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MP Property Rate Hike: एमपी में घर-प्लॉट खरीदना हुआ और महंगा, 1 अप्रैल से नई गाइडलाइन लागू, जमीन और निर्माण दरों में बड़ा इजाफा

MP Property Rate Hike: Buying a house or plot in MP has become more expensive, with new guidelines coming into effect from April 1, leading to a significant increase in land and construction rates.

MP Property Rate Hike: एमपी में घर-प्लॉट खरीदना हुआ और महंगा, 1 अप्रैल से नई गाइडलाइन लागू, जमीन और निर्माण दरों में बड़ा इजाफा
MP Property Rate Hike: एमपी में घर-प्लॉट खरीदना हुआ और महंगा, 1 अप्रैल से नई गाइडलाइन लागू, जमीन और निर्माण दरों में बड़ा इजाफा

MP Property Rate Hike: मध्यप्रदेश में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ आम लोगों पर महंगाई का एक और दबाव बढ़ने जा रहा है। एक अप्रैल से लागू होने वाली नई गाइडलाइन के कारण जमीन खरीदने से लेकर घर बनाने तक का खर्च बढ़ जाएगा, जिससे ‘अपने घर’ का सपना अब और महंगा पड़ने वाला है।

क्या बदलेगा नई गाइडलाइन से

प्रदेश में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने 55 जिलों के लिए नई दरों को मंजूरी दे दी है। इन बदलावों के बाद जमीन की कीमतों के साथ-साथ रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी में भी वृद्धि होगी। इसका असर सीधे तौर पर प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों की जेब पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से खासतौर पर मध्यम वर्ग के लोगों के लिए घर लेना और बनवाना पहले से ज्यादा मुश्किल हो सकता है।

कई जगहों पर बढ़ी प्रॉपर्टी की कीमत

राज्य में कुल एक लाख पांच हजार स्थान चिन्हित किए गए थे, जिनमें से करीब 65 हजार स्थानों पर नई दरें बढ़ाई गई हैं। इन जगहों पर औसतन 16 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है, जो एक अप्रैल से लागू होगी। हालांकि 38 हजार 396 स्थान ऐसे भी हैं, जहां कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन जहां वृद्धि हुई है, वहां जमीन और मकानों की कीमतों में सीधा असर दिखाई देगा।

निर्माण की लागत में भी बढ़ोतरी

सिर्फ जमीन ही नहीं, बल्कि मकान बनाने का खर्च भी बढ़ा दिया गया है। शासन ने निर्माण दरों में करीब एक हजार रुपये प्रति वर्गमीटर तक इजाफा किया है। नगर निगम क्षेत्रों में निर्माण दर 13 हजार रुपये से बढ़ाकर 14 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर कर दी गई है, जो लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह दर 6 हजार से बढ़कर 7 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर हो गई है, यानी करीब 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी। इससे मकान बनवाना और महंगा हो जाएगा।

रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी पर असर

नई गाइडलाइन के लागू होने के बाद प्रॉपर्टी की वैल्यू बढ़ेगी, जिससे रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी की रकम भी बढ़ेगी। यानी जमीन या मकान खरीदते समय लोगों को पहले से ज्यादा शुल्क देना होगा। इससे कुल खर्च में बढ़ोतरी होगी और खरीदारों का बजट प्रभावित होगा।

भोपाल में भी बढ़ी दरें

राजधानी भोपाल समेत अन्य जिलों से मिले प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए यहां भी औसतन 12 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। हालांकि शहर के 740 स्थानों पर यह बढ़ोतरी अलग-अलग स्तर पर हुई है, जो 1 प्रतिशत से लेकर 181 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। इससे कुछ क्षेत्रों में प्रॉपर्टी काफी महंगी हो जाएगी।

हर साल बढ़ रही कीमतें

प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से प्रॉपर्टी की दरों में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले साल औसतन 13 प्रतिशत वृद्धि हुई थी, जबकि इस बार इसे बढ़ाकर 16 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी इस बार करीब 3 प्रतिशत अतिरिक्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

आम लोगों पर बढ़ेगा बोझ

जमीन और निर्माण लागत में लगातार हो रही वृद्धि का सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। अब घर खरीदने या बनाने के लिए लोगों को अधिक पैसा खर्च करना होगा। ऐसे में कई लोगों को अपना बजट बढ़ाना पड़ेगा या फिर घर खरीदने का फैसला आगे टालना पड़ सकता है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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