पर 2.00 किया गया है। इसे शीघ्र क्रियान्वित करने के लिए आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति, 12 नवम्बर 2014 में संशोधन किया गया है। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों-उपक्रमों को उनकी अधोसंरचना निर्माण कार्यों एवं विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर निजी भूमि की आवश्यकता पड़ने पर भू-अर्जन की प्रक्रिया में लगने वाले अतिरिक्त समय और लागत को बचाने की दृष्टि से प्रतिफल का भुगतान करके भू-धारकों की आपसी सहमति से भूमि प्राप्त की जा सके तथा शासकीय परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि में क्रियान्वित किए जाने के लिए राज्य शासन द्वारा “आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति” 14 नवम्बर, 2014 से लागू की गई है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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