Itarsi Nagpur Fourth Railway Line: इटारसी-नागपुर चौथी रेल लाइन को मंजूरी, 5451 करोड़ का प्रोजेक्ट
Itarsi Nagpur Fourth Railway Line: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में गुरुवार को रेलवे चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को अनुमति दी गई है। इनमें मध्यप्रदेश को भी बड़ी सौगात मिली है। इसके तहत मध्यप्रदेश के इटारसी से नागपुर तक चौथी लाइन को भी मंजूरी दी गई है। कुल 297 किलोमीटर लंबाई के इस प्रोजेक्ट पर 5451 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
बैठक के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को इन परियोजनाओं को लेकर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 574 किलोमीटर की वृद्धि करते हुए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड राज्यों के 13 जिलों को कवर करने वाली कुल 11,169 करोड़ रुपये (लगभग) की अनुमानित लागत वाली इन 4 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यह परियोजनाएं वर्ष 2028-29 तक पूर्ण होंगी।
इन परियोजनाओं को मिली हरी झंडी (Itarsi Nagpur Fourth Railway Line)
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज जिन चार परियोजनाओं को अनुमति प्रदान की है, उनमें सम्मिलित हैं-
- इटारसी – नागपुर चौथी लाइन
- औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर)-परभणी दोहरीकरण
- अलुआबारी रोड-न्यू जलपाईगुड़ी तीसरी और चौथी लाइन
- डांगोपोसी- जारोली तीसरी और चौथी लाइन

इटारसी-नागपुर सेक्शन का यह महत्व (Itarsi Nagpur Fourth Railway Line)
रेल मंत्री श्री वैष्णव ने बताया कि इटारसी-नागपुर सेक्शन दिल्ली से चेन्नई और मुंबई से हावड़ा के बीच का हाई डेंसिटी नेटवर्क का इंटर सेक्शन है। यह बिल्कुल देश के मध्य में स्थित है। यहां से चारों दिशाओं की ट्रेन्स गुजरती हैं, इसलिए इसकी क्षमता बढ़ाना जरुरी है। यहां ग्वालियर से होते हुए उत्तर से दक्षिण और मनमाड़ से होते हुए पूर्व से पश्चिम वाली गाडिय़ां आती हैं।
अभी तीसरी लाइन का काम चालू (Itarsi Nagpur Fourth Railway Line)
इटारसी-नागपुर सेक्शन पर अभी डबल लाइन है। इसके महत्व को देखते हुए ही यहां अभी तीसरी लाइन का काम चालू है। आज चौथी लाइन भी स्वीकृत कर दी गई है। इससे यह पूरा एरिया डी कंजेस्ट हो जाएगा। वहीं ट्रैफिक फ्लो हो जाएगा। माल परिवहन की क्षमता में इजाफा होगा। इससे 10 मिलियन टन अतिरिक्त कार्गो आएगा।
#Cabinet approves four multitracking projects covering 13 Districts across the states of Maharashtra, Madhya Pradesh, West Bengal, Bihar, Odisha, and Jharkhand increasing the existing network of Indian Railways by about 574 Kms
— PIB India (@PIB_India) July 31, 2025
These projects include:
▪️ Itarsi – Nagpur 4th… pic.twitter.com/IhkoaxDV2h
इस सेक्शन पर कितने ब्रिज-टनल (Itarsi Nagpur Fourth Railway Line)
उन्होंने बताया कि यह सेक्शन कुल 297 किलोमीटर लंबाई का है। इस पर 36 मेजर ब्रिज, 450 माइन ब्रिज, 2 फ्लाई ओवर, 74 अंडर पासेस, 4 टनल और 2 रेल फ्लाई ओवर है। लॉन्ग टर्म में यह देश के लिए बेहद लाभकारी होगा। हर साल इससे देश की 1206 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक कास्ट बचेगी।
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सभी नई परियोजनाओं से यह लाभ (Itarsi Nagpur Fourth Railway Line)
श्री वैष्णव ने बताया कि बढ़ी हुई लाइन क्षमता गतिशीलता में काफी वृद्धि करेगी, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में सुधार होगा। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्ताव संचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़ को कम करने के लिए निर्मित किए गए हैं।
ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नवीन भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं, जो क्षेत्र में व्यापक विकास के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ रोजगार/स्वरोजगार के अवसर भी सृजित करेंगी।

इन चार राज्यों को मिलेगा फायदा (Itarsi Nagpur Fourth Railway Line)
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड राज्यों के 13 जिलों को कवर करने वाली चार परियोजनाओं से भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 574 किलोमीटर की वृद्धि होगी। प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना लगभग 2,309 गांवों तक संपर्कता बढ़ाएगी, जिनकी जनसंख्या लगभग 43.60 लाख है।
इतने माल की हो सकेगी आवाजाही (Itarsi Nagpur Fourth Railway Line)
ये कोयला, सीमेंट, क्लिंकर, जिप्सम, फ्लाई ऐश, कंटेनर, कृषि उत्पाद और पेट्रोलियम उत्पादों आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। क्षमता वृद्धि कार्यों के परिणामस्वरूप 95.91 एमटीपीए (मिलियन टन प्रति वर्ष) सामान की आवाजाही होगी। रेलवे, पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन माध्यम होने के कारण, जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत को कम करने, तेल आयात (16 करोड़ लीटर) कम करने और सीओ2 उत्सर्जन (515 करोड़ किलोग्राम) कम करने में मदद करेगा, जो 20 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है। (Itarsi Nagpur Fourth Railway Line)
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