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Shivraj Singh Chauhan: कृषि मंत्री शिवराज बोले- खरपतवार दवाई से जल गई फसल, कंपनियों पर होगी सख्त कार्रवाई

Shivraj Singh Chauhan: स्वतंत्रता दिवस पर भारत सरकार के आमंत्रण पर विशेष अतिथि के रूप में दिल्ली आए किसानों से आज पूसा परिसर नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर किसानों से विस्तार से चर्चा की।

कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि फाइल में नहीं, जिंदगी में दिखने का मतलब क्या है? खाद आ रहा है लेकिन किसान तक ठीक से जा रहा है या नहीं? मैं कल अपने क्षेत्र में गया था, किसानों ने बताया कि एक दवाई डाली और फसल ही जल गई। खरपतवार जलाने के लिए दवाई थी, लेकिन फसल जल गई। तब तय किया कि एफआईआर करें। ऐसी कंपनियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। हर योजना का लाभ ढंग से कैसे किसान को मिले, कैसे किसान तक पहुंचे, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

स्वदेशी अपनाने से होंगे यह फायदे (Shivraj Singh Chauhan)

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्वदेशी का मतलब है अपने देश में बनी हुई चीज। प्रधानमंत्री ने कहा है स्वदेशी का इस्तेमाल करो। अगर हमारे गांव के आस-पास बनी, गांव में बनी, सेल्फ हेल्प ग्रुप की जो चीजें, जिन्हें बहनों ने बनाया है खरीदेंगे तो लाखों लोगों को रोजगार देने का काम अपने देश में ही किया जा सकता है। हमारे कुम्हार के दीये खरीदकर दिवाली का दीया जलाएंगे तो आपका घर भी प्रज्ज्वलित होगा और कुम्हार भाइयों-बहनों के घर भी रोजगार से रोशन हो जाएंगे।

बिना ड्यूटी के कृषि उत्पाद जाएंगे इंग्लैंड (Shivraj Singh Chauhan)

उन्होंने कहा कि हम दुनिया को परिवार मानते हैं वसुधैव कुटुंबकम का भाव हमारे मन में है, यह समझौता होता है बराबरी का, यूके से हमने समझौता किया बराबरी का। हमारे देश के किसान भाइयों-बहनों बिना ड्यूटी टैक्स के हमारे कृषि उत्पाद अब इंग्लैंड जाएंगे। यह समझौता किया बिना टैक्स के जाएंगी।

अमेरिकी दबाव पर कहीं यह बात (Shivraj Singh Chauhan)

श्री चौहान ने कहा कि कोई यह कहे कि समझौता ऐसा हो जाए जिससे उनके देश का सामान हमारे यहां भर जाए, मक्का आ जाए, सोयाबीन आ जाए, गेहूं आ जाए तो हमारा और उनका कोई मुकाबला नहीं है। उनके यहां बड़े-बड़े कृषि फार्म, 10 हजार, 15 हजार, 20 हजार हेक्टेयर के और हमारे यहां एक एकड़, दो एकड़, तीन एकड़, 4 एकड़, 5 एकड़, 5 एकड़ वाले तो बहुत ही कम बचे हैं, कोई मुकाबला है।

… तो मर जाता भारत का किसान (Shivraj Singh Chauhan)

ऐसा कोई समझौता हो जाता तो भारत का किसान मर जाता, सस्ती चीजों की बाढ़ लग जाती। हमारा सामान सस्ता बिकता तो लागत नहीं निकलती, कीमतें गिर जाती और इसलिए किसान भाइयों कृषि मंत्री होने के नाते मैं आप सबकी तरफ से भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कह दिया कोई ऐसा समझौता नहीं होगा जो किसान के हितों के खिलाफ जाए।

कृषि विभाग ने ताकत के साथ अपनी बात रखी कि कोई ऐसा समझौता नहीं है जो हमारे किसान के हितों को प्रभावित करें। हमारे किसान, हमारे पशुपालक, भैंस, गाय पालने वाले, हमारे मछुआरे उनके हित सुरक्षित रखे जाएंगे। भारत अब ऐसा नहीं रहा कि कोई आंख दिखाये तो भारत डर जाए। (Shivraj Singh Chauhan)

अक्टूबर में फिर गांवों में जाएंगे वैज्ञानिक (Shivraj Singh Chauhan)

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार जनता की जिंदगी में दिखे, इसलिए हमारे कृषि वैज्ञानिक पहली बार गांव-गांव गए, किसानों के बीच लैब को लैंड तक पहुंचाया, ताकि किसान और विज्ञान मिलकर कैसे अच्छा उत्पादन करें, उसके लिए साथ मिलकर काम कर सकें। अभी फिर निकलने वाले हैं, 3 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक। हम रबी की फसल के लिए कॉन्फ्रेंस 2 दिन की करने वाले हैं ताकि जनता की जि़ंदगी बदल सकें। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और किसान उसकी आत्मा, अगर मैं कृषि मंत्री हूं तो मैं ये मानता हूं कि किसानों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा है। (Shivraj Singh Chauhan)

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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