MP Weather Update: मध्यप्रदेश में जल्द बरसने वाला है मावठा, कड़ाके की ठंड का नया दौर, स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर

MP Weather Update: मध्यप्रदेश में ठंड ने एक बार फिर लोगों की दिनचर्या पर असर डालना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं और पश्चिमी हिमालय में सक्रिय हो रहे नए मौसम सिस्टम के कारण प्रदेश में ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड के साथ कोहरा और मावठा भी परेशानी बढ़ा सकता है।

पश्चिमी हिमालय में सक्रिय होगा नया सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है। यह सिस्टम मजबूत बताया जा रहा है। इसके असर से दो से तीन दिन के भीतर मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्सों में मावठा गिरने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस सिस्टम के चलते तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।

उत्तरी संभागों में कोहरा और तेज ठंड

वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से पहले ही प्रदेश के कई इलाकों में घना से मध्यम कोहरा छाया हुआ है। ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में सुबह के समय कोहरा और सर्द हवाओं का असर साफ देखा जा रहा है। मंगलवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया।

अन्य जिलों में भी कोहरे का असर

राजधानी भोपाल के साथ इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, गुना, शिवपुरी, शाजापुर और सीहोर जैसे जिलों में भी सुबह के समय कोहरा देखने को मिला। हालांकि इन इलाकों में दृश्यता एक से दो किलोमीटर के बीच बनी हुई है, लेकिन ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है।

बर्फीली हवाओं से बढ़ी ठिठुरन

प्रदेश के उत्तरी जिलों में उत्तर भारत से सीधे आ रही ठंडी और बर्फीली हवाओं के कारण सर्दी ज्यादा महसूस की जा रही है। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। दतिया और श्योपुर जैसे जिलों में भी रातें काफी सर्द हो गई हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में न्यूनतम तापमान लगातार 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया जा रहा है।

प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका कल्याणपुर

रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश के प्रमुख शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 9 डिग्री, इंदौर में 9.6 डिग्री, उज्जैन में 9.4 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। शहडोल जिले के कल्याणपुर में प्रदेश का सबसे कम तापमान 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। दतिया में 5.4 डिग्री, राजगढ़ और पचमढ़ी में 5.6 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री और खजुराहो में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अधिकांश जिलों में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से नीचे ही रहा।

दिन का तापमान भी हुआ ठंडा

सोमवार को दिन के समय भी ठंड का असर देखने को मिला। दतिया में अधिकतम तापमान 19.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। ग्वालियर में 21.8 डिग्री, पचमढ़ी में 21.2 डिग्री, नौगांव में 21.6 डिग्री, रीवा में 22.2 डिग्री, खजुराहो और श्योपुर में 22.6 डिग्री तथा मलाजखंड में 22.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा।

कोहरे से ट्रेनों की रफ्तार धीमी

घने कोहरे और कड़ाके की ठंड का असर रेल यातायात पर भी पड़ रहा है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन की ओर आने वाली कई ट्रेनें अपने तय समय से देरी से पहुंच रही हैं। सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस पर देखा जा रहा है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस सहित करीब एक दर्जन ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं।

जनवरी क्यों होती है सबसे ठंडी

मौसम विभाग का कहना है कि जैसे मानसून के दौरान जुलाई और अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह सर्दी के मौसम में दिसंबर और जनवरी सबसे ठंडे महीने माने जाते हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से ठंडी हवाएं ज्यादा मात्रा में मध्यप्रदेश पहुंचती हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से जनवरी में मावठा गिरने की संभावना भी बढ़ जाती है। पिछले साल कई जिलों में बारिश दर्ज की गई थी और इस साल भी जनवरी की शुरुआत में बादल छाए रहे हैं।

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