MP Monsoon Disaster Management: जर्जर भवनों को तत्काल कराएं डिस्मेंटल, कमिश्रर ने दिए निर्देश

MP Monsoon Disaster Management: वर्षा ऋतु के दौरान सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ और सम्बन्धी विभागों के अधिकारी सतर्क रहें। सुरक्षा के सभी पूर्व आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। सार्वजनिक इमारतों, स्कूल भवनों, आंगनवाड़ियों, स्वास्थ्य केन्द्रों पर सतत नजर बनाएं रखें। जर्जर भवनों को तत्काल डिस्मेंटल कराएं। किसी भी प्रकार की जनहानि और धन हानि न हो यह सुनिश्चित किया जाएं। यह निर्देश संभागायुक्त नर्मदापुरम केजी तिवारी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट बैतूल में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिए।

बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, वन मंडल अधिकारी उत्तर नवीन गर्ग, वन मंडल अधिकारी वरुण यादव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अक्षत जैन, प्रशिक्षु आईएफएस सुंदर निवेदन, उपायुक्त नर्मदापुरम बी गणेश, अपर कलेक्टर राजीव नंदन श्रीवास्तव सहित जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यह समस्याएं आने पर जल्द निराकरण कराएं (MP Monsoon Disaster Management)

उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि जनसामान्य के कार्यों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से किया जाएं। जनपद सीईओ, सीएमओ नगरपालिका, सड़क विभाग सतत अपने क्षेत्रों का भ्रमण करते रहे और सुनिश्चित करें कि सड़कों को स्थित अच्छी रहे। सड़कों पर गड्ढे होने की शिकायतों का त्वरित निराकरण कराएं। इसी प्रकार नाली के ब्लॉकेज, पेयजल, बिजली, जलभराव की समस्याएं आने कर उनका तत्परता से समाधान कराएं।

सम्पूर्ण व्यवस्थाओं के लिए एसडीएम जिम्मेदार (MP Monsoon Disaster Management)

संभागायुक्त श्री तिवारी ने निर्देशित किया कि सभी एसडीएम अपने क्षेत्र में संपूर्ण व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार हैं। विभागीय अधिकारियों से समन्वय और सहयोग से कार्य करना आपका प्रमुख उत्तरदायित्व हैं। इसी प्रकार विकास से जुड़े कार्यों में भी एसडीएम लीडरशिप लें। अपने क्षेत्र में फीड बैक सिस्टम डेवलप करें। नकारात्मक खबरों पर त्वरित एक्शन लिया जाएं। रोस्टर तय कर विभागों के कार्यों का निरीक्षण किया जाएं। उन्होंने सभी सीएमओ ,जनपद सीईओ और बीएमओ से वर्षा की तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

कोई भी राजस्व प्रकरण ऑफलाइन दर्ज न हो (MP Monsoon Disaster Management)

वन खंड व्यवस्थापन के प्रकरणों की अनुविभागवार समीक्षा कर संभागायुक्त श्री तिवारी ने कहा कि प्रकरणों में आवश्यक बिंदुओं का पालन कर उन्हें दर्ज कराएं। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों से ऑफलाइन दर्ज प्रकरणों के बारे में जानकारी और निर्देशित किया कि कोई भी प्रकरण ऑफलाइन दर्ज नहीं किया जाएं। ऑफलाइन दर्ज पाए जाने पर संबंधित एसडीएम के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।

एसडीएम और एसडीओ फॉरेस्ट की जानकारी और समन्वय में कमी न हो। उन्होंने स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और अन्य संबंधित विभागों को वन विस्थापन के प्रकरणों का एसडीओ फॉरेस्ट से समन्वय कर निराकरण कराए। सभी राजस्व अधिकारी अपने क्षेत्र में अभियान चलाकर जाति प्रमाण पत्र बनाए जाएं।

ई ऑफिस का प्रभावी क्रियान्वयन कराएं (MP Monsoon Disaster Management)

उन्होंने सभी एसडीएम से टेबल इंस्पेक्शन के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि टेबल इंस्पेक्शन प्राथमिकता से किया जाएं। रीडर लॉगिन पर कोई भी प्रकरण लंबित न रहे। राजस्व प्रकरणों के निराकरण के पश्चात उसे शीघ्र रिकॉर्ड रूम में सबमिट कराएं। उन्होंने कहा कि पट्टा नवीनीकरण के प्रकरण लंबित न रखें।

