Live from Romania Border… प्रियांशु ने वीडियो शेयर कर बताया बॉर्डर पर मुसीबत में कट रहा समय, नहीं हो रहे कोई प्रयास
यूक्रेन में फंसे भारतीय स्टूडेंट की देश वापसी के लिए भारत सरकार द्वारा किए जा रहे इंतजाम छात्रों की संख्या को देखते हुए नाकाफी साबित हो रहे है। भारतीय दूतावास के अधिकारियों द्वारा स्टूडेंट को रोमानिया, पोलेंड या हंगरी बार्डर पहुंचने के निर्देश देने के बाद सैकड़ों की संख्या में भारतीय स्टूडेंट कैब या बस में भारत का तिरंगा लगाकर बार्डर पर पहुंच रहे है। बार्डर पर भीड़ जमा हो जाने से स्टूडेंट को निकलने में घंटो का समय लग रहा है।
बैतूल जिले के पाढर का छात्र भी रविवार सुबह रोमानिया बार्डर पर तो पहुंच गया है लेकिन रविवार शाम तक भी बार्डर क्रास नहीं कर पाया है। रोमानिया बार्डर पर सैकड़ों की संख्या में स्टूडेंट के जमा हो जाने और बार्डर के दूसरी ओर बसों की व्यापक व्यवस्था नहीं हो पाने से स्टूडेंट बार्डर पर ही रूके है। लेकिन यह अच्छी बात है कि बार्डर पर पहुंचने वाले स्टूडेंट डेंजर जोन से सेफ जोन में आ गए है।
ज्ञातव्य हो कि यूक्रेन पर 24 फरवरी को रूस ने हमला कर दिया था। यूक्रेन में युद्ध शुरू हो जाने से वहां एमबीबीएस सहित अन्य विषयों की पढ़ाई करने गए लगभग 20 हजार स्टूडेंट यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में फंस गए थे। जिसमें जिले के पाढर निवासी शिक्षक उमेश विश्वकर्मा का पुत्र दीपांशु विश्वकर्मा भी यूक्रेन के बिन्नित्स्या शहर में फंस गए थे। तीन रात बंकर में गुजारने के बाद शनिवार शाम को दीपांशु सहित उनके कॉलेज के 30 स्टूडेंट बस से रोमानिया बार्डर पहुंच गए।
दीपांशु विश्वकर्मा के भाई मिथिलेश विश्वकर्मा ने बताया कि दीपांशु और उनके कॉलेज के 30 स्टूडेंट रविवार सुबह रोमानिया बार्डर पहुंच गये थे। बार्डर पर स्टूडेंट की भीड़ जमा हो गई है। यूक्रेन के अलग-अलग शहरों से सैकड़ों की संख्या में स्टूडेंट रोमानिया बार्डर पहुंच गए है। जिससे बार्डर पार करने में बहुत अधिक समय लग रहा है। दीपांशु पिछले 12 घंटे से बार्डर पर है। दीपांशु की तरह भारत के लगभग 4 हजार स्टूडेंट बार्डर क्रास कर रोमानिया में प्रवेश करने का इंतजार कर रहे है।

दीपांशु ने बताया कि बार्डर पर भारतीय स्टूडेंट के लिए यूक्रेन के नागरिकों ने खाने की व्यवस्था की है। बार्डर क्रास करने के बाद रोमानिया से एयर इंडिया की फ्लाइट्स से भारत आएंगे। दीपांशु ने बताया कि रोमानिया बार्डर पहुंचकर वे अब सेफ जोन में आ गए है। उनका नंबर लगने पर वे बार्डर क्रास कर रोमानिया और वहां से इंडिया आएंगे।



