Reliance AGM 2025: मुकेश अंबानी ने सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 48वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में कई बड़े एलान किए। सबसे अहम घोषणा जियो के आईपीओ (IPO) की रही, जिसे अगले साल जून 2026 तक लाने की योजना है। उन्होंने कहा कि यह कदम ग्लोबल स्तर पर निवेशकों के लिए मूल्य सृजन करेगा।
इस बैठक में कंपनी ने न केवल शेयर बाजार से जुड़े अहम फैसले लिए, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नई टेक्नोलॉजी और रिटेल कारोबार से संबंधित रणनीतियों का भी खुलासा किया। आइए जानते हैं AGM की खास बातें विस्तार से—
जियो का IPO: निवेशकों के लिए बड़ा मौका
मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो को शेयर बाजार में लिस्ट करने का फैसला कंपनी और निवेशकों दोनों के लिए फायदेमंद होगा।
- यह IPO जून 2026 तक लाया जाएगा।
- इसका मकसद वैश्विक स्तर पर शेयरधारकों के लिए “वैल्यू अनलॉक” करना है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि जियो का IPO भारतीय शेयर बाजार का सबसे बड़ा इवेंट हो सकता है।
रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स अब बनेगा डायरेक्ट सब्सिडियरी
AGM में घोषणा की गई कि रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) अब सीधे रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी होगी।
- इस फैसले से सभी उपभोक्ता ब्रांड एक ही छतरी के नीचे आ जाएंगे।
- रिलायंस रिटेल की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा कि भारत का कंज्यूमर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और इसमें कंपनी को अपार संभावनाएं दिख रही हैं।
- देश के मध्यवर्ग की खरीदारी क्षमता लगातार बढ़ रही है, जो ब्रांडेड प्रोडक्ट्स की मांग को और मजबूत करेगी।
नई सब्सिडियरी: रिलायंस इंटेलिजेंस
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक और नई सहायक कंपनी “रिलायंस इंटेलिजेंस” बनाने का ऐलान किया है। इसका मुख्य उद्देश्य AI और डिजिटल सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करना होगा।
AI-रेडी क्लाउड पीसी की लॉन्चिंग
जियो ने AGM में एक नई इनोवेशन का एलान किया—AI-रेडी क्लाउड पीसी।
- यह डिवाइस किसी भी टीवी या स्क्रीन को हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटर में बदल सकता है।
- यूजर्स को अब महंगे लैपटॉप या डेस्कटॉप खरीदने की जरूरत नहीं होगी।
- जियो का सेट-टॉप बॉक्स, कीबोर्ड जोड़कर, टीवी को सीधे क्लाउड से चलने वाले पीसी में बदल देगा।
- इसका फायदा यह है कि स्टोरेज और कंप्यूटिंग पावर रिमोटली अपग्रेड की जा सकेगी।
यह तकनीक उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है जिन्हें बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग पावर की जरूरत है लेकिन महंगे हार्डवेयर पर खर्च नहीं करना चाहते।
जियो की नई डिजिटल सर्विसेज
AGM में जियो ने कुछ और नई सेवाओं की झलक दिखाई—
- RIYA: वॉइस बेस्ड कंटेंट सर्च टूल
- वॉइस प्रिंट: भारतीय भाषाओं में AI डबिंग और लिप सिंक
- JioLenZ: पर्सनलाइज्ड व्यूइंग ऑप्शन
- MaxView 3.0: मल्टी-एंगल और मल्टी-लैंग्वेज में लाइव क्रिकेट देखने का नया अनुभव
इन फीचर्स की मदद से उपभोक्ताओं को मनोरंजन और कंटेंट देखने का बिल्कुल नया अंदाज मिलेगा।
गूगल के साथ AI साझेदारी
AGM में सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी साझेदारी की घोषणा भी हुई।
- रिलायंस और गूगल मिलकर AI टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे।
- इस साझेदारी का लक्ष्य भारत में स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
- रिलायंस की मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता और गूगल की क्लाउड तथा AI टेक्नोलॉजी मिलकर एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करेंगे।
- इस साझेदारी से रिलायंस के टेलीकॉम, रिटेल, एनर्जी और फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार में क्रांतिकारी बदलाव लाए जाएंगे।
मेटा के साथ नया AI वेंचर
मुकेश अंबानी ने AGM में मेटा के साथ एक खास साझेदारी की भी घोषणा की।
- इस जॉइंट वेंचर का मकसद भारत के लिए एंटरप्राइज-रेडी AI सॉल्यूशंस लाना है।
- मेटा के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि यह साझेदारी भारतीय बिजनेस को और तेज गति से आगे बढ़ने में मदद करेगी।
- दोनों कंपनियां मिलकर “ओपन-सोर्स AI मॉडल्स” को भारत में उपलब्ध कराएंगी।
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जियो की यात्रा: 2016 से अब तक
जियो की शुरुआत 2016 में हुई थी।
- फ्री डेटा और कॉलिंग सर्विस देकर जियो ने भारतीय टेलीकॉम मार्केट में हलचल मचा दी थी।
- एयरटेल और वोडाफोन जैसी पुरानी कंपनियों को कड़ी चुनौती मिली।
- 4G के बाद अब जियो 5G और 6G तकनीक पर काम कर रहा है।
- आज जियो भारत का सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क है और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर भी।
AGM में मुकेश अंबानी के अन्य बड़े बयान
- “AI हमारी पीढ़ी की कामधेनु है और रिलायंस इसे अपने सभी कारोबार में शामिल कर रहा है।”
- “भारत की GDP हर साल 10% की रफ्तार से बढ़ सकती है। अगले दो दशकों में प्रति व्यक्ति आय 4-5 गुना हो सकती है।”
- FY25 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 10.71 लाख करोड़ रुपये रहा और शुद्ध मुनाफा 81,309 करोड़ रुपये।
- कंपनी का सरकारी खजाने में योगदान 2.10 लाख करोड़ रुपये रहा।
- फिलहाल 6.8 लाख कर्मचारी कंपनी में काम कर रहे हैं, जो भविष्य में 10 लाख से अधिक हो जाएंगे।
शेयर बाजार पर असर
AGM के दिन रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
- शेयर सुबह 1381 रुपये पर खुला और 1403 का उच्च स्तर बनाया।
- इसके बाद यह करीब 1.5% गिरकर 1367 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
- हालांकि पिछले छह महीनों में शेयर में 15% से ज्यादा की तेजी देखी गई है।
टेलीकॉम या रिटेल तक सीमित नहीं
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 48वीं AGM ने यह साफ कर दिया कि कंपनी सिर्फ टेलीकॉम या रिटेल तक सीमित नहीं है, बल्कि AI और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे भविष्य की टेक्नोलॉजी में भी बड़ा दांव खेलने जा रही है। जियो का IPO, मेटा और गूगल के साथ साझेदारी और AI-रेडी क्लाउड पीसी जैसी इनोवेशन भारतीय डिजिटल इकोसिस्टम को नई दिशा देंगे।
आने वाले वर्षों में रिलायंस की रणनीतियां न केवल उसके कारोबार को नई ऊंचाई पर ले जाएंगी, बल्कि भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर बनाने में भी अहम योगदान देंगी।
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