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Vikram Samvat 2081: हिन्दू नववर्ष 2081… इस वर्ष का कौन होगा राजा, मंत्री और देश दुनिया पर क्या पड़ेगा इनका प्रभाव

Vikram Samvat 2081: Hindu New Year 2081... Who will be this year's king, minister and what will be their impact on the country and the world?

▪️ प्रिय पाठकों, मैं पंडित मधुसूदन जोशी आज इस लेख में हिन्दू नववर्ष पर जानकारी दे रहा हूं।

Vikram Samvat 2081: प्रति वर्षानुसार प्रत्येक हिन्दू नववर्ष की शुरुआत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। हिन्दू नववर्ष को विक्रम संवत के नाम से जाना जाता है। ब्रह्मपुराण के अनुसार ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मा जी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही सृष्टि का निर्माण किया था। अथर्ववेद में भी इस बात का संकेत मिलता है।

एक हिन्दू नववर्ष या एक विक्रम संवत में 12 महीने होते हैं जिसका आरंभ चैत्र माह से होता है और वहीं फाल्गुन महीना हिंदू कैलेंडर का आखिरी माह होता है। इस बार विक्रम संवत 2081 शुरू हो जाएगा और इस नव संवत्सर को ‘क्रोधी’ नाम से जाना जाएगा।

अलग-अलग मनाए जाते हैं पर्व (Vikram Samvat 2081)

पंडित मधुसूदन जोशी के अनुसार हिंदू नव वर्ष के दिन सिंधी समाज के लोग चेटीचंड का पर्व, महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, कर्नाटक में युगादि और आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में उगादी, गोवा और केरल में कोंकणी समुदाय के लोग संवत्सर पड़वो कश्मीर में नवरेह, मणिपुर में सजिबु नोंगमा पानबा का पर्व आदि मनाते हैं।

हर साल का राजा और मंत्री

पंडित मधुसूदन जोशी के अनुसार प्रत्येक वर्ष का एक राजा और एक मंत्री होता है जिनका आपसी सामंजस्य देश दुनिया पर अपना प्रभाव डालता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को जो वार होता है। वही वारेश वर्ष का राजा नियुक्त होता है। इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की शुरुआत 8 अप्रैल 2024 सोमवार को रात्रि 11 बजकर 50 मिनट और 44 सेकंड से होगी और सोमवार का वारेश चंद्र है। इसलिए इस वर्ष का राजा चंद्र होगा।

नववर्ष का राजा चंद्रमा ही क्यों? (Vikram Samvat 2081)

पंडित मधुसूदन जोशी के मुताबिक हिन्दू पंचांग के अनुसार एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय तक वार नहीं बदलता है जबकि तिथि दिन रात में कभी भी बदल सकती है ऐसा चंद्रमा की असीमित गति के कारण होता है। जब चन्द्रमा सूर्य से १२ अंश के कोण को पूरा कर लेता है तब एक तिथि समाप्त होकर दूसरी तिथि प्रारब्ध हो जाती है। सूर्य की चाल में माइक्रो सेकण्ड का अंतर नहीं पाया गया है। प्रतिपदा तिथि रात्रि में शुरू हो जाएगी तब 8 अप्रैल 2024 को सोमवार ही रहेगा और सोमवार का वारेश चंद्र है इसलिए वर्ष का राजा चंद्र होगा।

इस वर्ष का मंत्री कौन

सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के अनुसार वर्ष का मंत्री नियुक्त होता है। इसके अनुसार इस वर्ष का मंत्री शनि होगा।

नव विक्रम संवत और ग्रह विष्लेषण

पंडित मधुसूदन जोशी के अनुसार इस हिंदू नव वर्ष 2081 का राजा चंद्र और मंत्री शनि होगा। चंद्र और शनि दोनों एक दूसरे से भिन्न प्रकृति एवं प्रवृति के ग्रह हैं। वर्ष प्रतिपदा की कुंडली में केतु को छोड़कर अन्य सभी ग्रह सिर्फ 65 डिग्री के अंशात्मक दूरी में होंगे। वर्षेश चंद्र जलीय राशि में जलीय ग्रह शुक्र के साथ साथ सूर्य और राहु के साथ नजदीकी संबंध में होगा।

