MP Election: भाजपा के जिला महामंत्री राहुल चौहान ने दिया इस्तीफा, निर्दलीय चुनाव लड़ने का कर चुके ऐलान
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यूनुस खान, दामजीपुरा
MP Election: मध्य प्रदेश में विधान सभा चुनाव के करीब आते ही टिकट वितरण से असंतुष्ट नेताओं का पार्टी को बाय बाय कहने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। भाजपा द्वारा जिले में 2 उम्मीदवारों के घोषित करने के बाद कहीं दबे छिपे विरोध हो रहा है तो कहीं खुलेआम बगावत हो रही है। इसी कड़ी में भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र के दामजीपुरा निवासी और भाजपा के जिला महामंत्री राहुल सतीश चौहान ने अपने पद के साथ ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।
पार्टी के जिला अध्यक्ष आदित्या बबला शुक्ला को भेजे त्यागपत्र में राहुल सतीश चौहान ने कहा है कि मैं जिला महामंत्री भाजपा बैतूल एवं भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्ता से स्वयं अपनी मर्जी एवं निर्णय से त्याग पत्र दे रहा हूं। आप ने मुझ पर विश्वास के साथ संगठन के उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने का अवसर दिया। साथ ही संगठन के सभी साथियों और वरिष्ठों का जो स्नेह मुझे प्राप्त हुआ, उसके लिए में आप सभी का हृदय की गहराई से आभार एवं धन्यवाद प्रेषित करता हूँ। कृपया मेरा त्याग पत्र स्वीकार करें।
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उल्लेखनीय है कि भैंसदेही सीट से पूर्व विधायक महेंद्र सिंह चौहान को पार्टी द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद से ही राहुल चौहान नाराज चल रहे थे। वहीं क्षेत्रवासियों की एक बैठक के बाद वे निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर चुके थे। इसी कड़ी में उन्होंने भैंसदेही से सटी महाराष्ट्र राज्य की मेलघाट विधानसभा के विधायक राजकुमार पटेल और जनशक्ति पार्टी के संस्थापक तथा विधायक बच्चुभाऊ कडू (प्रहार) से भी मुलाकात कर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर विचार मंथन किया था। संभावना जताई जा रही है कि वे प्रहार पार्टी ज्वाइन कर उस पार्टी से चुनाव लड़ सकते हैं।
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राजनीतिक जानकारों का दावा है कि बच्चु कडू भैंसदेही विधानसभा के कुनबी समाज एवं राजकुमार पटेल गोंड एवं कोरकू समाज के वोट खासे प्रभावित कर सकते हैं। इससे राहुल चौहान को खासा समर्थन मिल सकता है। ऐसी स्थिति में भाजपा और कांग्रेस दोनों का समीकरण बिगड़ सकता है।
राहुल चौहान पूर्व में युवा कांग्रेस के विधान सभा अध्यक्ष रह कर जमीनी स्तर संगठन में काम कर चुके हैं। भाजपा जिला संगठन में जिला महामंत्री रहकर भी उन्होंने निचले स्तर पर संगठन में काम किया है। दामजीपुरा क्षेत्र में भी लोकल उम्मीदवार के मुद्दे ने जोर पकड़ा हुआ है। उल्लेखनीय है कि राहुल चौहान के पिता सतीश चौहान 1985 में कांग्रेस से विधायक रहे थे। उनके बाद पिछले 35 वर्षों से दामजीपुरा क्षेत्र से कोई विधायक नहीं बना।
बीजेपी की मुश्किल बढ़ाई (MP Election)
प्रत्याशी का विरोध हो रहा है और अब महामंत्री के पार्टी छोड़ देने से बीजेपी को चुनाव में मुश्किल आ सकती है। कोरकू समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले राहुल का अगला कदम क्या होगा और कितना जन समर्थन उन्हे मिलेगा यह आने वाले वक्त में सामने आएगा।



