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Russell Viper: सब स्टेशन में छिपा बैठा था यह भयानक जहरीला सांप, सर्प मित्र ने आधा घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा

Russell Viper: This terrible poisonous snake was hiding in the sub-station, the snake friend caught it after half an hour's effort.

Russell Viper: सब स्टेशन में छिपा बैठा था यह भयानक जहरीला सांप, सर्प मित्र ने आधा घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ा▪️ राकेश अग्रवाल, मुलताई

Russell Viper: मुलताई ब्लॉक के नगरकोट में बिजली कंपनी के सब स्टेशन के अंदर रसल वाइपर (Russell Viper) सांप निकलने से हड़कंप मच गया। सांप दिखते ही सब स्टेशन के अंदर बैठे कर्मचारी बाहर भाग गए एवं तुरंत इसकी सूचना सर्पमित्र को दी गई। सूचना पाकर सर्पमित्र मौके पर पहुंचे और उन्होंने साप का रेस्क्यू पर उसे जंगल में छोड़ा है।

सर्पमित्र श्रीकांत विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बिजली कंपनी में सांप घुस गया है। जब वे मौके पर पहुंचे तो बैटरी के नीचे साँप छुपा हुआ था। सांप को पकड़ने पर पता चला कि यह जहरीला रसल वाइपर (Russell Viper) सांप है। इस के काटने से व्यक्ति की मौत हो सकती है। आधे घंटे की मशक्कत के बाद सांप हाथ में आया, जिसे बाद में जंगल में छोड़ा गया है।

यहां देखें वीडियो(Russell Viper)….

सबसे जहरीले सांपों में से एक है रसल वाइपर (Russell Viper)

रसल वाइपर को भारत का सबसे जहरीला सांप माना जाता है। श्रीकांत ने बताया कि भारत में सर्पदंश से होने वाली मौतों में सबसे अधिक रसेल वाइपर ही जिम्मेदार हैं। इस सांप में होमोटॉक्सिन नामक जहर पाया जाता है, जो इंसान के शरीर में मिलते ही रक्त को थक्का बना देता है और मल्टीपल ऑर्गेन फेल्योर से पीड़ित की मौत हो जाती है। बताया जाता है कि अमूमन इस सांप का जहर दस मिनट के अंदर ही असर करने लगता है। समय पर समुचित इलाज की व्यवस्था हो तब भी बचने की संभावना आंशिक ही रहती है।

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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