Personal loan tips: आज आमदनी कम और खर्च बेतहाशा हो गए हैं। ऐसे में हर किसी को कभी न कभी पर्सनल लोन लेने की जरूरत पड़ ही जाती है। अक्सर लोग लोन मिलने की खुशी में कई जरूरी चीजें नजरअंदाज कर देते हैं। इनमें हिडन चार्ज, ब्याज दर, प्री-पेमेंट नियम और अन्य शर्तें शामिल होती हैं, जो बाद में आपकी जेब पर भारी पड़ सकती हैं।
ऐसे में समझदारी इसी में है कि पर्सनल लोन लेने से पहले हर शर्त और पहलू पर बेहद गंभीरता से सोच विचार कर लें। कुछ बिंदु ऐसे होते हैं, जिन पर विशेष तौर से ध्यान देना ही चाहिए। आइए जानते हैं वो पांच महत्वपूर्ण बातें, जो पर्सनल लोन लेने से पहले आपको ध्यान में रखनी चाहिए।
हिडन चार्ज पर ध्यान दें
पर्सनल लोन लेने के दौरान सबसे आम गलती यह होती है कि लोग बैंक द्वारा लगाए जाने वाले छुपे हुए चार्जेस को अनदेखा कर देते हैं। इनमें प्रोसेसिंग फीस, डॉक्युमेंटेशन चार्ज और अन्य प्रशासनिक शुल्क शामिल होते हैं। शुरुआत में ये अमाउंट छोटे लगते हैं, लेकिन जब लोन राशि आपके अकाउंट में आती है, तो इन चार्जेस की कटौती हो जाती है और आपकी कुल राशि प्रभावित होती है। इसलिए लोन लेने से पहले बैंक से सभी चार्जेस की पूरी जानकारी लेना जरूरी है।

ब्याज दर की तुलना करना न भूलें
कई बार लोग लोन लेने से पहले अन्य बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करना भूल जाते हैं। इसके कारण कई लोग ज्यादा ब्याज दर पर लोन ले लेते हैं, जो बाद में ईएमआई बढ़ाने का कारण बन सकता है। पर्सनल लोन लेने से पहले सभी बैंकों की ब्याज दरों को ध्यान से देखें और तुलना करें। इससे आपको सस्ते ब्याज पर लोन मिलने का मौका मिलेगा और आपका खर्च कम होगा।
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प्री-पेमेंट और रियायतें
अगर आप सोच रहे हैं कि लोन जल्दी चुकाएंगे, तो फायदे में रहेंगे पर नहीं है। कुछ बैंकों द्वारा प्री-पेमेंट चार्ज वसूला जा सकता है। यह चार्ज आमतौर पर 2′ से 5′ के बीच होता है। इसलिए लोन लेने से पहले यह जरूर पूछें कि अगर आप लोन जल्दी चुका दें तो कितना अतिरिक्त शुल्क लगेगा। कई बार यह जानकारी न होने के कारण बाद में अप्रत्याशित खर्च बढ़ सकता है।

फिक्स्ड या फ्लोटिंग ब्याज दर
पर्सनल लोन के लिए ब्याज दर के दो विकल्प होते हैं- फिक्स्ड और फ्लोटिंग। फिक्स्ड ब्याज दर में ईएमआई और ब्याज राशि तय रहती है, जबकि फ्लोटिंग दर समय के साथ बदल सकती है। फ्लोटिंग दर में आर्थिक परिस्थितियों और रिजर्व बैंक के रेपो रेट बढ़ने पर ब्याज दर और ईएमआई बढ़ सकती है। इसलिए लोन लेने से पहले तय करें कि कौन सा विकल्प आपके लिए ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद रहेगा।
बीमा और अन्य शर्तें
कुछ बैंक पर्सनल लोन के साथ बीमा लेना अनिवार्य कर देते हैं। इससे ईएमआई और कुल भुगतान राशि बढ़ सकती है। यह शर्त अक्सर बिना ज्यादा जानकारी दिए लागू कर दी जाती है। इसलिए लोन लेने से पहले जान लें कि बैंक किस प्रकार की बीमा या अन्य सेवाओं को अनिवार्य कर रहा है।
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लोन फाइनल करने से पहले क्या करें
- सभी शर्तें ध्यान से पढ़ें: लोन लेने से पहले बैंक की सारी शर्तें पढ़ें और समझें। किसी भी पॉइंट पर संदेह होने पर पूछें।
- कुल लागत का अनुमान लगाएं: लोन पर लगने वाले ब्याज, चार्ज और ईएमआई का कुल हिसाब लगाएं। इससे आपको सही अंदाजा लगेगा कि पूरे लोन पर कितना खर्च होगा।
- ईएमआई कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें: लोन फाइनल करने से पहले ऑनलाइन ईएमआई कैलकुलेटर का उपयोग करें। यह आपको मासिक किस्त और कुल ब्याज की सही जानकारी देगा।
- दस्तावेजों की जांच: सभी दस्तावेज, अनुबंध और बैंक की शर्तों को ध्यान से पढ़ें। किसी भी गलत जानकारी या छुपी शर्त को नजरअंदाज न करें।
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