MP Food Processing Policy: मध्यप्रदेश में किसानों की बल्ले=बल्ले होने वाली है। प्रदेश में अब फूड प्रोसेसिंग पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इसे 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। इससे किसानों को उनकी उपज का और अधिक दाम मिल सकेगा। वहीं उपज के बिना बिके खराब होने का खतरा भी नहीं रहेगा।
यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्था में समृद्ध एफपीओ-आत्मनिर्भर किसान-विकसित भारत संकल्प के अंतर्गत एफपीओ फेडरेशन मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित एफपीओ डायरेक्टर समिट-2025 को संबोधित करते हुए दी।
प्रदेश के किसानों को भी जोड़ रहे (MP Food Processing Policy)
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने फूड प्रोसेसिंग को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 95 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ किसानों को फूड प्रोसेसिंग से जोड़ा जा रहा है। मालवा अंचल में आलू चिप्स निर्माण के लिए बड़ा उद्योग स्थापित किया जा रहा है। प्रदेश के औद्योगिकरण में एफपीओ की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

इनमें भी योगदान दें एफपीओ (MP Food Processing Policy)
एफपीओ केवल फूड प्रोसेसिंग ही न करें, बल्कि वेयर हाउसिंग और लॉजिस्टिक्स में भी योगदान दें। एफपीओ के माध्यम से किसान अपने उत्पादों का दायरा बढ़ाएं। सरकार सभी प्रकार के उद्योगों को बिजली, पानी और जमीन देकर हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है।
वेतन में दे रहे इतना अनुदान (MP Food Processing Policy)
उन्होंने कहा कि रोजगार आधारित उद्योग लगाने पर सरकार द्वारा उद्योगों में नियोजित महिला कर्मचारी को उनके मासिक वेतन में 6000 रुपए और पुरूष कर्मचारी को पांच हजार रूपए अनुदान, 10 वर्ष तक दिया जाएगा। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाकर स्वर्णिम मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए संकल्पित है।

मप्र के जैविक कपास की विशेष मांग (MP Food Processing Policy)
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पारंपरिक खेती का दायरा कम हुआ है। पहले जहां चावल उत्पादन नहीं होता था, वहां अब चावल की खेती बढ़ रही है। इसी प्रकार कपास का रकबा कम हो रहा है। पहले मालवा और निमाड़ अंचल का कपास उत्पादन में विशेष स्थान था।
चीन-वियतनाम कर रहे यह चालाकी (MP Food Processing Policy)
मध्यप्रदेश में उच्च गुणवत्ता का जैविक कपास होता है। दुनिया में धागा और कपड़ा बनाने के लिए चीन के कपास को पसंद नहीं किया जाता, मध्यप्रदेश के कपास की विशेष मांग है। चीन और वियतनाम अपने कपास को मध्यप्रदेश के कपास के नाम से बेच रहे हैं।
मोटे अनाज की भी होगी खरीदी (MP Food Processing Policy)
राज्य सरकार ने किसानों को गेहूं का प्रति क्विंटल दाम 2600 रुपए कर दिया है। तुअर दाल पर टैक्स हटाया है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मोटा अनाज (कोदो-कुटकी) खरीदने की भी व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।
पशुपालन के लिए यह हैं योजनाएं (MP Food Processing Policy)
राज्य सरकार ने पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है। पात्र हितग्राहियों को सब्सिडी पर गाय-भैंस जैसे दुधारू पशु उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग के साथ प्रदेश में मिल्क प्रोसेसिंग और मिल्क प्रोडक्ट के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रदेश में खाद की यह है स्थिति (MP Food Processing Policy)
कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है, लेकिन डीएपी की थोड़ी कमी है, जिसकी व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 14 लाख मैट्रिक टन यूरिया और 12 लाख मैट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। सरकार 10 लाख मैट्रिक टन यूरिया किसानों को बांट चुकी है। बाढ़-बारिश से हुए नुकसान के लिए राज्य सरकार किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करेगी। (MP Food Processing Policy)
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