Kharif Season 2024 : खरीफ सीजन में 4.20 लाख हेक्टेयर में होगी बोवनी, खेत तैयार करने में जुटे किसान
Kharif Season 2024 : बैतूल। खरीफ फसल की बोवनी को लेकर कृषि विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। बोवनी के लिए रकबे का निर्धारण कर दिया है। जिले में जून माह के पहले पखवाड़े में बारिश की संभावना जताई है। बारिश होने पर बोवनी कार्य भी प्रारंभ हो जाएंगा।
Kharif Season 2024 : बैतूल। खरीफ फसल की बोवनी को लेकर कृषि विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। बोवनी के लिए रकबे का निर्धारण कर दिया है। जिले में जून माह के पहले पखवाड़े में बारिश की संभावना जताई है। बारिश होने पर बोवनी कार्य भी प्रारंभ हो जाएंगा।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार खरीफ फसल की बोवनी के लिए जिले में कुल 4 लाख 20 हजार हेक्टेयर का रकबे का लक्ष्य रखा गया है। इस रकबे के हिसाब से बोवनी होने का अनुमान लगाया गया है।
इस बार सोयाबीन का रकबा 2 लाख 2 हजार हेक्टेयर, मक्का का 1 लाख 60 हजार हेक्टेयर और धान का 33 हजार हेक्टेयर, तूअर का 15 हेक्टेयर रकबा तय किया है। इसके अलावा कुछ हेक्टेयर में कोदोकुटकी की बोवनी होगी। लक्षित रकबे के हिसाब से ही कृषि विभाग द्वारा खरीफ फसल की बोवनी को लेकर तैयारियां की जा रही है।
मक्का का रकबा बढ़ने की संभावना (Kharif Season 2024)
कृषि विभाग ने खरीफ फसल की बोवनी के लिए फसल के हिसाब से प्रति हेक्टेयर रकबे का लक्ष्य निर्धारित तो कर दिया, लेकिन इस बार मक्के का रकबा बढ़ने की संभावना अधिक बनी है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों को सोयाबीन के अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं, इसलिए किसान अब सोयाबीन के रकबे को कम कर मक्का की बोवनी अधिक कर सकते है।
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किसानों को इस बार मक्के के अच्छे दाम मिले हैं। जिसके कारण किसानों का फोकस मक्के की बोवनी की ओर सबसे ज्यादा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि किसानों को सोयाबीन के दाम बहुत कम मिले है। 4 हजार रूपए प्रति क्विंटल सोयाबीन की उपज बिकी है, जबकि मक्का 2300 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बिका है। इसलिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने सोयाबीन का रकबा कम और मक्के का रकबा बढ़ने की संभावना जताई है।
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खेतों को तैयार करने में लगे किसान (Kharif Season 2024)
प्रतिवर्ष देखने में यह आता है कि जून माह के पहले पखवाड़े में प्री-मानसून की बारिश हो जाती है और खरीफ की बोवनी प्रारंभ हो जाती है। अब जून माह की शुरूआत होने में महज एक पखवाड़े का समय रह गया है। 7 जून से मृग नक्षत्र की शुरूआत हो जाएगी। मृग नक्षत्र की शुरूआत होते ही बारिश होने की संभावना अधिक बनी रहती है।
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अच्छी बारिश होने पर मृग नक्षत्र में ही किसान बोवनी कर सकते है। मृग नक्षत्र में बोवनी होना अच्छा माना जाता है। अब किसान खरीफ फसल की बोवनी को लेकर खेतों को तैयार करने में जुट गए है। खेतों में हल चलाकर मिट्टी को उलट-पलट करने में लगे है। किसान खेत बनाकर तैयार रखेंगे, ताकि बारिश होने की स्थिति में जल्द बोवनी कार्य प्रारंभ कर सकें।



