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Natural Farming MP: किसानों के लिए सीएम डॉ. मोहन की बड़ी घोषणा, प्राकृतिक खेती और गोपालन को मिलेगा बढ़ावा

Natural Farming in MP: CM Dr. Mohan makes a major announcement for farmers; natural farming and cow rearing to get a boost.

Natural Farming MP: किसानों के लिए सीएम डॉ. मोहन की बड़ी घोषणा, प्राकृतिक खेती और गोपालन को मिलेगा बढ़ावा
Natural Farming MP: किसानों के लिए सीएम डॉ. मोहन की बड़ी घोषणा, प्राकृतिक खेती और गोपालन को मिलेगा बढ़ावा

Natural Farming MP: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 जून को भोपाल के बरखेड़ीकला स्थित राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान (सिपेट) में ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला सह कृषक संगोष्ठी’ को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल से देश के 9.40 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किश्त के रूप में कुल 18 हज़ार 880 करोड़ रुपए खातों में अंतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को सुना और पीएम किसान सम्मान निधि पाने वाले प्रदेश के सभी किसानों को बधाई दी। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन काल में हमने राम राज्य की संकल्पना को साकार होते देखा है। हम सम्राट विक्रमादित्य और राजा भोज का सुशासन से भी परिचित हैं। लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी सहित सभी वर्गों के कल्याण के कार्यों से विश्व में भारत की अलग ही पहचान बनाई है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से मध्यप्रदेश को दो नदी जोड़ो परियोजनाओं की सौगात मिली है।

इससे प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा और उनके सूखे खेतों में फसलें लहलहाएंगी। आज प्रत्येक गांव-कस्बे तक बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का जाल बिछा है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में पहली बार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देना प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह अन्नदाता के अथक परिश्रम का सम्मान है। मध्यप्रदेश सरकार भी किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषक कल्याण वर्ष मना रही है। लाड़ली बहनों के बैंक खातों में भी हर माह 15 तारीख से पहले 1500 रुपए की राशि भेजी जा रही है।

किसान कल्याण के प्रतिबद्ध सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उपज का सही दाम मिले, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। पहले सोयाबीन पर भावांतर योजना के माध्यम लाभ दिया, उसके बाद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देकर किसानों से गेहूं खरीदा है। राज्य सरकार ने किसानों से गेहूं का एक-एक दाना खरीदकर उन्हें प्रति क्विंटल 2625 रुपए भुगतान किया है। प्रकृति हमारी मां है। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है। इससे धरती माता की उर्वरक क्षमता भी बढ़ेगी और विदेशी रासायनिक खाद पर निर्भरता भी घटेगी। लोगों को प्राकृतिक तरीके से उगाए देसी ज्वार, बाजरा और गेहूं-चना का स्वाद मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को दूध उत्पादन से भी जोड़ा जा रहा है। इसका दोहरा लाभ आय बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक खाद निर्माण में भी मिलेगा।

रासायनिक खाद से नुकसान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसलों में बेहिसाब कीटनाशक और रासायनिक खाद का उपयोग नुकसानदेह है। इससे कैंसर जैसी कई घातक बीमारियां जन्म लेती हैं। राज्य सरकार ने किसानों को पुन: प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए पहल की है, इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। आज मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक प्राकृतिक खेती करने वाला राज्य है। प्राकृतिक खेती की उपज को उचित दाम दिलवाने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। हमारी प्राकृतिक खेती से दुनिया लाभान्वित हों, इसी भाव से कार्य करते हुए प्रदेश में तेजी से गोशालाओं का विस्तार किया जा रहा है। किसान गोबर और गौमूत्र से खाद बनाकर खेतों में डालें, इसी उद्देश्य से गोपालक किसानों को राज्य सरकार प्रति गाय 1100 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। गोमाता प्राकृतिक खेती में सबसे अधिक मददगार है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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