LPG Insurance Claim: गैस सिलेंडरों से हादसा होने पर मिलती है बीमा राशि, यहां जानें क्या है पूरी प्रक्रिया

LPG Insurance Claim: रसोई गैस सिलेंडर आज हर घर में इस्तेमाल होता है। इन सिलेंडरों के कारण हादसे भी हो जाते हैं। इन हादसों में कई लोगों की जान चली जाती है तो कई लोग गंभीर रूप से जख्मी हो जाते हैं। जान-माल को भी भारी नुकसान पहुंचता है।
इन सबके बावजूद आज भी अधिकांश लोगों को यह पता ही नहीं है कि ऐसा होने पर बीमा राशि भी मिलती है। यही कारण है कि रसोई गैस सिलेंडरों के कारण ही हादसे होने और मृत्यु होने पर भी अधिकांश लोग बीमा राशि के लिए कोई क्लेम ही नहीं करते हैं।
सभी उपभोक्ताओं को मिलता है कवर (LPG Insurance Claim)
दरअसल तेल विपणन कंपनियां (ओएमसीज) तेल उद्योगों के लिए सार्वजनिक देयता नीति के अंतर्गत व्यापक बीमा पॉलिसी लेती हैं। जिसमें ओएमसीज के साथ पंजीकृत सभी एलपीजी उपभोक्तओं को कवर प्राप्त होता हैं। (LPG Insurance Claim)
गैस के कारण लगना चाहिए आग (LPG Insurance Claim)
ओएमसीज द्वारा ली गई सार्वजनिक देयता बीमा पॉलिसी में उन दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को शामिल किया जाता है जहां एलपीजी आग लगने का प्राथमिक कारण होता है।
इतनी बीमा राशि का है प्रावधान (LPG Insurance Claim)
- पॉलिसी के प्रावधानों के अनुसार मृत्यु के मामले में प्रति व्यक्ति को 6,00,000 रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना कवर दिया जाता है।
- प्रति व्यक्ति अधिकतम 2,00,000/- रुपये के साथ प्रति घटना के लिए 30 लाख रुपये के चिकित्सा व्यय को कवर किया जाता है।
- संपत्ति की क्षति के मामले में, यह अधिकृत ग्राहक के पंजीकृत परिसर में प्रति घटना अधिकतम 2,00,000/- रुपये का कवर प्रदान करता है।
बीमा राशि पाने की यह है प्रक्रिया (LPG Insurance Claim)
उपभोक्ता के परिसर से जुड़ी किसी भी दुर्घटना के मामले में, ग्राहक को संबंधित ओएमसी वितरक को सूचित करना होगा। वितरक से सूचना प्राप्त होने के बाद ओएमसी का कार्यालय बीमा कंपनी को सूचित करता है। संबंधित बीमा कंपनी बीमा पॉलिसियों के प्रावधानों के अनुसार दावे के निपटान के संबंध में आगे निर्णय लेती है।
कई स्तरों पर होती है जांच परख (LPG Insurance Claim)
हालांकि गैस सिलेंडर सुरक्षित है या नहीं, इसकी कई स्तरों पर जांच करता है। सिलेंडरों का निर्माण भारतीय मानकों (आईएस) 3196 (भाग-1) 2006 के अनुसार किया जाता है। नए सिलेंडरों के प्रत्येक बैच को भेजने से पहले आईएस 3196 भाग-1 के खंड 3.7 में दी गई नमूना योजना के अनुसार भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा परीक्षण किया जाता है।
बीआईएस प्रमाणपत्र के आधार पर, गैस सिलेंडर नियम (जीसीआर) 2016 के अनुसार एलपीजी भरने के लिए सिलेंडर के उपयोग को मुख्य विस्फोटक नियंत्रक (सीसीओई), नागपुर या उनके अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा मंजूरी प्रदान की जाती है। (LPG Insurance Claim)
हर पांच साल बाद पुन: परीक्षण (LPG Insurance Claim)
गैस सिलेंडर नियम 2016 के अंतर्गत प्रत्येक सिलेंडर को आगे की सेवा के लिए उसके फिटनेस की जांच के लिए फिर से परीक्षण करने की आवश्यकता होती है। सिलेंडर के निर्माण की तारीख से पुन: परीक्षण की आवधि 10 वर्ष है और बाद में हर पांच वर्ष बाद किया जाता है।
इसलिए पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार एलपीजी सिलेंडरों की सुरक्षा के लिए आवधिक रूप से जांच की जाती है। सिलेंडरों का वैधानिक परीक्षण आईएस 16054 के अनुसार किया जाता है।
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