MP Rain Alert: मध्यप्रदेश में इस समय मौसम कई रंग दिखा रहा है। कहीं हल्की बूंदाबांदी हो रही है तो कुछ जिलों में धूप और उमस से लोग परेशान हैं। देश के कई राज्यों से मानसून विदाई ले रहा है, लेकिन प्रदेश में अभी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके बाद ही मानसून की विदाई होगी।
अक्टूबर तक रहेगा बारिश का असर
मौसम विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, इस बार मध्यप्रदेश में मानसून ने 16 जून को दस्तक दी थी। सामान्य तौर पर सितंबर के अंत तक मानसून का प्रभाव रहता है, लेकिन इस बार अक्टूबर की शुरुआत तक बारिश देखने को मिलेगी।
सोमवार को इन दिनों में हुई बारिश
सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश और धूप का मिला-जुला असर देखने को मिला। राजधानी भोपाल में सुबह से तेज धूप रही जिससे गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान किया। दूसरी ओर इंदौर में लगभग एक इंच बारिश हुई, जबकि रतलाम में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।

नया निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय
मौसम विशेषज्ञों ने बताया है कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बन रहा है। इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय है। अनुमान है कि अगले 24 घंटों में यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच जाएगा।
25 के आसपास बनेगा एक और सिस्टम
इसके अलावा 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया है कि इसके असर से 26 सितंबर के आसपास दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों पर असर दिखेगा।

इसके बाद यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। अनुमान है कि अगले 48 घंटों में यह गहरा दबाव क्षेत्र बन सकता है और इसके प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
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नए सिस्टम का मध्यप्रदेश पर असर
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन सिस्टम्स का असर मध्यप्रदेश पर भी देखने को मिलेगा। 25 और 26 सितंबर को प्रदेश के कई जिलों में जोरदार बारिश हो सकती है। यह बारिश मानसून की विदाई से पहले की अंतिम बारिश मानी जाएगी। इसके बाद धीरे-धीरे अक्टूबर के पहले सप्ताह तक मानसून विदा हो जाएगा।
प्रदेश में बारिश की यह है स्थिति
मध्यप्रदेश में इस सीजन में अब तक औसतन 43.9 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में 36.5 इंच पानी गिरना चाहिए था। इस तरह प्रदेश में लगभग 7.4 इंच अधिक बारिश हो चुकी है। सामान्य औसत 37 इंच के मुकाबले अब तक 118 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है।
सितंबर की बारिश से पूरा हुआ आंकड़ा
सितंबर की तेज बारिश ने कई जिलों का औसत पूरा कर दिया। खासतौर पर इंदौर, जहां शुरुआत में हालात खराब थे और सबसे कम बारिश दर्ज हुई थी, लेकिन सितंबर की बरसात ने स्थिति को सामान्य बना दिया। हालांकि, बड़वानी, खरगोन और खंडवा में हालात अब भी संतोषजनक नहीं हैं। उज्जैन में भी कोटा पूरा नहीं हो पाया है। शाजापुर जिले की स्थिति भी कमजोर बनी हुई है।
देश के अन्य हिस्सों से मानसून की विदाई
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों से भी दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की स्थितियां बन रही हैं।
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