PM Kisan Yojana News Today: किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है। इस योजना का फायदा देशभर के करोड़ों किसान परिवारों को मिल रहा है। हालांकि इस योजना का लाभ लेने के लिए भी कई शर्तें तय की गई थी। इन शर्तों के कारण कई किसान अभी तक योजना का लाभ लेने से वंचित भी थे।
अब सरकार ने अधिक से अधिक किसानों को योजना का लाभ देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने सीमावर्ती राज्यों के किसानों के लिए बड़ा निर्णय लिया है, जिससे उन लोगों को भी इसका लाभ मिल सकेगा, जिनके पास जमीन के कागज मौजूद नहीं हैं। यह कदम किसानों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि अगर राज्य सरकारें यह प्रमाणित कर दें कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में खेती कर रहा है तो ऐसे किसान भी योजना के दायरे में आ जाएंगे। इसका सीधा फायदा उन परिवारों को होगा जो वर्षों से खेती कर रहे हैं लेकिन किसी वजह से उनके पास जमीन के मालिकाना दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।

अब तक मिल चुकी हैं इतनी किस्तें
योजना की शुरुआत के बाद से अब तक किसानों को 20 किस्तों में लाभ दिया जा चुका है। इन किस्तों के जरिए करोड़ों किसानों के बैंक खातों में आर्थिक मदद पहुंचाई गई है। वर्तमान समय में किसान 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इस योजना के तहत हर साल किसानों को छह हजार रुपये दिए जाते हैं। राशि तीन किस्तों में भेजी जाती है और हर किस्त दो हजार रुपये की होती है।
पहले किन राज्यों को मिलेगी अगली किस्त
आमतौर पर जब भी किस्त जारी होती है तो पूरे देश के किसानों को एक साथ पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं। लेकिन इस बार संकेत मिले हैं कि आपदा प्रभावित राज्यों को पहले किस्त जारी की जा सकती है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश और पंजाब का दौरा किया था जहां बाढ़ और भूस्खलन से काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रभावित किसानों को जल्द राहत देने का भरोसा दिया है।
इसके अलावा कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जम्मू क्षेत्र का दौरा किया और कहा कि किसानों को राहत देने के लिए समय से पहले किस्त जारी की जाएगी। इन बयानों के बाद उम्मीदें बढ़ी हैं कि पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के किसानों को जल्द ही अगली किस्त मिल सकती है।

किसानों के लिए नई राहत
पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए अब तक यह जरूरी था कि किसान के पास खेती की जमीन का मालिकाना हक हो और संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए जाएं। सीमावर्ती इलाकों में ऐसे हजारों किसान हैं जो लंबे समय से खेती कर रहे हैं लेकिन उनके पास जमीन के कागज नहीं हैं। इस वजह से वे योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे।
अब केंद्र सरकार ने यह शर्त कुछ हद तक आसान कर दी है। अगर राज्य सरकार यह प्रमाणित कर दे कि व्यक्ति खेती कर रहा है तो उसे भी योजना का लाभ दिया जाएगा। यह बदलाव खासकर उन इलाकों के किसानों के लिए बड़ी राहत है जहां जमीन के रिकॉर्ड आधे-अधूरे या विवादित हैं।
- यह भी पढ़ें : Krishi Yantra 2025: किसानों के लिए खुशखबरी, आ गया बैटरी से चलने वाला स्प्रेयर और पौधे रोपने वाली मशीन
कब तक आएगी 21वीं किस्त
अब तक 20 किस्तें जारी हो चुकी हैं और अगली यानी 21वीं किस्त का इंतजार है। योजना के नियमों के अनुसार हर चार महीने में किस्त जारी होती है। इस हिसाब से नवंबर में अगली किस्त का समय पूरा होगा। हालांकि बाढ़ और आपदा से प्रभावित राज्यों को पहले भी किस्त दी जा सकती है।

लाभ लेने e-KYC कराना जरूरी
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का e-KYC कराना अनिवार्य है। अगर e-KYC पूरी नहीं है तो किस्त अटक सकती है। इसके लिए किसान दो तरीके से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पहला तरीका है ऑनलाइन, जिसमें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से सत्यापन करना होता है। दूसरा तरीका है नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना।
अगर किस्त न आए तो क्या करें
किसानों के खातों में अगर किस्त नहीं आती है तो वे हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए सरकार ने अलग-अलग नंबर जारी किए हैं। किसान 155261 या 1800115526 जैसे टोल फ्री नंबरों पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा 011-23381092 पर भी संपर्क किया जा सकता है। ई-मेल के जरिए समस्या बताने के लिए pmkisan-ict@gov.in पर मेल किया जा सकता है।
- यह भी पढ़ें : Free Gas Connection: नवरात्रि पर बड़ा तोहफा, महिलाओं को फ्री मिलेंगे गैस कनेक्शन, यहां जानें पात्रता और प्रक्रिया
इन्हें नहीं मिलेगा योजना का लाभ
योजना की शर्तों के अनुसार पति-पत्नी दोनों एक साथ लाभ नहीं ले सकते हैं। अगर कोई ऐसा करता है तो इसे गलत मानते हुए सरकार उनसे पैसा वापस ले सकती है। इसके अलावा अगर किसान परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता है तो उसे भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
किराए पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसानों को भी इस योजना में शामिल नहीं किया गया है। इसके लिए जमीन पर मालिकाना हक जरूरी है। इसके साथ ही अगर कोई किसान या उसके परिवार का सदस्य संवैधानिक पद पर है तो उन्हें भी योजना से बाहर रखा गया है।
देश-दुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें | Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से | आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com
