Urea Gold Fertilizer: पीएम मोदी ने लांच की नई खाद, मिट्टी को होगा फायदा, बढ़ जाएगा उत्पादन, सरकार से अतिरिक्त सब्सिडी भी मिलेगी
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Urea Gold Fertilizer: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के किसानों के लिए नई खाद Gold Urea लांच कर दी है। यह खाद मिट्टी को फायदा पहुंचाएगी। इससे किसानों का उत्पादन बढ़ेगा।सरकार इस खाद को खरीदने के लिए अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। सल्फर लेपित यूरिया, जिसे यूरिया गोल्ड (Urea Gold Fertilizer) के नाम से जाना जाता है, के प्रयोग से मिट्टी में सल्फर की कमी दूर हो जाएगी। यह नया उर्वरक नीम-लेपित यूरिया की तुलना में अधिक किफायती और कारगर है, जो नाइट्रोजन के उपयोग से संबंधित उन्नत दक्षता, कम खपत और फसल की उन्नत गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।
किसानों को होगा बड़ा फायदा
यूरिया गोल्ड यूरिया की एक नई किस्म है जो सल्फर लेपित है और इसके इस्तेमाल से मिट्टी में सल्फर की कमी दूर किया जा सकेगा। सल्फर कोटेड यूरिया कम सल्फर वाली मिट्टी के लिए वरदान साबित होगी। अभी तक प्राप्त जानकारी के मुताबिक किसानों को इसे कम दाम पर मुहैया करवाने के लिए सरकार द्वारा इस पर अतिरिक्त सब्सिडी भी देगी। जो की इसे बनाने वाली कंपनियों को मिलेगी।
खेती के लिए क्यों जरूरी है सल्फर कोटिंग
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा के वैज्ञानिकों ने फरवरी में ही सरकार को इसके बारे में प्रजेंटेशन दिया था और जुलाई में इसकी शुरुआत कर दी गई। उन्होंने सरकार को बताया था कि सल्फर कोटिंग खेती के लिए कितना जरूरी है। बता दें कि नीम कोटेड यूरिया के संबंध में पूसा का रिसर्च पेपर 1971 में ही आ गया था, लेकिन इसकी शुरुआत 2015 में की गई। जबकि सल्फर कोडिंग को लेकर सरकार ने जल्दबाजी दिखाई, क्योंकि धरती की सेहत को ठीक करना जरूरी था। आने वाले समय में जिंक और वॉरेन कोटेड यूरिया भी लाई जाएगी, क्योंकि इन दोनों तत्वों की भी जमीन में भारी कमी है।
सल्फर कोटेड यूरिया की कुछ महत्वपूर्ण जानकारी
- मृदा में सल्फर की कमी को दूर करने और किसानों की इनपुट लागत को कम करने के लिए सल्फर कोटेड यूरिया (यूरिया गोल्ड) की शुरुआत की गई।
- उर्वरक की दीर्घायु बढ़ने के लिए यूरिया में ह्यूमिक एसिड मिलाया गया है। यह यूरिया की खपत को कम करेगा और उर्वरक के उपयोग को भी कम करेगा।
- ऐसा कहा जाता है कि 15 किलोग्राम यूरिया गोल्ड 20 किलोग्राम पारंपरिक यूरिया के बराबर है। सल्फर लेपित यूरिया के डायवर्सन को रोकता है।
- यह यूरिया की एक नई किस्म है, जो सल्फर से लेपित होगी। सल्फर लेपित यूरिया की शुरुआत से मिट्टी में सल्फर की कमी की समस्या का समाधान होगा।
- यह नवोन्मेषी उर्वरक, नीम-लेपित यूरिया की तुलना में अधिक किफायती और प्रभावी है, पौधों में नाइट्रोजन उपयोग की दक्षता में सुधार करता है, उर्वरक की खपत कम करता है और फसल की गुणवत्ता बढ़ाता है।
- सल्फर कोटेड यूरिया नाइट्रोजन को धीमी गति से जारी करने में मदद करता है, जिससे इसकी उपलब्धता और उपभोग बढ़ जाता है।
ONDC पर शामिल 1600 FPO का शुभारंभ
अगले पांच वर्षों के दौरान 10,000 नए FPO स्थापित करने के लिए 6,865 करोड़ रुपये के कुल बजट के साथ एफपीओ संबंधी इस पहल की शुरुआत फरवरी 2020 में की गई थी। आज तक 6,319 एफपीओ पंजीकृत किए गए हैं (188.3 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी और 11.96 लाख किसान)। ओएनडीसी (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) 1600 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को शामिल किए जाने का साक्षी बना। ओएनडीसी डिजिटल मार्केटिंग तक सीधी पहुंच, ऑनलाइन भुगतान, बी2बी और बी2सी लेनदेन की सुविधा के साथ एफपीओ को सशक्त बनाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स के विकास को उत्प्रेरित करते हुए स्थानीय मूल्यवर्धन को प्रोत्साहित करता है।


