खेड़ला में क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि के लिए होगा पंचकुंडी शिवशक्ति महायज्ञ एवं रामकथा
◾लोकेश वर्मा, मलकापुर
जिले की ऐतिहासिक धरोहर एवं स्वामी मुकुंदराव जी के समाधि स्थल, आस्था के केन्द्र प्राचीन शिव मंदिर खेड़ला किला (बैतूल) में क्षेत्र की सुख, समृद्धि एवं विश्व कल्याण के लिए पंच कुंडी महायज्ञ (Panch Kundi Mahayagya) का आयोजन समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से किया जा रहा है। विशाल महायज्ञ, काशी से आए महंत श्री बलरामपुरी जी नागा बाबा के सानिध्य में 21 से 28 फरवरी तक यज्ञाचार्य पंडित संतोष पाठक जी के द्वारा संपन्न कराया जाएगा।
विशाल यज्ञशाला हो गई है तैयार
पंचकुंडी शिवशक्ति महायज्ञ में लोगों को कई आकर्षण देखने को मिलेंगे। घास पूस एवं बांस-बल्लियों की सहायता से तीन मंजिला यज्ञशाला का निर्माण हुआ है। इस यज्ञशाला में यज्ञचार्य पंडित संतोष पाठक जी के द्वारा विधि-विधान व मंत्र उच्चारण के साथ यज्ञ हवन संपन्न करवाया जाएगा। यज्ञशाला के निर्माण किसी बाहर के कारीगर ने नहीं बल्कि मलकापुर निवासी मुन्ना लोहार ने सहयोगियों के साथ अपनी देखरेख में करवाया है। साथ ही महंतो के लिए महायज्ञ परिसर में ही ठहरने के लिए घास-फूस से बनी कुटियाओं का निर्माण किया गया है।

महायज्ञ के साथ होगी रामकथा
पंचकुंडी शिवशक्ति महायज्ञ के साथ ही मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की लीला, चरित्र गुणों की गाथा श्री राम कथा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक प्रतिदिन प्रसिद्ध रामकथाकार चित्रकूट धाम से आए पं. विमलेश महाराज के मुखारविंद से संगीतमय रसपान होगा। अयोजन 21 फरवरी से कलश यात्रा के साथ ही रामकथा का शुभारंभ होगा। 22 फरवरी को मंडप प्रवेश, 23 फरवरी अग्नि मंथन, 24 फरवरी रुद्राभिषेक, 25 फरवरी शिव शक्ति विवाह, 26 फरवरी अविवाहित देवताओं का हवन, 27 फरवरी पूर्णआहुति एवम 26 फरवरी को कन्या भोज के साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

यज्ञ से धर्म, अर्थ, मोक्ष की प्राप्ति होती है: बलराम पुरी नागा बाबा
मंत्रों के उच्चारण से जीव जगत का आध्यात्मिक कल्याण होता है। शिव की कृपा से जीवन में सदैव सुख, शांति, समृद्धि एवं पुण्य लाभ प्राप्त होता हैं। यज्ञ के हवन कुंड में अग्नि के माध्यम से देवताओं को अपनी इच्छा एवं कामना बताई जाती है। कुंड में अग्नि के द्वारा देवता तक हवि पहुंचाने की प्रक्रिया को यज्ञ कहते हैं। हवि वह पदार्थ है जिसकी हवन के दौरान अग्नि में आहुति दी जाती है। इसके प्रभाव से आसपास नेगेटिविटी एनर्जी का प्रभाव दूर हो जाता है एवं वातावरण शुद्ध हो जाता है। वेदों में हिंदू धर्म का प्रमुख कर्म यज्ञ को माना गया है। यज्ञ के आध्यात्मिक कारण के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी है। यज्ञ की पवित्र धूम्र से व्यक्ति के मस्तिष्क, फेफड़े और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तुरंत नष्ट हो जाती हैं एवं श्वसन तंत्र बेहतर तरीके से कार्य करने लगता है। नागा बाबा ने यज्ञ का लाभ लेकर यज्ञशाला की परिक्रमा कर पुण्य लाभ लेने की अपील की।
समापन पर होगा विशाल भंडारा
पंचकुंडी महायज्ञ एवं श्री रामकथा के समापन पर 28 फरवरी दिन सोमवार को कन्या भोज के साथ ही विशाल भंडारे प्रसादी का भी आयोजन रखा गया है। आयोजन समिति से जुड़े अरविंद गंगारे ने बताया कि यह समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से क्षेत्र की सुख शांति, समृद्धि एवं विश्व कल्याण के लिए के लिए आयोजन किया जा रहा है। दयाल पटेल, रामेश्वर पटेल, नीलम बेले, मोहन टिकमे, श्रीराम कारे, बीरबल गोचरे आदि ने पधारकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
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