MP Ration System Update: एमपी में राशन व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब चेहरे से पहचान, मोबाइल पर आएगा राशन आने का मैसेज
MP Ration System Update: मध्य प्रदेश में PDS सिस्टम बदलेगा पूरी तरह, GPS निगरानी, डिजिटल तौल और SMS अलर्ट से खत्म होगी गड़बड़ी

MP Ration System Update: मध्य प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए राशन लेने का अनुभव अब पूरी तरह बदलने वाला है। अब न तो घंटों लाइन में लगने की मजबूरी रहेगी, न बार-बार दुकान के चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही कम अनाज मिलने की शिकायत करनी होगी। राज्य सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लगभग दस साल बाद बड़ा सुधार करने जा रही है। नई व्यवस्था में तकनीक के सहारे उन सभी खामियों को दूर करने की तैयारी है, जिनकी वजह से अब तक गरीबों के हिस्से का अनाज रास्ते में ही गड़बड़ा जाता था। इस बदलाव का सीधा असर प्रदेश के साढ़े पांच करोड़ से ज्यादा लोगों के जीवन पर पड़ेगा।
तकनीक से बदलेगी राशन वितरण की तस्वीर
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि राशन प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बने। इसके लिए गोदाम से लेकर उपभोक्ता तक अनाज की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। नई प्रणाली में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी गोदाम से निकला अनाज बिना किसी कटौती के राशन दुकान तक पहुंचे और वहां से सही मात्रा में हितग्राही को मिले। इस पूरी प्रक्रिया में डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
फिंगरप्रिंट की परेशानी से मिलेगी राहत
साल 2015 में जब राशन दुकानों पर बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई थीं, तब इसे बड़ी उपलब्धि माना गया था। इससे फर्जी राशन कार्ड और गलत वितरण पर काफी हद तक रोक लगी। लेकिन समय के साथ इसकी कमियां भी सामने आईं। बुजुर्गों, खेतों में काम करने वाले किसानों और रोज मजदूरी करने वालों की उंगलियों के निशान घिस जाने से मशीन पहचान नहीं कर पाती थी। कई बार ऐसे लोगों को बिना राशन लौटना पड़ता था।
अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला गया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग अब फिंगरप्रिंट की जगह चेहरे से पहचान की तकनीक लागू कर रहा है। राशन दुकान की मशीन में कैमरा लगा होगा, जो लाभार्थी के चेहरे को स्कैन करेगा। यह जानकारी आधार से जुड़े डाटाबेस से मिलाई जाएगी और कुछ ही सेकेंड में पहचान की पुष्टि हो जाएगी। इससे बुजुर्गों और मेहनतकश लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
गोदाम से दुकान तक हर ट्रक पर नजर
राशन की गड़बड़ी का बड़ा हिस्सा परिवहन के दौरान होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भोपाल स्थित पर्यावास भवन में एक आधुनिक स्टेट कंट्रोल कमांड सेंटर तैयार किया गया है। जैसे ही सरकारी गोदाम से राशन से भरा ट्रक बाहर निकलेगा, उसकी जीपीएस निगरानी शुरू हो जाएगी। कंट्रोल रूम में बड़ी स्क्रीन पर प्रदेश के सभी ट्रकों की लाइव स्थिति दिखाई देगी। अगर कोई वाहन तय रास्ते से हटता है या अनावश्यक देरी होती है, तो तुरंत अधिकारियों और ट्रक मालिक को सूचना मिल जाएगी।
दुकान पहुंचते ही अपडेट होगा स्टॉक
नई व्यवस्था में जैसे ही ट्रक राशन दुकान पर पहुंचेगा और अनाज उतरेगा, उसी समय दुकान का स्टॉक ऑनलाइन दर्ज हो जाएगा। इससे यह साफ रहेगा कि गोदाम से कितना अनाज भेजा गया और दुकान तक कितना पहुंचा। यह जानकारी सिस्टम में सुरक्षित रहेगी, जिससे किसी भी स्तर पर हेरफेर करना मुश्किल हो जाएगा।
राशन आने की जानकारी सीधे मोबाइल पर
अब तक लोगों को यह जानने के लिए बार-बार दुकान पर जाना पड़ता था कि राशन आया या नहीं। कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता था। नई व्यवस्था में यह परेशानी खत्म हो जाएगी। जैसे ही दुकान का स्टॉक सिस्टम में अपडेट होगा, उस दुकान से जुड़े सभी लाभार्थी परिवारों के मोबाइल पर अपने आप एक संदेश पहुंच जाएगा। इससे लोगों को पहले ही पता चल जाएगा कि उनका राशन उपलब्ध है।
तौल में गड़बड़ी की शिकायत होगी खत्म
राशन कम तौलने की शिकायतें आम रही हैं। इसे रोकने के लिए दुकानों पर कंप्यूटर से जुड़ी इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें लगाई जाएंगी। जब दुकानदार अनाज तौलेगा, तो उसकी मात्रा सीधे सिस्टम में दर्ज हो जाएगी और उतना ही अनाज दुकान के कुल स्टॉक से घटेगा। इस प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होने से कम तौलने की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।
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राशन मिलते ही मिलेगी पक्की जानकारी
जब उपभोक्ता अपना राशन ले लेगा, उसी समय उसके मोबाइल पर एक और संदेश आएगा। इसमें साफ लिखा होगा कि उसे कौन-कौन सा अनाज और कितनी मात्रा में दिया गया है। इसके साथ ही मशीन से एक प्रिंटेड पर्ची भी निकलेगी, जो लाभार्थी को दी जाएगी। यह दोहरा प्रमाण होगा, जिससे बाद में किसी भी तरह के विवाद की स्थिति नहीं बनेगी।
देश में पहली बार एक साथ लागू होगी पूरी व्यवस्था
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने हाल ही में राशन वितरण को आधुनिक बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। मध्य प्रदेश पहले से ही इस दिशा में तैयारी कर रहा था, इसलिए इन नए नियमों को तुरंत अपनी योजना में शामिल कर लिया गया।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आयुक्त कर्मवीर शर्मा के अनुसार, प्रदेश में केवल नई मशीनें ही नहीं लगाई जा रहीं, बल्कि पहचान, तौल, परिवहन और सूचना की पूरी प्रणाली को एक साथ जोड़ा गया है। कंट्रोल कमांड सेंटर पूरी तरह तैयार है और जल्द ही यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
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गरीबों के हक तक सीधे पहुंचेगा अनाज
सरकार का मानना है कि इस नई प्रणाली से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और गरीब परिवारों को उनका पूरा हक मिलेगा। तकनीक के सहारे न सिर्फ चोरी और गड़बड़ी पर रोक लगेगी, बल्कि लोगों का समय और मेहनत भी बचेगी। आने वाले समय में यह व्यवस्था मध्य प्रदेश में राशन वितरण की पहचान बदल सकती है।
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