राजा चंद्र का मीन राशि, रेवती नक्षत्र में, सूर्य, राहु और शुक्र के साथ होगा और मंत्री शनि स्वराशि कुंभ राशि, वायु तत्व राशि में मंगल के साथ होगा। बुध मेष राशि, अग्नि तत्व राशि में वक्री और गंडांत में गुरु के साथ होगा। इस पर वैसे शनि की दृष्टि होगी जो मेष के मालिक मंगल के साथ होगा।

मंत्री शनि और राजा चंद्रमा का विश्व पटल पर प्रकाश

पंडित मधुसूदन जोशी के अनुसार यह वर्ष काफी कुछ उथल-पुथल वाला हो सकता है। चंद्र और शनि के हाथ में इस वर्ष का कमान आना और शनि का मजबूत होना कहीं न कहीं महापरिवर्तन की दस्तक, हर स्तर पर व्यापक बदलाव का, कशमकश की स्थिति का बनना, असमंजस की स्थिति का बनने का संकेत दे रहे हैं। इस वर्ष के महत्वपूर्ण संकेत यह परिणाम या प्रभाव दे सकते हैं

✿ ज्वालामुखी विस्फोट, चक्रवातीय तूफान, भूस्खलन, हिमस्खलन, आगजनी जैसे प्राकृतिक उत्पात की घटनाओं में इस वर्ष वृद्धि होगी।
✿ पश्चिमी यूरोपीय देशों और अमेरिका में राजनैतिक उथल पुथल की स्थिति के साथ साथ वैश्विक मंच पर अमेरिका की स्थिति पहले से और कमजोर हो सकती है।
✿ देश, काल का समर्थन प्राकृतिक आपदा के साथ साथ जलवायु परिवर्तन के लिए अनुकूल भूमि प्रदान कर रहे हैं।जलवायु परिवर्तन की वजह से स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याओं में वृद्धि होगी।
✿ लंबी अवधि तक चलनेवाली गर्मी की वजह से हिन्दू कुश रेंज में बाढ़ की स्थिति तो बनेगी ही साथ ही साथ जल संकट की स्थिति बनेगी। हिमस्खलन के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा।
⁠✿ भारतवर्ष के सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर में भूकंप, बाढ़ और बादल फटने के साथ साथ जल प्लावन की स्थिति बनेगी।भारत में कुछ क्षेत्रों में अंतर कलह, जातिगत संघर्ष, राजनैतिक द्वैष, आदि की स्थिति पैदा होना। भारत की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
✿ भारत, नेपाल, चीन,जापान के हिमालयन रेंज कुछ क्षेत्रों में भूकंप की स्थिति बनेगी। वहीं टेक्सास, मेक्सिको में आगजनी की स्थिति बनेगी। अमेरिका का टेक्सास और मेक्सिको सर्वाधिक प्रभावित होने वाले क्षत्रों में होगा।
✿ इस वर्ष गर्मी सामान्य से अधिक लम्बे समय तक चलेगी। सूखा संभावित क्षेत्र में वृद्धि के साथ साथ इस वर्ष लंबी अवधि तक चलने वाली गर्मी और अनियमित तथा अनुमान से कम बरसात की वजह से भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की जाएगी।
✿ विश्व के कई हिस्सों में अन्न संकट और आर्थिक संकट उत्पन्न होगा।
✿ कुछ समुद्री जीव जंतुओं जैसे कछुआ, कुछ वन्य जीवों, पशुओं, पक्षीयो के सामने खाद्यान्न संकट के साथ के अस्तित्व पर संकट पैदा होगा।

ध्यान रखने योग्य बातें (Vikram Samvat 2081)

पंडित मधुसूदन जोशी के अनुसार नव वर्ष राजा के निर्धारण के विषय पर चर्चा करनी इसलिए आवश्यक है क्योंकि प्रायः इसकी वजह से वर्षेश भिन्न हो जाता है। सही में कुछ और होता है और गणनात्मक त्रुटि की वजह से कुछ और हो जाता है। इसको बहुत स्पष्टता से समझने की जरूरत है। इस घालमेल की वजह से गलत वर्षेश का निर्धारण हो जाता है। गलत तथ्य के प्रकाशन के साथ साथ भ्रम की स्थिति बन जाती है।

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