MP Farmers Relief 2025: मध्यप्रदेश के कई जिलों में प्राकृतिक आपदा और कीटों के प्रकोप से फसलों को भारी क्षति पहुंची है। शुक्रवार को इन किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज 13 जिलों के 8 लाख 84 हजार 772 किसानों को 653.34 करोड़ रुपये की राहत राशि सिंगल क्लिक के जरिए किसानों के बैंक खातों में अंतरित की।
मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित किसानों को वर्चुअल संबोधित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अतिवृष्टि व बाढ़ से हुई फसल क्षति से प्रभावित 3 लाख 90 हजार 167 किसानों को 331.34 करोड़ रूपये एवं पीला मोजेक व कीट व्याधि से हुई फसल क्षति से प्रभावित 4 लाख 94 हजार 605 किसानों को 322 करोड़ रुपये की राहत राशि दी गई है।
फसल सर्वे के कार्य में पारदर्शिता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी पीड़ित किसान भाइयों को राहत राशि देने और फसल सर्वे के कार्य में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। किसानों के चेहरे की खोई मुस्कान लौटाना हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 4 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से 6 लाख 69 हजार से अधिक धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया है।

माथे का पसीना नहीं जाएगा बेकार
सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भी भावान्तर योजना शुरू की गई है। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अन्तर की राशि सरकार सीधे किसानों को देगी। हम किसानों का कोई नुकसान नहीं होने देंगे। किसानों के माथे का पसीना बेकार नहीं जाएगा, आपकी मेहनत फिर से हरियाली का रूप लेकर प्रदेश को समृद्ध करेगी।
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पीला मोजेक के लिए पहली बार राहत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में अब तक विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को विभिन्न मदों में कुल 229 करोड़ 45 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। गत माह 6 सितंबर को ही फसल क्षति के लिए 11 जिलों के 17 हजार से अधिक किसानों को 20 करोड़ से अधिक की राहत राशि दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार द्वारा सोयाबीन में पीले मोजेक रोग से फसल प्रभावित किसानों को राहत राशि दी जा रही है।

भावांतर योजना के लिए शुरू पंजीयन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत राशि मिलने पर सभी किसानों को बधाई देते हुए कहा कि आज से ही सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना के तहत पंजीयन प्रारंभ हो गया है। अब किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पंद्रह दिनों में खाते में पहुंचेगी राशि
सोयाबीन मंडी में बेचें, यदि एमएसपी से कम राशि में फसल बिकती है, तो बेची गई फसल की कीमत और एमएसपी के अंतर की राशि यानि भावांतर की राशि अगले 15 दिनों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए किसानों को इस साल सोयाबीन का अत्यधिक भाव मिलेगा। इस बार सोयाबीन की एमएसपी 500 रुपए से अधिक बढ़कर 5328 रुपए हो गई है। केंद्र सरकार ने गेहूं की फसल के लिए फिर से एमएसपी बढ़ाई है।
केला किसानों को प्रति हेक्टेयर 2 लाख
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुरहानपुर जिले के केला उत्पादक अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को 3.39 करोड़ रूपए मुआवजा राशि दी गई है। किसान पांडुरंग बि_ल और विनोद पुंडलिक ने कहा कि यहां के केला उत्पादक किसानों को लगभग 2 लाख प्रति हेक्टेयर का मुआवजा दिया जा रहा है और इससे बड़ी राहत हो गई है।
कार्यक्रम में यह भी रहे मौजूद
राहत राशि वितरण कार्यक्रम में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, आयुक्त राजस्व श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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