PMFBY : किसान भाई ध्यान दें! इस योजना में सरकार करेगी फसल नुकसान की भरपाई, 31 जुलाई से पहले करें आवेदन

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PMFBY : कृषि करना कोई आसान काम नहीं है। हर मौसम में किसानों को कई अलग-अलग खेती में हो रही समस्‍या से गुजरना पड़ता और कई बार तो अच्‍छी मेहनत के बावजुद वह प्रकृति से हार जाते हैं। बारिश की मार तो कभी सूखे से जैसी स्‍थिति से भी निपटना पड़ता है। ऐसी स्‍थितियों के चलतें किसानों पर रोजी-रोटी का संकट आ जाता है। जलवायु संकट और टेक्नोलॉजी के तेजी से विकास के मद्देनजर सरकार ने ऐसी परिस्‍थितियों से बचने के लिए किसान फसलों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) करवाते हैं। ऐसी स्‍थिति में फसल खराब होने पर किसान मुआवजे के हकदार बन जाते हैं। यह योजना 18 फरवरी 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी। जाने इस योजना को कैसे मिलेगा लाभ।

प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और रोगों या किसी भी तरह से फसल के खराब होने की स्थिति में बीमा कवर प्रदान करना ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान की भरपाई हो जाए।

क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

बारिश, तापमान, पाला, नमी आदि जैसी स्थिति में किसानों को बहुत नुकसान होता है। इससे बचने के लिए किसान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बहुत कम पैसे देकर अपनी फसल का बीमा करवाने की सुविधा मिलती है। बीमा कवरेज के तहत अगर बीमित फसल नष्ट हो जाती है तो इसकी पूरी भरपाई जा जिम्मा बीमा कंपनी का होता है। इस बीमा के तहत खाद्य फसलें (अनाज, बाजरा और दालें), तिलहन और वार्षिक वाणिज्यिक / वार्षिक बागवानी फसलें को कवर किया जाता है।

कौन ले सकता है PMFBY का लाभ?(PMFBY)

पीएम फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) का लाभ फसल उगाने वाले पट्टेदार, जोतदार किसानों सहित सभी किसान उठा सकते हैं। वे किसान इसका फायदा उठा सकते हैं जिनके पास किसान क्रेडिट कार्ड बना हुआ या बनवाया गया है या सहकारी बैंक का लोन नहीं है।

फसल बीमा योजना का लाभ कैसे मिलेगा?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के लिए एक निर्धारित प्रीमियम का भी भुगतान करना होता है। किसानों को इस समय खरीफ फसलों के लिए बीमा राशि का 2 फीसदी, रबी फसलों का 1।5 फीसदी और व्यावसायिक एवं बागवानी फसलों के लिए अधिकतम 5 फीसदी प्रीमियम का भुगतान करना होता है।

ये हैं जरूरी दस्तावेज(PMFBY)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के किसान की फोटो, आईडी कार्ड (आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस), एड्रेस प्रूफ, खेत का खसरा नंबर, सरपंच या पटवारी से खेत में बुआई के लिए एक पत्र की जरूरत होती है।

72 घंटे के अंदर दें सूचना

प्राकृतिक आपदा जैसे बेमौसम बरसात, बाढ़ इत्यादि से फसलों में काफी नुकसान होता है और किसानों को आर्थिक हानि उठानी पड़ती है। अगर अब कोई बीमित किसान ऐसी स्थिति का सामना करता है, तो वह 72 घंटों के अंदर नीचे दिए गए विकल्पों के माध्यम से सूचना दे सकता है। किसान क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, बीमा कंपनियों के टोल फ्री नंबर, नजदीकी कृषि कार्यालय और संबंधित बैंक ब्रांच व जन सेवा केंद्र को सूचना दे सकते हैं।

विभिन्‍न माध्‍यमों से करवा सकते हैं पंजीकरण(PMFBY)

प्रधानमंत्री फसल बीमा याजना के अधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in पर पंजीकरण कर सकते हैं। याद रखें पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2023 है। अगर आप चाहें तो किसान कॉल सेंटर (1551) की भी मदद ले सकते हैं। जिन किसानो के पास क्रेडिट कार्ड (केसीसी) है, वे किसान अपने बैंक ब्रांच से सपंर्क करके पंजीकरण करवा सकते हैं। यदि किसान किसी और माध्‍यम से भी पंजीकरण करवाना चाहते हैं तो वे जन सेवा केंद्र (सीएससी सेंटर) या फिर अपने जिला के कृषि अधिकारी से जानकारी प्राप्‍त करके योजना के अतर्गत प‍ंजीकरण करवा सकते हैं।

इन बातों को न करें नजरअंदाज(PMFBY)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के शुरुआती दिनों में इसे सभी किसानों के लिए अनिवार्य बनाया गया था, लेकिन बाद में इस नियम को हटा दिया गया। अब किसान अपनी मर्जी से इस योजना के तहत बीमा करवा सकते हैं। हालांकि, जोखिम के स्तर को कम करने के बावजूद यह योजना किसानों में उतनी लोकप्रिय नहीं हो रही है।