PAN Aadhaar Link: आधार और पैन लिंक न कराने पर बढ़ सकती हैं मुश्किलें, समय रहते पूरी करें प्रक्रिया

PAN Aadhaar Link: आधार कार्ड और पैन कार्ड को जोड़ने की तय समय-सीमा अब तेजी से नजदीक आ रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग अपने दस्तावेजों को लिंक कराने में जुटे हैं। आयकर विभाग ने साफ कर दिया है कि तय तारीख तक आधार और पैन को आपस में लिंक नहीं कराने वालों को न केवल जुर्माना देना होगा, बल्कि उनका पैन कार्ड भी निष्क्रिय किया जा सकता है। इससे रोजमर्रा के वित्तीय और सरकारी कामों में गंभीर दिक्कतें आ सकती हैं।

सरकार की ओर से पैन-आधार लिंकिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। जिन लोगों के पास दोनों दस्तावेज मौजूद हैं, उनके लिए यह नियम लागू होता है। इसके साथ ही नए पैन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को भी आधार आधारित सत्यापन कराना जरूरी कर दिया गया है। समय-सीमा के बाद लिंक कराने पर लेट फीस का प्रावधान भी रखा गया है।

पैन-आधार लिंकिंग के क्या है नियम

आयकर विभाग द्वारा 3 अप्रैल 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार, जिन लोगों का पैन और आधार आपस में लिंक नहीं होगा, उनका पैन कार्ड निष्क्रिय माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि वह पैन कार्ड किसी भी आधिकारिक या वित्तीय काम के लिए मान्य नहीं रहेगा।

इसके अलावा जिन लोगों को 1 अक्टूबर 2024 के बाद पैन कार्ड आवंटित किया गया है, उनके लिए भी इस साल के अंत तक यानी 31 दिसंबर तक आधार से लिंक कराना जरूरी है। यह नियम पुराने और नए, दोनों तरह के पैन धारकों पर लागू होता है। पहले सभी नागरिकों के लिए पैन को आधार से जोड़ने की अंतिम तारीख 31 मई 2024 तय की गई थी। इसके बाद लिंक न कराने वालों के लिए जुर्माने के साथ यह सुविधा जारी रखी गई है।

जुर्माना और देरी से लिंक कराने की स्थिति

यदि कोई व्यक्ति 31 दिसंबर 2025 तक पैन को आधार से लिंक करता है, तो उसे 1,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। यह जुर्माना इसलिए लिया जाएगा क्योंकि वास्तविक अंतिम तिथि पहले ही समाप्त हो चुकी है। तय समय के बाद लिंक कराने को विलंब माना जाएगा और इसके लिए शुल्क देना अनिवार्य होगा।

आयकर विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जुर्माना चुकाने के बाद ही लिंकिंग की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। बिना जुर्माना दिए लिंकिंग मान्य नहीं होगी।

पैन निष्क्रिय होने पर होंगी यह समस्याएं

यदि किसी व्यक्ति का पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाता है, तो उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सबसे पहले आयकर रिटर्न दाखिल करना मुश्किल हो जाएगा। अगर पहले से कोई रिफंड बनता है, तो वह भी अटक सकता है।

निष्क्रिय पैन के साथ नया पैन कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया भी लंबी और जटिल हो सकती है। इसके अलावा स्रोत पर कर कटौती यानी टीडीएस और स्रोत पर कर संग्रह यानी टीसीएस अधिक दर से काटा जा सकता है।

फॉर्म 26AS का उपयोग नहीं हो पाएगा, जिससे कर से जुड़ी जानकारी देखना संभव नहीं रहेगा। टीडीएस और टीसीएस से जुड़े प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं होंगे।

बैंकिंग और निवेश पर भी असर

निष्क्रिय पैन होने पर बैंक खाता खोलना संभव नहीं रहेगा। क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड लेने में भी परेशानी आएगी। बैंक में 50,000 रुपये से अधिक नकद जमा नहीं किया जा सकेगा और 10,000 रुपये से अधिक के कई बैंक लेनदेन भी बाधित हो सकते हैं।

इसके साथ ही केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी, जिससे कई वित्तीय सेवाएं रुक सकती हैं। सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में भी अड़चन आ सकती है।

म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और इक्विटी में निवेश करने वालों के लिए भी निष्क्रिय पैन बड़ी बाधा बन सकता है, क्योंकि बिना वैध पैन के निवेश से जुड़े काम नहीं हो पाएंगे।

इसलिए जरूरी है कि समय रहते पैन और आधार को लिंक करा लिया जाए, ताकि आगे चलकर किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य उद्देश्य से दी गई है। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ या आधिकारिक स्रोत से सलाह अवश्य लें। किसी भी नुकसान या परिणाम के लिए जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी।

सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-

देश-दुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com

Leave a Comment