MP Law and Order: कलेक्टर्स जिले के प्रशासनिक मुखिया होने के साथ-साथ जिला दण्डाधिकारी भी हैं। इसीलिए जिले में कानून व्यवस्था की बहाली सुनिश्चित करने की पहली जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में खुद का प्रभावी सूचना तंत्र विकसित करें, ताकि किसी भी घटना या दुर्घटना की सूचना तत्काल प्राप्त हो और समय पर नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी घटना या दुर्घटना की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचे। इससे घटना या दुर्घटना और अधिक बड़ा रूप नहीं लेंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस-2025 के आठवें एवं अंतिम सत्र को संबोधित करते हुए यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से स्थिति नियंत्रण में बहुत मदद मिलती है। कलेक्टर एवं एसपी दोनों में उच्च कोटि का तालमेल होना चाहिए। दोनों संयुक्त रूप से कार्ययोजना बनाकर जिले की कानून व्यवस्था की निगरानी रखें।
सकरी सड़कों को चिन्हित कर बनाएं प्लान
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था के दृष्टिगत ऐसी संवेदनशील बस्तियां जहां सड़कें सकरी हैं, तथा फोर्स मूवमेंट में समस्या आती है, सभी कलेक्टर्स ऐसे स्पॉट्स/जगहों को चिन्हित कर वहां का जोनल प्लान स्थानीय नगरीय निकायों के सहयोग से अगले तीन माह में तैयार कर लें, ताकि आवागमन सुगम हो और आवश्यकता पड़ने पर फोर्स मूवमेंट में समस्या न आए।

मार्च तक प्रदेश को करें नक्सलवाद से मुक्त
उन्होंने मार्च 2026 तक मध्यप्रदेश को पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए ठोस रणनीति बनाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उन्होंने सेंसिटिव पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा कि जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भाव होना चाहिए। पुलिस अपनी साख बनाएं और अपराधों को रोकने में तत्परतापूर्वक कार्यवाही करें। प्रदेश के सभी कलेक्टर्स-एसपी की संयुक्त कॉन्फ्रेंस का विषय कानून एवं व्यवस्था की सुनिश्चितता था।
सरेंडर करें या कर देंगे नेस्तनाबूद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि मध्यप्रदेश को मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त करने के दृष्टिगत 6 माहों में बालाघाट, मण्डला और डिण्डोरी जिलों के कलेक्टर्स और एसपी लक्ष्य केंद्रित कर यह काम पूरा करें। नक्सली या तो सरेंडर करें अन्यथा उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि बालाघाट जिले में नक्सली गतिविधियों में बेहद कमी आने के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बालाघाट को अति नक्सलवाद प्रभावित जिले की श्रेणी से डाउनग्रेड कर सामान्य श्रेणी में कर दिया है। उन्होंने इस उपलब्धि पर कलेक्टर-एसपी बालाघाट दोनों को बधाई दी।

अवैध बांग्लादेशियों को करें बाहर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में रह रहे अवैध बांग्लादेशियों को बाहर करने के लिए पुलिस एवं अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से कार्य करें, इस काम में और सख्ती लाएं। उन्होंने बताया कि अब तक 19 बांग्लादेशियों को चिन्हित कर वापस भेजा गया है। अवैध घुसपैठियों के खिलाफ ऐसी कार्यवाही आगे भी जारी रखें।
- यह भी पढ़ें : EPFO EDLI Scheme: कर्मचारियों को फ्री में मिलता है 7 लाख का बीमा, बस PF कटना जरूरी, जानिए पूरी स्कीम
स्कूलों के आसपास लगाएं सीसीटीवी कैमरे
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूल एवं कॉलेज के आसपास आपराधिक तत्वों पर लगाम कसने के लिए सूचना तंत्र विकसित करें, निगरानी तंत्र को और तेज करें और ऐसे चिन्हित स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएं। स्कूल-कॉलेजों के आसपास असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ अन्य विभागों को भी जोड़ा जाए।
पुलिस एवं प्रशासन खुद के सूचना तंत्र से जानकारी लेकर अपराधों पर अंकुश लगाएं। नगरीय निकाय और पंचायतें पुलिस के सुझाव के अनुसार सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध कराएं। महिला अपराधों के संबंध में काउंसलिंग करें। अन्य सामाजिक संगठनों को भी इस काम से जोड़ें।
- यह भी पढ़ें : PM Surya Ghar Yojana: पीएम सूर्य घर योजना से बिजली बिल की टेंशन होगी खत्म, 5.79 लाख लोग ले चुके लाभ
सरकारी अमले पर हमले बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन जिलों में शासकीय अमले पर हमले होने की अधिक घटनाएं होती हैं, वहां कलेक्टर-एसपी अन्य विभागों के साथ बेहतर तालमेल और समन्वय कर कार्यवाही करें, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटें। घटना की वजह पता कर उसका समुचित समाधान भी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में खाद-बीज के वितरण की व्यवस्था में भी पुलिस एवं जिला प्रशासन सामंजस्य से काम करें। किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं आनी चाहिए।
आदतन अपराधियों की निरस्त करें जमानत
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था मजबूत करते हुए अपराधों में संलिप्त आदतन अपराधियों की जमानत निरस्त की जाएं। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय मॉनिटरिंग सेल के माध्यम से जिले में आदतन अपराधियों की जमानत निरस्तगी की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अपराधों के खिलाफ भी कार्रवाई में तेजी लाएं। ऐसे अपराध न होने पाएं, इसके लिए जनजागृति अभियान चलाएं।
सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-
- वाट्सअप चैनल पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक ग्रुप पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक पेज पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- एक्स पर खबरें पाने के लिए: यहां क्लिक करें
देश-दुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com
