Silver Price Today: पहले रिकॉर्ड बनाया, फिर औंधे मुंह गिरी चांदी, कुछ घंटों में 21 हजार रुपये सस्ती, खरीदारी की लगी होड़

Silver Price Today: सोमवार को चांदी के बाजार में ऐसा उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसने निवेशकों को कुछ घंटों के भीतर ही खुशी और चिंता दोनों का एहसास करा दिया। दिन की शुरुआत में चांदी ने जबरदस्त तेजी दिखाते हुए रिकॉर्ड स्तर छू लिया, लेकिन दोपहर होते-होते तस्वीर पूरी तरह बदल गई। अचानक आई भारी गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी और निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर कुछ ही समय में ऐसा क्या हुआ, जिससे कीमतें तेजी से नीचे आ गईं।

सुबह की तेजी ने बनाया रिकॉर्ड

सोमवार, 29 दिसंबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया। सुबह के कारोबार में चांदी करीब 6 प्रतिशत की तेजी के साथ आगे बढ़ी और पहली बार 2,54,174 रुपये प्रति किलो के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई। इस उछाल ने शुरुआती निवेशकों को बड़ा फायदा दिलाया। बाजार में तेजी देखकर कई नए निवेशक भी सक्रिय हुए और माहौल पूरी तरह उत्साह से भरा नजर आया।

दोपहर में बदली बाजार की दिशा

हालांकि यह तेजी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी। दोपहर के कारोबार में अचानक जोरदार बिकवाली शुरू हो गई। मुनाफा कमाने के लिए निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी होल्डिंग बेचनी शुरू कर दी। इसका असर यह हुआ कि चांदी की कीमतें तेजी से नीचे फिसल गईं और इंट्राडे में 2,33,120 रुपये प्रति किलो के निचले स्तर तक पहुंच गईं। यानी कुछ ही घंटों में चांदी करीब 21,000 रुपये सस्ती हो गई।

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वैश्विक संकेतों से प्रभावित घरेलू बाजार

घरेलू बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम की अहम भूमिका रही। चांदी और सोने जैसी कीमती धातुओं को आमतौर पर सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन जब वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने के संकेत मिलते हैं, तो इन धातुओं की मांग घटने लगती है। सोमवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर सकारात्मक संकेत

चांदी की कीमतों में अचानक आई कमजोरी की सबसे बड़ी वजह रूस और यूक्रेन युद्ध से जुड़ी एक सकारात्मक खबर मानी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान के अनुसार दोनों देशों के बीच किसी समझौते की संभावना बढ़ती दिख रही है। जैसे ही बाजार को यह संकेत मिला कि भू-राजनीतिक तनाव कम हो सकता है, निवेशकों ने सुरक्षित निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी। इसका सीधा असर चांदी और सोने की मांग पर पड़ा।

मुनाफा वसूली से बढ़ा दबाव

तनाव कम होने की उम्मीद के साथ ही दुनियाभर के बड़े ट्रेडर्स और निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफा वसूली शुरू कर दी। जब बड़ी मात्रा में बिकवाली होती है, तो कीमतों पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। चांदी के साथ भी यही हुआ और कुछ ही समय में तेजी मंदी में बदल गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखी हलचल

भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोमवार को स्पॉट सिल्वर पहली बार 84 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंची। लेकिन यह मजबूती ज्यादा देर नहीं टिक सकी। करीब 70 मिनट के भीतर ही कीमतें 75 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गईं। इतनी तेज गिरावट ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भी चौंका दिया।

मार्जिन बढ़ने से बढ़ी बिकवाली

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट की एक अहम वजह शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज का फैसला भी माना जा रहा है। एक्सचेंज ने सिल्वर फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए इनिशियल मार्जिन की राशि बढ़ा दी है। मार्च 2026 के अनुबंधों के लिए अब निवेशकों को पहले के 20,000 डॉलर की जगह 25,000 डॉलर मार्जिन जमा करना होगा। मार्जिन बढ़ने से निवेश की लागत बढ़ गई, जिससे कई निवेशकों को अपनी पोजीशन कम करनी पड़ी। इसका नतीजा यह हुआ कि बिकवाली और तेज हो गई।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत

चांदी में आए इस बड़े उतार-चढ़ाव ने साफ कर दिया है कि कमोडिटी बाजार फिलहाल बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। वैश्विक घटनाओं, नीतिगत फैसलों और निवेशकों की धारणा का असर कीमतों पर तुरंत पड़ रहा है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और किसी भी फैसले से पहले बाजार की चाल को समझने की जरूरत है।

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