पट्टा नवीनीकरण के लिए आवेदक द्वारा आवेदन नहीं किए जाने पर स्वप्रेरणा से नियमानुसार उनका निराकरण किया जाएं। यह प्रकरण अनिवार्य रूप से आरसीएमएस पर भी दर्ज किए जाएं। भू अर्जन के प्रकरणों का भी राजस्व अधिकारी शीघ्र निराकरण कराए। संभागायुक्त श्री तिवारी ने ई ऑफिस के क्रियान्वयन की भी समीक्षा कर ई ऑफिस प्रणाली का प्रभावी और व्यवस्थित क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

निजी स्कूल वाहनों की जांच करें (MP Monsoon Disaster Management)

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी एसडीएम सुनिश्चित करे कि ज्ञात और अज्ञात वाहन से होने वाली दुर्घटना में राहत के प्रकरण लंबित न रहें। अपने क्षेत्र के थाने के साथ राहत प्रकरणों की सतत समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत अपने क्षेत्र में ब्लैक स्पॉट का चिन्हांकन कर वहां सुरक्षा के सभी उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

निजी बस वाहनों की निरीक्षण भी किया जाएं। निजी स्कूल बस वाहन की फिटनेस, वाहन चालक सहित अन्य आवश्यक प्रमाणित जानकारी ली जाएं। अवैध उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही कराएं।प्रदूषण के दृष्टि से पॉल्यूशन कंट्रोल द्वारा औद्योगिक इकाइयों की भी निष्पक्ष रूप से जांच की जाएं।

समग्र ईकेवाईसी शीघ्र पूर्ण कराएं (MP Monsoon Disaster Management)

संभागायुक्त श्री तिवारी ने समग्र आधार ईकेवाईसी की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ईकेवाईसी कार्य में प्रगति लाएं। एसडीएम इसकी सतत मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि मिशन कर्मयोगी पोर्टल पर भी सभी अधिकारी कर्मचारी अपना रजिस्ट्रेशन कराएं और प्रशिक्षण प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौध रोपण कराए और अनिवार्य रूप से फोटो अंकुर एप पर अपलोड किया जाएं। (MP Monsoon Disaster Management)

स्वास्थ्य विभाग का अमला गंभीरता से कार्य करें (MP Monsoon Disaster Management)

संभागायुक्त श्री तिवारी ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास को निर्देश दिए कि अपने क्षेत्र में बाल मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए गंभीरता से कार्य करें। इस प्रकार पोषण आहार वितरण योजनाओं का भी प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन कराएं। सभी धात्री माताओं और बच्चों का शत प्रतिशत पंजीयन किया जाएं।

आंगनवाड़ी अपने निर्धारित दिवसों पर अनिवार्य रूप से खुलें। आंगनवाड़ियों में बच्चों की उपस्थिति शत प्रतिशत रहे। उप स्वास्थ्य केंद्र समय पर खुलें और वहां स्वास्थ्य का अमला समय पर पहुंचे। इस प्रकार सभी विभागीय अधिकारी कर्मचारी भी अपने कार्यालयों में समय पर पहुंचे। जनसमस्या के प्रति आपका स्वभाव विनम्र और सद्भावनापूर्वक रखें। (MP Monsoon Disaster Management)

अधीनस्थ कर्मचारियों की समस्याएं सुलझाएं (MP Monsoon Disaster Management)

संभागायुक्त श्री तिवारी ने सभी कार्यालय प्रमुख को निर्देश दिए कि अपने अधीनस्थ अधिकारी कर्मचारी को अपने समयमान वेतनमान, एरियर, चिकित्सा सहायता इत्यादि सहायता के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े। परामर्शदात्रि समिति की बैठक में नियमित रूप से आयोजित की जाएं। संभागायुक्त श्री तिवारी ने राहवीर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन करने और उसका व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को मिलेट फसलों और उद्यानिकी का वास्तविक गिरदावरी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। (MP Monsoon Disaster Management)

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