मुलताई में एक परिवार ने मांगी इच्छा मृत्यु की अनुमति, इस कारण हुआ मजबूर

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    बैतूल जिले के मुलताई नगर के एक परिवार ने सालों तक कड़ी मेहनत कर ‘अपना घर’ का सपना पूरा करने पाई-पाई जोड़ी और जमीन खरीदी। इसके बावजूद ना तो अपनी ही खरीदी गई जमीन पर कब्जा मिल रहा है और ना ही वे अपना सपना साकार कर पा रहे हैं। तमाम शिकवा-शिकायतों और गुहार लगाने का भी कोई असर नहीं हुआ। अब हर तरफ से मायूस-निराश होकर इस परिवार ने इच्छा मृत्यु की मांग एसडीएम मुलताई को आवेदन देकर की है।

    मुलताई के अंबेडकर वार्ड निवासी सोनकली पत्नी राजकिशोर विश्वकर्मा ने परिवार के साथ तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम हरसिमरन प्रीत कौर को ज्ञापन सौंपा। सोनकली विश्वकर्मा ने सौंपे ज्ञापन में बताया कि उसके पति लोहार का काम कर परिवार का जीवन यापन करते हैं। हमने पाई-पाई जोड़ कर 17 दिसंबर 1999 को ग्राम कामथ में खसरा नंबर 84 /8 रकबा 0.056 भूमि खरीदी थी। इसका वर्ष 2017 में सीमांकन होने के बाद हमने यह भूमि कब्जे में लेकर सुरक्षा दीवार के लिए सीमेंट पोल लगाए थे, लेकिन भूमाफियाओं ने पोल उखाड़ कर फेंक दिए।

    इसकी हमने प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों के पास शिकायत भी की थी, लेकिन आज तक भूमि का कब्जा पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। फरवरी 2021 में पुनः सीमांकन के लिए आवेदन दिया, जिसके लिए लगने वाला शुल्क 17 हजार 540 रुपए भी जमा किया, लेकिन पटवारी ने सीमांकन नहीं किया। छह माह पूर्व मुख्यमंत्री ऑनलाइन में भी शिकायत की परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई। पति द्वारा एक सप्ताह पूर्व भूमि पर अस्थाई कब्जा किया तो भूमाफिया ने डराया-धमकाया। पुलिस भी भूमाफिया का ही साथ देकर हमें जमीन खाली करने के लिए दबाव बना रही है। इससे पूरा परिवार दहशत में है और पति रात-दिन कामथ की भूमि पर ही रह रहे हैं ।

    राजकिशोर विश्वकर्मा और सोनकली विश्वकर्मा तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने एसडीएम को ज्ञापन के साथ भूमि के सीमांकन और स्वामित्व के दस्तावेज सौंपकर खरीदी गई भूमि का स्थाई कब्जा दिलाने की गुहार लगाते हुए भूमि पर स्थाई रूप से कब्जा नहीं मिलने पर पूरे परिवार को इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है। एसडीएम ने विश्वकर्मा परिवार की शिकायत सुनने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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