Show cause notice: आधा दर्जन पंचायत सचिवों को थमाए कारण बताओ नोटिस, छह माह बाद भी पूरे नहीं किए स्वच्छता परिसर, वेतन वृद्धि रोकने की चेतावनी

बैतूल जिले की जनपद पंचायत आठनेर की छः ग्राम पंचायतों में स्वीकृत सामुदायिक स्वच्छता परिसर छः माह बाद भी अपूर्ण हैं। निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले आधा दर्जन ग्राम पंचायत सचिवों को जिला पंचायत सीईओ अभिलाष मिश्रा ने 23 मार्च को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 4 अप्रैल को नोटिस का जवाब जिला पंचायत सीईओ के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत करना है। ऐसा नहीं करने वाले पंचायत सचिव की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी जायेगी। जिला पंचायत सीईओ ने पंचायत सचिवों को 4 अप्रैल तक अपूर्ण सामुदायिक स्वच्छता परिसर पूर्ण करने की डेड लाइन तय की है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक जनपद पंचायत आठनेर अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरवाड़ा, अक्कलवाड़ी, धामोरी, बरखेड़, गुनखेड़ मानी में स्वच्छ भारत मिशन के तहत सितंबर 2021 में सामुदायिक स्वच्छता परिसर निर्माण कार्य स्वीकृत कर बजट आवंटित किया गया था। 6 माह बाद भी सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण पूर्ण नहीं किया गया है। जिला पंचायत सीईओ द्वारा निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण अपूर्ण होने में पंचायत सचिवों की लापरवाही पाई थी।
छः ग्राम पंचायतों में अधूरे सामुदायिक स्वच्छता परिसरों की समीक्षा हेतु जिला पंचायत सीईओ ने 21 मार्च को संबंधित ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवों को तलब किया था परंतु पंचायत सचिवों ने उक्त निर्माण कार्यों को पूर्ण करने हेतु कोई ठोस आधार एवं समय सीमा के संबंध में जिपं सीईओ को अवगत नहीं कराया।
परिणाम स्वरूप जिला पंचायत सीईओ अभिलाष मिश्रा ने शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही एवं अनियमितता किये जाने के कारण प्रयागराव कवड़कर सचिव ग्रापं खैरवाड़ा, लक्खू कास्दे सचिव ग्रापं अक्कलवाड़ी, रामकृष्ण सोनारे सचिव ग्राम पंचायत धामोरी, संध्या अडलक सचिव ग्राम पंचायत बरखेड़, सुनीता झरबड़े सचिव ग्राम पंचायत गुनखेड़ तथा सूर्यकांत झरबड़े सचिव ग्राम पंचायत मानी के विरूद्ध जिला स्तर से अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रूकेगी
जिला पंचायत सीईओ बैतूल द्वारा जनपद पंचायत आठनेर के 6 पंचायत सचिवों को जारी नोटिस में उल्लेख किया है कि उनका कृत्य मप्र पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती और सेवा की शर्ते) नियम 2011 के संशोधित नियम अगस्त 2017 के विपरीत होकर स्वेच्छाचारी प्रवृत्ति का होकर लापरवाही एवं अनियमितता की श्रेणी में आता है।
जिला पंचायत सीईओ ने पंचायत सचिवों को निर्देश दिये है कि उक्त कृत्य के संबंध में निर्माण कार्य पूर्ण कर अपना स्पष्टीकरण उनके समक्ष में उपस्थित होकर 4 अप्रैल 2022 को प्रस्तुत करें। स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में मप्र पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती और सेवा की शर्ते) नियम 2011 के संशोधित नियम अगस्त 2017 के निय 7 (3) (ख) के तहत उचित दण्ड अधिरोपित करते हुए एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने का निर्णय लिया जायेगा।



