Madhavi Raje Scindia Last Rites : माधवी राजे सिंधिया के आखिरी दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, कई राजघराने हुए शामिल
Madhavi Raje Scindia Last Rites: Crowd gathered for the last darshan of Madhavi Raje Scindia, many royal families participated.
ग्वालियर: Madhavi Raje Scindia Last Rites केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां माधवी राजे सिंधिया का पार्थिव शरीर गुरुवार को ग्वालियर लाया गया। दिल्ली से लाते समय रास्ते में जगह जगह उन्हें श्रद्धांजलि देने लोगों की भारी भीड़ जमा थी। लोग राजमाता अमर रहें के नारों के साथ उन्हें पुष्प अर्पित कर रहे थे। एबुलेंस में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे। ग्वालियर के सिंधिया महल पहुंचते ही उनके अंतिम दर्शनों के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। माधवी राजे सिंधिया को श्रद्धांजलि देने के लिए कई नामी गिरामी हस्तियां रानी महल में उमड़ पड़ी।
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राजमाता का अंतिम संस्कार शाम 5 बजे सिंधिया छतरी पर होगा। अंतिम संस्कार में तीन राज्यों के मुख्यमंत्री और कई राज परिवार शामिल होंगे। एमपी के सीएम मोहन यादव, डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। उनके अलावा नेपाल, कश्मीर, बड़ौदा, धौलपुर राजपरिवार के सदस्य भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। छतरी पर अंतिम संस्कार में 20 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है।
ग्वालियर से पहले माधवी राजे की पार्थिव देह अंतिम दर्शन के लिए सिंधिया के दिल्ली आवास पर रखी गई थी। यहां पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके साथ-साथ कांग्रेस के सांसद विवेक तंखा ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।
राजमाता को श्रद्धांजलि देने पहुंचे विभिन्न राज्यों के राजनीतिक दलों के नेता और मंत्रियों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। एमपी के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का कहना था कि राजमाता के जाने से रिक्तता आई है, सिंधिया परिवार के दुख को समझा जा सकता है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता भगवान सिंह यादव का कहना था कि वो वास्तव में राजमाता थीं। वहीं विधायक मोहन सिंह राठोड़ का कहना था कि राजमाता द्वारा किए गए का एहसानों का हम कभी नहीं चुका पाएंगे।



