PM E-Bus Service Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश के 8 शहरों में पीएम ई-बस सेवा की नई व्यवस्था, अब विशेष कंपनियां चलाएंगी 972 बसें
PM E-Bus Service Madhya Pradesh: अब नगरीय विकास विभाग नहीं, पेशेवर परिवहन कंपनियां संभालेंगी पीएम ई-बस सेवा का संचालन

PM E-Bus Service Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुगम, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा बदलाव किया है। पीएम ई-बस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी अब नगरीय विकास विभाग से हटाकर विशेष रूप से गठित परिवहन कंपनियों को सौंपी जा रही है। इससे न सिर्फ बस सेवाओं का बेहतर प्रबंधन होगा, बल्कि शहरों और शहरों के बीच यात्रा भी ज्यादा सुविधाजनक बनेगी।
पेशेवर तरीके से किया जाएगा संचालन
प्रदेश में पीएम ई-बस सेवा के संचालन के लिए अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत गठित कंपनियां काम करेंगी। पहले यह जिम्मेदारी नगरीय विकास विभाग के पास थी, लेकिन सरकार ने परिवहन व्यवस्था को एकीकृत और पेशेवर तरीके से संचालित करने का निर्णय लिया है। अब अंतरशहरी बस सेवाओं के साथ-साथ नगरों के भीतर चलने वाली सिटी बसों का संचालन भी इन्हीं कंपनियों के जरिए किया जाएगा।
राज्य स्तरीय कंपनी के अध्यक्ष सीएम
अगस्त 2025 में मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड नाम से एक राज्य स्तरीय कंपनी का पंजीयन किया गया। इस कंपनी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री हैं, जबकि परिवहन मंत्री और मुख्य सचिव उपाध्यक्ष की भूमिका में हैं। इस राज्य स्तरीय कंपनी के अंतर्गत सात सहायक कंपनियां बनाई गई हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर में पहले से संचालित सिटी बस कंपनियों की शेयर होल्डिंग में बदलाव कर नई कंपनियों का गठन किया गया है।
नए सर्वे, नए रूट और बेहतर फ्रिक्वेंसी
इन नवगठित कंपनियों ने अपने-अपने शहरों में यातायात सर्वे शुरू कर दिए हैं। सर्वे के आधार पर नए बस रूट तय किए जा रहे हैं और मौजूदा रूट्स पर बसों की संख्या और समय सारिणी को दोबारा निर्धारित किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को कम इंतजार करना पड़े और भीड़ की समस्या कम हो सके।
आठ शहरों को मिली 972 ई-बसें
केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने मध्यप्रदेश के आठ नगर निगम क्षेत्रों में कुल 972 पीएम ई-बसों के संचालन की स्वीकृति दी है। इनमें सबसे अधिक 270 बसें इंदौर को दी गई हैं। भोपाल को 195, जबलपुर को 200, ग्वालियर और उज्जैन को 100-100, देवास को 55, सागर को 32 और सतना को 20 ई-बसें मिलेंगी।
ग्वालियर और इंदौर में पहुंच चुकी
इन सभी शहरों में बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन से जुड़ा बुनियादी ढांचा तेजी से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इलेक्ट्रिक बसों के लिए आवश्यक चार्जिंग पॉइंट के निर्माण पर आने वाला पूरा खर्च केन्द्र सरकार वहन कर रही है। ग्वालियर और इंदौर में कुछ ई-बसें पहले ही पहुंच चुकी हैं।
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ई-बस संचालन से यह होंगे लाभ
पीएम ई-बस सेवा को यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषण में कमी आएगी और शहरों में स्वच्छ व किफायती परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
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