Railway ID Proof Rule: अब बिना पहचान पत्र रेल यात्रा की तो खैर नहीं, रेलवे करेगा यह सख्त कार्रवाई, आदेश हुए जारी
Railway ID Proof Rule: आरक्षित टिकट पर सफर करने वालों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य, नहीं दिखाने पर जुर्माना और कार्रवाई तय

Railway ID Proof Rule: रेलवे से आरक्षित टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब सतर्क रहना जरूरी हो गया है। रेलवे बोर्ड ने यात्रा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से पहचान सत्यापन से जुड़े नियमों को सख्त कर दिया है। नए निर्देशों के तहत अब पहचान पत्र न दिखाने पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे का कहना है कि इस कदम से फर्जी टिकट, गलत आरक्षण और अवैध यात्रा पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
आरक्षित टिकट पर पहचान पत्र दिखाना जरूरी
रेलवे बोर्ड के ताजा निर्देशों के अनुसार आरक्षित श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों को पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा। यदि एक टिकट पर एक से अधिक यात्री यात्रा कर रहे हैं, तो उस समूह में से कम से कम एक यात्री को वैध पहचान पत्र मूल रूप में प्रस्तुत करना होगा। टिकट जांच के समय यदि कोई भी यात्री पहचान पत्र नहीं दिखा पाता है, तो पूरे समूह को बिना टिकट यात्रा करने वाला माना जाएगा। ऐसी स्थिति में रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी और नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
रियायत का लाभ लेने वालों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी
रेलवे बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों ने किसी विशेष कोटे के अंतर्गत टिकट बुक कराया है या जिन्हें किराए में छूट दी गई है, उन्हें अपनी पात्रता से जुड़े प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से साथ रखने होंगे। इसमें वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन, छात्र और अन्य आरक्षित श्रेणियों में आने वाले यात्री शामिल हैं। यदि जांच के दौरान पात्रता प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो संबंधित रियायत या कोटा अमान्य माना जाएगा। ऐसी स्थिति में यात्री से पूरा किराया और जुर्माना वसूला जा सकता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से रियायतों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी।
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कौन-कौन से पहचान पत्र होंगे मान्य
रेल यात्रा के दौरान टिकट और पहचान पत्र की जांच की जिम्मेदारी टीटीई और चेकिंग स्टाफ को दी गई है। जांच के समय टिकट पर दर्ज नाम का मिलान पहचान पत्र से किया जाएगा। पहचान के लिए आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और किसी भी सरकारी विभाग द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र को मान्य माना जाएगा। हालांकि मोबाइल फोन में मौजूद डिजिटल पहचान पत्र तभी स्वीकार किए जाएंगे, जब रेलवे द्वारा इसके लिए विशेष अनुमति दी गई हो। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर यात्री से अतिरिक्त शुल्क वसूला जा सकता है और गंभीर मामलों में यात्री को अगले स्टेशन पर उतारने की कार्रवाई भी संभव है।
सीमावर्ती रेल मार्गों पर बढ़ी सख्ती
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े रेल मार्गों पर पहचान सत्यापन को और कड़ा करने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से भारत-नेपाल और भारत-बांग्लादेश के बीच चलने वाली ट्रेनों में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
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रेलवे ने यात्रियों से की यह अपील
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे आरक्षित या ई-टिकट पर यात्रा करते समय वैध पहचान पत्र और आवश्यक प्रमाण पत्र साथ रखें। टिकट की हार्ड कॉपी साथ रखना अनिवार्य नहीं है, लेकिन पहचान पत्र के बिना यात्रा करने पर कार्रवाई की जा सकती है। रेलवे का मानना है कि इन नियमों का पालन करने से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और यात्रा व्यवस्था अधिक सुचारु बनेगी।
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