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Ladli Laxmi Yojana 2026: बेटी के जन्म पर मिलेंगे 1.43 लाख रुपए, 3 बेटियां हैं तो भी मिलेगा लाभ, जानिए पूरी प्रक्रिया और शर्तें

Ladli Laxmi Yojana 2026: 1.43 lakh rupees will be given on the birth of a daughter, even if you have 3 daughters, you will get the benefit, know the complete process and conditions

Ladli Laxmi Yojana 2026: बेटी के जन्म पर मिलेंगे 1.43 लाख रुपए, 3 बेटियां हैं तो भी मिलेगा लाभ, जानिए पूरी प्रक्रिया और शर्तें
Ladli Laxmi Yojana 2026: बेटी के जन्म पर मिलेंगे 1.43 लाख रुपए, 3 बेटियां हैं तो भी मिलेगा लाभ, जानिए पूरी प्रक्रिया और शर्तें

Ladli Laxmi Yojana 2026: बेटी के जन्म के साथ ही घर में खुशियों का माहौल बन जाता है। भारतीय समाज में बेटियों को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है, इसलिए उनके आने पर परिवार में उत्सव जैसा माहौल होता है। अब समय बदल रहा है और इस खुशी को और खास बनाने के लिए कई परिवार नवजात बच्ची और उसकी मां का स्वागत ढोल-नगाड़ों के साथ करते हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना शुरू की है, जिसके तहत बेटी के जन्म से लेकर 21 साल की उम्र तक कुल 1 लाख 43 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है।

क्या है लाडली लक्ष्मी योजना

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना बेटियों के जन्म को बढ़ावा देने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत सरकार अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान करती है, ताकि बच्ची की पढ़ाई और भविष्य की जरूरतें पूरी हो सकें। पहले इस योजना के तहत 1 लाख 18 हजार रुपए दिए जाते थे, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 1 लाख 43 हजार रुपए कर दिया गया। वर्तमान में यही बढ़ी हुई राशि लाभार्थियों को दी जा रही है। इस योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से किया जाता है।

योजना का क्या है उद्देश्य

इस योजना को लागू करने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना है। इसके साथ ही प्रदेश में लिंगानुपात को संतुलित करना भी इसका एक बड़ा लक्ष्य है। योजना के जरिए परिवारों को बेटियों के जन्म के प्रति प्रोत्साहित किया जाता है और दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके अलावा बाल विवाह और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों को रोकने की दिशा में भी यह योजना अहम भूमिका निभाती है।

योजना के तहत मिलने वाले लाभ

इस योजना में बेटी के नाम पर 1 लाख 43 हजार रुपए की राशि अलग-अलग चरणों में दी जाती है। जब बच्ची छठवीं कक्षा में प्रवेश लेती है, तब उसे 2000 रुपए दिए जाते हैं। नौवीं कक्षा में प्रवेश पर 4000 रुपए और ग्यारहवीं में 6000 रुपए मिलते हैं। बारहवीं कक्षा में भी 6000 रुपए की सहायता प्रदान की जाती है।

इसके बाद यदि बच्ची किसी ग्रेजुएशन या प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेती है, जिसकी अवधि कम से कम दो साल हो, तो उसे 25 हजार रुपए दो किस्तों में दिए जाते हैं। अंतिम चरण में 21 साल की उम्र पूरी होने पर 1 लाख रुपए की राशि दी जाती है। हालांकि यह राशि तभी मिलती है, जब बच्ची ने 12वीं की परीक्षा दी हो या उसकी शादी कानूनन तय उम्र के बाद हुई हो।

कौन ले सकता है योजना का लाभ

इस योजना का लाभ वही बेटियां ले सकती हैं जिनका जन्म 1 जनवरी 2006 या उसके बाद हुआ हो। बच्ची का पंजीकरण नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र में कराना जरूरी होता है। इसके अलावा माता-पिता मध्य प्रदेश के मूल निवासी होने चाहिए और वे आयकरदाता नहीं होने चाहिए। परिवार में अधिकतम दो ही संतान होनी चाहिए। यदि दूसरी संतान के बाद परिवार नियोजन अपनाया गया है, तभी योजना का लाभ मिलेगा। पहली संतान बेटी होने पर बिना परिवार नियोजन के भी लाभ मिल जाता है, लेकिन दूसरी बेटी के लिए परिवार नियोजन जरूरी है।

विशेष परिस्थितियों में नियम

कुछ खास स्थितियों में भी इस योजना का लाभ दिया जाता है। यदि किसी परिवार में दो ही संतान हैं और माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु हो जाती है, तो बच्ची के जन्म के पांच साल तक उसका पंजीकरण कराया जा सकता है। यदि किसी महिला ने एक ही प्रसव में तीन बेटियों को जन्म दिया है, तो तीनों को योजना का लाभ मिलेगा। दुष्कर्म पीड़िता या जेल में बंद महिला की बेटियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। वहीं, यदि स्वास्थ्य कारणों से परिवार नियोजन नहीं हो पाया है, तो आवेदन की समय सीमा को बढ़ाकर दो साल तक किया जा सकता है। ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय जिला कलेक्टर द्वारा लिया जाता है।

योजना में कैसे मिलती है राशि

योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है। यह प्रक्रिया डीबीटी के माध्यम से होती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और लाभ सीधे बच्ची तक पहुंचता है।

आवेदन की यह है पूरी प्रक्रिया

लाडली लक्ष्मी योजना में आवेदन करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके उपलब्ध हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होता है। वहां ‘आवेदन करें’ विकल्प पर क्लिक करने के बाद पात्रता और दस्तावेजों की जानकारी मिलती है। इसके बाद समग्र आईडी की जानकारी भरकर आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाती है।

आवेदन करते समय बच्ची और परिवार की समग्र आईडी भरनी होती है। इसके बाद जरूरी जानकारी भरकर दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं। जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी होती है, वे आंगनवाड़ी केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर या लोक सेवा केंद्र की मदद भी ले सकते हैं।

योजना के लिए जरूरी दस्तावेज

इस योजना में आवेदन करने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इनमें बच्ची और माता-पिता का फोटो, निवास प्रमाण पत्र या राशन कार्ड, बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र और टीकाकरण कार्ड शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर ही आवेदन की प्रक्रिया पूरी होती है।

समग्र e-KYC की प्रक्रिया

योजना का लाभ लेने के लिए समग्र आईडी का e-KYC करना भी जरूरी है। इसके लिए पोर्टल पर जाकर e-KYC का विकल्प चुनना होता है। इसके बाद समग्र आईडी और मोबाइल नंबर के जरिए ओटीपी वेरिफिकेशन किया जाता है। अंत में आधार के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा किया जाता है।

प्रोफाइल और सर्टिफिकेट कैसे देखें

आवेदन के बाद लाभार्थी अपनी प्रोफाइल और सर्टिफिकेट भी ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर ‘लाडली प्रोफाइल’ विकल्प में जाकर रजिस्ट्रेशन नंबर और ओटीपी के जरिए जानकारी प्राप्त की जा सकती है। वहीं, प्रमाण पत्र डाउनलोड करने के लिए भी पोर्टल पर अलग से सुविधा दी गई है।

इस तरह मध्य प्रदेश सरकार की लाडली लक्ष्मी योजना बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ समाज में उनके प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत करने का काम कर रही है। यह योजना न केवल आर्थिक मदद देती है, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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