Multi-Lane Free Flow Toll Plaza: देश का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोल प्लाजा, हाईवे की यात्रा होगी आसान और समय भी बचेगा

Multi-Lane Free Flow Toll Plaza: राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी राहत की शुरुआत हो चुकी है। अब यात्रियों को टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में खड़े होकर समय गंवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की सहयोगी संस्था भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (IHMCL) ने इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू करने का करार किया है। इसके लिए IHMCL ने ICICI बैंक के साथ समझौता किया है।

यह समझौता गुजरात के चोर्यासी टोल प्लाजा (NH-48) से शुरू किया गया है। इसी के साथ हरियाणा के घरौंदा टोल प्लाजा (NH-44) पर भी इसी प्रणाली को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं।

साल भर में 25 टोल प्लाजा पर होगी लागू

नई दिल्ली स्थित NHAI मुख्यालय में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर NHAI के चेयरमैन संतोष कुमार यादव, IHMCL और ICICI बैंक के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अनुबंध को देश में बाधा-रहित टोलिंग प्रणाली की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

NHAI का लक्ष्य है कि चालू वित्तीय वर्ष में देशभर के लगभग 25 प्रमुख टोल प्लाजा पर यह नई प्रणाली लागू कर दी जाए। इसके लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

Multi-Lane Free Flow क्या है?

MLFF (Multi-Lane Free Flow) टोलिंग एक आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रणाली है। इसमें गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ता। खास तरह के RFID रीडर और ANPR कैमरे (Automatic Number Plate Recognition) वाहनों के FASTag और नंबर प्लेट को स्कैन करके स्वचालित भुगतान सुनिश्चित करते हैं।

इसके बाद टोल की राशि सीधे वाहन मालिक के खाते से कट जाती है और गाड़ी बिना रुके अपने गंतव्य की ओर बढ़ती रहती है।

यात्रियों को क्या फायदे होंगे?

  1. समय की बचत– अब गाड़ियों को रुककर टोल देने की जरूरत नहीं होगी। इससे हर वाहन का समय बचेगा।
  2. यातायात में सुगमता– टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनें खत्म हो जाएंगी।
  3. ईंधन की खपत में कमी– गाड़ियों के बार-बार रुकने और चलने से बचने पर ईंधन की खपत घटेगी।
  4. प्रदूषण में कमी– स्मूद ट्रैफिक फ्लो से वाहन उत्सर्जन घटेगा और पर्यावरण को लाभ होगा।
  5. सुरक्षा और पारदर्शिता– टोल संग्रह पूरी तरह डिजिटल और स्वचालित होगा, जिससे गड़बड़ी या चोरी की संभावना घटेगी।

बैलेंस न होने पर क्या होगा

  1. ANPR और RFID स्कैनिंग: जैसे ही वाहन टोल प्लाजा से गुज़रेगा, कैमरे उसकी गाड़ी का नंबर (ANPR Camera से) और FASTag की डिटेल (RFID Reader से) स्कैन कर लेंगे।
  2. अकाउंट वेरिफिकेशन: सिस्टम तुरंत वाहन मालिक के FASTag अकाउंट या लिंक्ड बैंक अकाउंट में बैलेंस चेक करेगा।
  3. अकाउंट में बैलेंस न होने पर: उस वाहन का टोल शुल्क “Pending Due” के रूप में रिकॉर्ड हो जाएगा। वाहन मालिक को SMS/Notification मिलेगा कि आपका टोल बकाया है और इसे तय समय में जमा करना होगा।
  4. ऑटो डेबिट या बाद में रिकवरी: यदि वाहन का अकाउंट बाद में रिचार्ज किया जाता है, तो बकाया टोल स्वतः काट लिया जाएगा। लगातार बकाया रहने पर Penalty/Fine भी लगाया जा सकता है।
  5. एन्फोर्समेंट मैकेनिज़्म: सिस्टम से जुड़ा डेटा राज्य परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के पास भी जाएगा। लंबे समय तक टोल न चुकाने पर वाहन मालिक का RC ब्लैकलिस्ट, ई-चालान या फिटनेस/इंश्योरेंस नवीनीकरण पर रोक जैसी कार्रवाई संभव होगी।

सरकार की योजना और विजन

NHAI अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने कहा कि यह समझौता भारत की टोलिंग प्रणाली को आधुनिक और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

उनका मानना है कि प्रौद्योगिकी आधारित यह बदलाव न केवल यात्रा को सहज बनाएगा, बल्कि देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को भी स्मार्ट और कुशल बनाने में मदद करेगा।

सरकार की योजना है कि धीरे-धीरे इस तकनीक को देशभर के सभी प्रमुख टोल प्लाजा पर लागू किया जाए। इससे टोल संग्रहण अधिक पारदर्शी होगा और राजस्व बढ़ेगा।

फास्टैग से भी आगे की सुविधा

अभी तक भारत में FASTag प्रणाली के जरिए इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह होता है, जिसमें वाहन को एक निर्धारित लेन से गुजरना पड़ता है। लेकिन MLFF प्रणाली में यह बाधा भी खत्म हो जाएगी। यानी वाहन किसी भी लेन से निकले, टोल स्वतः कट जाएगा।

यह तकनीक यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में पहले से सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है। अब भारत भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

भविष्य की संभावनाएं

भारत जैसे बड़े देश में जहां हर दिन लाखों वाहन हाईवे पर दौड़ते हैं, वहां यह कदम बेहद अहम है। इससे:

  • सड़क यात्रा तेज और आरामदायक बनेगी।
  • ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा लाभ होगा।
  • डिजिटल इंडिया और ग्रीन इंडिया जैसे अभियानों को गति मिलेगी।
  • देश की अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक असर होगा।

आने वाले दिनों में आम हो जाएगी यह प्रणाली

मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग प्रणाली भारत में सड़क यात्रा का चेहरा बदलने जा रही है। यह न केवल यात्रियों को सुविधा देगी, बल्कि पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए लाभकारी होगी।

गुजरात का चोर्यासी टोल प्लाजा इस दिशा में पहला कदम है, लेकिन आने वाले वर्षों में यह प्रणाली देश भर के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर आम हो जाएगी। भारत जिस तेजी से डिजिटल और स्मार्ट तकनीक की ओर बढ़ रहा है, यह कदम उसी कड़ी का हिस्सा है।

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