MP Rain Alert: मध्यप्रदेश से मानसून की बिदाई की बेला भले ही आ गई है, लेकिन जाते-जाते भी मानसून तरबतर करने को आमादा है। यही वजह है कि आज मंगलवार को बैतूल सहित प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। यही नहीं आने वाले 4 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।
मौसम केंद्र भोपाल ने आज लगभग पूरे प्रदेश में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह का मौसम बना रहेगा। बैतूल सहित कई जिलों में आज तेज बारिश हो भी रही है। इससे खासतौर से दुर्गा उत्सव और दशहरा उत्सव समितियों में चिंता देखी जा रही है।

एक और नया सिस्टम होगा सक्रिय
मौसम विभाग का कहना है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है। जिसकी वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में फिर से बूंदाबांदी होगी। खासतौर से दक्षिणी जिलों में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। दशहरे के दिन भी कई जगहों पर बारिश की संभावना जताई जा रही है। अभी के लिए हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
चार दिन तक ऐसा ही रहेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले चार दिन तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हल्की बारिश होती रहेगी। इस दौरान तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। पांचवें दिन से बारिश का दौर और तेज हो सकता है।

सोमवार को इन जिलों में हुई बारिश
सोमवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में पानी बरसा। ग्वालियर से आधिकारिक तौर पर मानसून विदा हो चुका है, वहां भी नौ घंटे के अंदर लगभग सवा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा भोपाल, दतिया, खरगोन, बड़वानी, नर्मदापुरम, मंडला और सागर जैसे जिलों में भी बूंदाबांदी हुई।
खेती-किसानी को पहुंच रहा नुकसान
लगातार हो रही बारिश का असर किसानों की फसलों पर पड़ रहा है। बड़वानी जिले के तलवाड़ा बुजुर्ग गांव में खेतों में पानी भर जाने से भिंडी और मक्का की फसल खराब हो गई। किसान राकेश मुकाती के अनुसार करीब तीन हेक्टेयर जमीन पर खड़ी फसल पूरी तरह प्रभावित हो गई है, जिससे लगभग 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। खरगोन जिले में कपास की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। नमी बढ़ने से मंडी में कपास की नीलामी एक सप्ताह के लिए रोकनी पड़ी।
नहीं करवा पा रहे तुड़ाई
खरगोन में जिनिंग फैक्ट्रियों में भी दिक्कतें बढ़ गई हैं। सूखाने के लिए रखा गया कपास बारिश की वजह से गीला होकर बह गया। एक फैक्ट्री संचालक के अनुसार उनके यहां करीब 700 क्विंटल कपास खराब हो गया। किसान खेतों से कपास की तुड़ाई नहीं करा पा रहे हैं क्योंकि गीला कपास पौधों से टूटकर नीचे गिर रहा है। यह स्थिति किसानों के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर रही है।
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नए सिस्टम से बिदाई भी टली
नए सिस्टम के बनने की वजह से फिलहाल मानसून की बिदाई आगे बढ़ गई है। मौसम विभाग का कहना है कि एक सप्ताह बाद ही परिस्थितियां बिदाई के लिए अनुकूल हो पाएंगी। अभी तक प्रदेश के 12 जिलों से मानसून जा चुका है।
इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। इसके अलावा राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्सों से भी मानसून विदा हो चुका है।
एमपी में औसत से ज्यादा पानी बरसा
इस बार प्रदेश में सामान्य से ज्यादा वर्षा दर्ज की गई है। अब तक औसतन 45.1 इंच पानी गिर चुका है, जबकि सामान्य स्थिति में 37.3 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह सात इंच से अधिक अतिरिक्त बारिश हो चुकी है। आंकड़ों के हिसाब से यह औसत 122 प्रतिशत है। यानी प्रदेश में बारिश का कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो चुका था और अब जो बरसात हो रही है वह अतिरिक्त है।
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