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Kharif Crop Farming Tips: खरीफ सीजन में किसानों को कृषि विभाग की तकनीकी सलाह: अच्छी पैदावार के लिए अपनाएं ये उपाय

Kharif Crop Farming Tips: खरीफ सीजन में किसान अपनी फसल से अच्छी पैदावार ले सकें, इसके मद्देनजर कृषि विभाग ने किसानों को तकनीकी सलाह दी है। इसमें विभाग ने बताया कि किस फसल पर कब खरपतवार नाशक का छिड़काव करें और किस फसल को किस पद्धति से तैयार करें। इन सलाहों का पालन कर किसान अपनी फसल को विभिन्न तरह के प्रकोप से सुरक्षित रख सकेंगे और बंपर उत्पादन ले सकेंगे।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा किसानों को दी गई तकनीकी सलाह में बताया गया है कि खरीफ सीजन में किसानों द्वारा सोयाबीन, मक्का, धान, अरहर एवं अन्य फसलों की बुआई का कार्य पूर्ण हो चुका है। किसान भाई अब फसल 15 दिवस की हो जाने पर खरपतवार नाश दवा का छिड़काव करें और फसल की पत्तियां छितर गई है तो इल्लीमार दवा का छिड़काव अवश्य करें।

मिट्टी-जलवायु के आधार पर फसल चयन (Kharif Crop Farming Tips)

किसानों को सलाह दी गई है कि अपने क्षेत्र की मिट्टी, जलवायु को ध्यान में रखते हुए फसल का चयन करें। फसल विविधीकरण करें, ताकि किसान विभिन्न जोखिमों से बच सकें। मिट्टी की संरचना में सुधार के लिए जैविक खाद का उपयोग करें।

ब्रॉडबैंड फरो पद्धति इन फसलों के लिए (Kharif Crop Farming Tips)

किसान दलहनी-तिलहनी फसलों की बुआई मेड़ नाली पद्धति या ब्रॉडबैंड फरो पद्धति से करें, ताकि फसलों को जलभराव एवं सूखे से बचाया जा सके और अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। किसानों को सलाह दी है कि खाद और उर्वरक का प्रयोग सही मात्रा में करें।

खरपतवार नियंत्रण के लिए यह करें (Kharif Crop Farming Tips)

फसल की बुवाई के बाद खरपतवार नियंत्रण के लिए निराई-गुड़ाई करें। रासायनिक खरपतवार नाशक का उपयोग करें, लेकिन सावधानी से और निर्देशों का पालन करें। कीट और रोग प्रबंधन लिए उचित उपाय करें। कीटों और रोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करें और उनके नियंत्रण के कीटनाशक और फफूंद नाशक का उपयोग करें, लेकिन सावधानी से।

एक ही फसल पर न रहें निर्भर (Kharif Crop Farming Tips)

किसान एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न फसलों की खेती करें। फसल विविधीकरण से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और जोखिम कम होता है। खरीफ सीजन में धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, उड़द, मूंग आदि फसलें प्रमुख हैं। किसान इन फसलों को स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुसार चुन सकते हैं।

मौसम की भविष्यवाणी पर दें ध्यान (Kharif Crop Farming Tips)

किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम की भविष्यवाणी पर ध्यान दें और उसके अनुसार खेती करें तथा समय-समय पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। अपने अनुभव और अन्य किसानों से सीखें। यह सलाह किसानों को खरीफ सीजन में बेहतर फसल प्राप्त करने में मदद करेगी। (Kharif Crop Farming Tips)

FAQs (Frequently Asked Questions)

Q1. खरीफ सीजन में फसलों के लिए खरपतवार नियंत्रण कब करें?
👉 फसल बोने के 15 दिन बाद खरपतवार नियंत्रण के लिए दवा का छिड़काव करें और समय-समय पर निराई-गुड़ाई अवश्य करें।

Q2. किसान खरीफ में कौन-कौन सी फसलें ले सकते हैं?
👉 किसान खरीफ सीजन में धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, मूंग, उड़द, अरहर जैसी फसलें बो सकते हैं, जो जलवायु और मिट्टी के अनुसार उपयुक्त हों।

Q3. फसलों को कीट और रोगों से कैसे बचाएं?
👉 कीटनाशक और फफूंदनाशक दवाओं का निर्देशानुसार उपयोग करें और फसल में संक्रमण दिखते ही त्वरित उपचार करें। कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें।

Q4. फसल विविधीकरण क्यों जरूरी है?
👉 फसल विविधीकरण से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, जलवायु परिवर्तन के खतरे कम होते हैं और किसानों की आय के स्रोत बढ़ते हैं।

Q5. ब्रॉडबैंड फरो पद्धति का लाभ क्या है?
👉 ब्रॉडबैंड फरो पद्धति से जलभराव और सूखा दोनों से फसलों की सुरक्षा होती है, जिससे उत्पादन अधिक होता है।

Q6. जैविक खाद का इस्तेमाल क्यों करें?
👉 जैविक खाद मिट्टी की संरचना को सुधारती है, फसल को प्राकृतिक पोषण देती है और रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम करती है।

Q7. खरीफ सीजन में मौसम की जानकारी कहां से लें?
👉 किसान भारतीय मौसम विभाग (IMD) और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से मौसम पूर्वानुमान जान सकते हैं और उसी के अनुसार खेती की योजना बना सकते हैं। (Kharif Crop Farming Tips)

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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