Silver Price Today India: चांदी ने बनाया नया इतिहास, साल के अंत में रिकॉर्ड भाव, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
Silver Price Today India: साल 2025 के आखिरी दिनों में सर्राफा बाजार ने आम लोगों से लेकर निवेशकों तक सभी को चौंका दिया है। खासतौर पर चांदी ने ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि इसके दाम इतिहास के सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल हो गए हैं। शादी-ब्याह और घरेलू जरूरतों के साथ-साथ उद्योगों और निवेशकों की बढ़ती मांग ने चांदी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। 28 दिसंबर को जारी ताजा भावों ने साफ कर दिया है कि आने वाला समय चांदी के लिए और भी अहम हो सकता है।
साल के अंत में चांदी ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड
2025 के खत्म होने से ठीक पहले चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। देश के प्रमुख शहरों में चांदी के भाव 2 लाख 40 हजार से 2 लाख 51 हजार रुपए प्रति किलोग्राम के बीच पहुंच गए हैं। दिल्ली, मुंबई, जयपुर, लखनऊ, अहमदाबाद और पटना जैसे शहरों में चांदी 2 लाख 51 हजार रुपए प्रति किलो बिक रही है, जबकि लुधियाना में इसके दाम 2 लाख 40 हजार 100 रुपए दर्ज किए गए हैं। यह स्तर अब तक के सबसे ऊंचे भावों में गिना जा रहा है।
सोना भी महंगा, लेकिन चांदी रही ज्यादा चर्चा में
जहां एक ओर सोने की कीमतों ने भी रिकॉर्ड बनाया है, वहीं चांदी की तेजी ने बाजार की सारी सुर्खियां बटोर ली हैं। पिछले एक हफ्ते में सोने के दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन चांदी की चाल उससे भी ज्यादा तेज रही। निवेशकों का एक बड़ा वर्ग अब सोने के साथ-साथ चांदी को भी सुरक्षित निवेश के तौर पर देखने लगा है। इसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
आज का सोने का भाव (28 दिसंबर 2025)
देश के प्रमुख शहरों में आज सोने की कीमतें इस प्रकार रहीं।
- दिल्ली
22 कैरेट: 1,29,600 रुपये प्रति 10 ग्राम
24 कैरेट: 1,41,370 रुपये प्रति 10 ग्राम
- भोपाल
22 कैरेट: 1,29,500 रुपये प्रति 10 ग्राम
24 कैरेट: 1,41,270 रुपये प्रति 10 ग्राम
- मुंबई
22 कैरेट: 1,29,450 रुपये प्रति 10 ग्राम
24 कैरेट: 1,41,220 रुपये प्रति 10 ग्राम
- हैदराबाद
22 कैरेट: 1,29,450 रुपये प्रति 10 ग्राम
24 कैरेट: 1,41,220 रुपये प्रति 10 ग्राम
- जयपुर
22 कैरेट: 1,29,600 रुपये प्रति 10 ग्राम
24 कैरेट: 1,41,370 रुपये प्रति 10 ग्राम
- लखनऊ
22 कैरेट: 1,29,600 रुपये प्रति 10 ग्राम
24 कैरेट: 1,41,370 रुपये प्रति 10 ग्राम
- चंडीगढ़
22 कैरेट: 1,29,600 रुपये प्रति 10 ग्राम
24 कैरेट: 1,41,370 रुपये प्रति 10 ग्राम
- अहमदाबाद
22 कैरेट: 1,29,500 रुपये प्रति 10 ग्राम
24 कैरेट: 1,41,270 रुपये प्रति 10 ग्राम
- कोलकाता
22 कैरेट: 1,29,450 रुपये प्रति 10 ग्राम
24 कैरेट: 1,41,220 रुपये प्रति 10 ग्राम
- चेन्नई
22 कैरेट: 1,29,450 रुपये प्रति 10 ग्राम
24 कैरेट: 1,41,220 रुपये प्रति 10 ग्राम
आज का चांदी का भाव (28 दिसंबर 2025)
आज चांदी ने रिकॉर्ड स्तर के आसपास कारोबार किया है। प्रमुख शहरों में एक किलो चांदी के दाम इस प्रकार रहे।
- दिल्ली: 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम
- मुंबई: 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम
- जयपुर: 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम
- लखनऊ: 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम
- अहमदाबाद: 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम
- कोलकाता: 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम
- पटना: 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम
- मेरठ: 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम
- पुणे: 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम
- लुधियाना: 2,40,100 रुपये प्रति किलोग्राम
नोट: ये भाव औसत बाजार दरों पर आधारित हैं। स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज और शहर के हिसाब से कीमतों में थोड़ा अंतर संभव है। शनिवार और रविवार को आधिकारिक रेट जारी नहीं होते, इसलिए खुदरा बाजार में मामूली बदलाव देखने को मिल सकता है।
एक हफ्ते में बाजार का बदला मिजाज
बीते सात दिनों में सर्राफा बाजार पूरी तरह बदल गया। जहां पहले कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ था, वहीं अब तेजी ने स्थायी रूप ले लिया है। सोने के 24 कैरेट भाव में एक हफ्ते में 7 हजार रुपए से ज्यादा का उछाल आया, लेकिन चांदी की कीमतें लगातार ऊपर चढ़ती रहीं। इसका कारण सिर्फ आभूषणों की मांग नहीं, बल्कि औद्योगिक जरूरतों में आया बड़ा बदलाव भी है।
औद्योगिक मांग ने चांदी को दी नई ताकत
विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों में आई इस तेजी का सबसे बड़ा कारण इसका बढ़ता औद्योगिक उपयोग है। इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसके अलावा सौर ऊर्जा परियोजनाओं, सेमीकंडक्टर उद्योग और बड़े डेटा सेंटरों में भी चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है। हरित ऊर्जा और डिजिटल तकनीक के विस्तार ने चांदी को भविष्य की अहम धातु बना दिया है।
चांदी की आपूर्ति कम और मांग ज्यादा
कई सालों से चांदी की वैश्विक आपूर्ति मांग के मुकाबले कम बनी हुई है। खनन की गति उतनी तेज नहीं है, जितनी तेजी से इसकी खपत बढ़ रही है। यही वजह है कि बाजार में उपलब्ध चांदी सीमित होती जा रही है। जब आपूर्ति कम और मांग ज्यादा होती है, तो कीमतों में उछाल आना तय माना जाता है। इसी समीकरण ने निवेशकों के भरोसे को और मजबूत किया है।
ईटीएफ निवेश से मिला अतिरिक्त सहारा
चांदी आधारित ईटीएफ में भी भारी निवेश देखा जा रहा है। निवेशक सीधे भौतिक चांदी खरीदने के बजाय ईटीएफ के जरिए इसमें पैसा लगा रहे हैं। इससे बाजार में मांग और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईटीएफ निवेश ने चांदी की कीमतों को एक मजबूत आधार दिया है, जिससे गिरावट की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।
ब्याज दरों में कटौती का असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा हाल ही में ब्याज दरों में की गई कटौती ने भी चांदी को फायदा पहुंचाया है। कम ब्याज दरों के माहौल में निवेशक बैंक और बॉन्ड से हटकर कीमती धातुओं की ओर रुख करते हैं। यही कारण है कि चांदी और सोना दोनों में निवेश बढ़ा है। साथ ही अगले साल भी ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे चांदी की चमक और बढ़ सकती है।
डॉलर की कमजोरी ने बिगाड़े हालात
डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने घरेलू बाजार में चांदी को और महंगा बना दिया है। इसके अलावा दुनिया भर में चल रही भू-राजनीतिक घटनाओं का असर भी साफ दिख रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध, वेनेजुएला के तेल पर अमेरिकी प्रतिबंध और नाइजीरिया में हुए सैन्य हमलों जैसी घटनाओं ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा है। चांदी इस स्थिति में एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरी है।
- यह भी पढ़ें : Silver Price Forecast: अगले साल 200 डॉलर तक जा सकती है चांदी, रॉबर्ट कियोसाकी के दावे से बाजार में हलचल
एमसीएक्स में चांदी का ऐतिहासिक स्तर
घरेलू वायदा बाजार में भी चांदी ने नया इतिहास रचा है। एमसीएक्स में मार्च कॉन्ट्रैक्ट के भाव 2 लाख 32 हजार 741 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। यह स्तर अब तक के सबसे ऊंचे भावों में शामिल है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अगर मौजूदा हालात बने रहते हैं, तो आने वाले महीनों में चांदी और नई ऊंचाइयों को छू सकती है।
आने वाले सालों को लेकर अनुमान
विश्लेषकों के मुताबिक 2026 में चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। हालांकि अगले साल के लिए ज्यादातर विशेषज्ञ 70 से 85 डॉलर प्रति औंस के दायरे की उम्मीद जता रहे हैं। औद्योगिक मांग और निवेश के रुझान को देखते हुए चांदी का भविष्य फिलहाल मजबूत नजर आ रहा है।
जोखिम भी नजरअंदाज नहीं
हालांकि तेजी के बीच कुछ जोखिम भी बताए जा रहे हैं। एक्सिस म्यूचुअल फंड सहित कुछ संस्थानों ने चेतावनी दी है कि अगर चांदी के दाम जरूरत से ज्यादा बढ़ते हैं, तो ईटीएफ से निकासी शुरू हो सकती है। इसके अलावा तांबे जैसी अन्य औद्योगिक धातुओं की कीमतों में गिरावट का असर भी चांदी पर पड़ सकता है। इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।
- यह भी पढ़ें : कैसे ‘Rich Dad Poor Dad’ ने बदल दी करोड़ों लोगों की सोच, जानिए रॉबर्ट कियोसाकी की कहानी
घर बैठे ऐसे जानें ताजा भाव
सर्राफा बाजार में शनिवार और रविवार को आधिकारिक रेट जारी नहीं होते, इसलिए खुदरा कीमतों में थोड़ा फर्क हो सकता है। फिर भी आम लोग घर बैठे ताजा भाव जान सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से दी गई सुविधा के तहत 8955664433 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर एसएमएस के जरिए सोने और चांदी के ताजा दाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
भविष्य की यह हो सकती है तस्वीर
कुल मिलाकर मौजूदा हालात चांदी के पक्ष में नजर आ रहे हैं। बढ़ती औद्योगिक जरूरत, सीमित आपूर्ति, ईटीएफ निवेश और वैश्विक अनिश्चितताओं ने चांदी को मजबूत सहारा दिया है। आने वाले समय में यह धातु निवेशकों और बाजार दोनों के लिए चर्चा का केंद्र बनी रह सकती है।
सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-
- हमारे यूट्यूब चैनल पर खबरें देखने के लिए : यहां क्लिक करें
- वाट्सअप चैनल पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक ग्रुप पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक पेज पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- एक्स पर खबरें पाने के लिए: यहां क्लिक करें
देश-दुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com



