
बैतूल जिले के भीमपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत कासमारखंडी के सचिव तथा सहायक सचिव के विरुद्ध ग्रामीणों द्वारा जिला पंचायत कार्यालय में शिकायत की गई है। इसमें ग्रामीणों ने सचिव और सहायक सचिव अनियमितताओं के कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की जांच कर कार्यवाही किए जाने की मांग ग्रामीणों द्वारा की गई है।
ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में बताया है कि ग्राम पंचायत कासमारखंडी के सचिव व सहायक सचिव द्वारा केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से प्राप्त होने वाली राशियों का दुरूपयोग किया जा रहा है। जिससे शासन की महत्वकांक्षी योजनाओं का ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल रहा है। कई निर्माण कार्यों की राशि निकाल ली गई है, लेकिन काम अधूरा पड़ा हुआ है। जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत हुए कार्यों में से अधिकांश कार्य अधूरे हैं। जबकि इनकी राशि का आहरण हो चुका है।

ग्राम पंचायत कासमारखंडी के जड़िया ग्राम के ढाना रोजड़ीखेड़ा के माता मंदिर के पास 4.39 लाख रूपये की लागत से पुलिया निर्माण का कार्य किया जा रहा था। जिसमें मजदूरों की बजाय जेसीबी मशीन से कार्य कराया जा रहा था तथा फर्जी मस्टरोल बनाकर उक्त कार्य का भुगतान मजदूरों को करना बताया जा कर राशि का गबन किया जा रहा था। जिसकी शिकायत करने पर उक्त कार्य आज दिनांक तक अधूरा पड़ा हुआ है।
ग्राम जड़िया में राजाराम के घर से आगे की ओर सीसी रोड निर्माण कार्य स्वीकृत वर्ष 2018-19, स्वीकृत राशि 9,45,000 में से 4,40,000 रुपए का आहरण हो चुका है तथा कार्य पूर्ण नहीं किया गया है। ग्राम कासमारखंडी में अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य स्वीकृत वर्ष 2020 की स्वीकृत राशि 372000 में से 322935 की राशि आहरित की जा चुकी है पर कार्य अधूरा है।
श्रीराम पिता रामू के खेत में खेत तालाब निर्माण कार्य वर्ष 2019-2020 में स्वीकृत हुआ था। यह सिर्फ कागजों पर दर्शित है, खेत तालाब का निर्माण नहीं किया गया, जिसमें फर्जीवाड़े की पूर्ण संभावना है। ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय निर्माण का कार्य नहीं किया गया है। जड़िया के ढाना रोजडीखेड़ा में निर्मल नीर कूप निर्माण कार्य, स्वीकृत वर्ष 2020-21 स्वीकृत राशि 4.70 लाख है, जिसमें से एक लाख रूपये का फर्जी तरीके से आहरण कर लिया गया है, लेकिन कूप निर्माण कार्य आज तक नहीं किया गया है।

सामुदायिक सोखता गढ्ढों का कार्य भी अधूरा है, तथा जहां निर्माण भी किया गया है, वहां गुणवत्ताहीन सामाग्री का उपयोग किया जा रहा है तथा घटिया तरीके से बनाया गया है। ग्राम सभा की बैठकें भी कई बार नहीं की जाती है और फर्जी तरीकों से कागजों पर ही ग्राम सभा बैठक दर्शा दी जाती है। इसी प्रकार कूप निर्माण में भी अनियमितता हुई है, जिससे कूप निर्माण अधूरा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से दो-दो फाइलें बनाकर प्रति फाईल 100 रूपये के हिसाब से गरीबों से वसूला जा रहा है तथा पात्र को अपात्र तथा अपात्र को पात्र किया जा रहा है। जिन हितग्राहियों का इन्दिरा आवास, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण हो चुका है, उनसे रूपयों की मांग कर प्रधानमंत्री आवास के तहत मकान स्वीकृत किया जा रहा है। इसके विपरित जिन गरीबों को आज तक किसी योजना का लाभ नहीं मिला, उनको अपात्र कर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामवासियों ने आवेदन में कहा है कि ग्रामीणों की उक्त समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए ग्राम पंचायत द्वारा की गई अनियमितताओं को संज्ञान में लेते हुए जांच कर संबंधितों के विरूद्ध कार्रवाई करने की कृपा करें।