IMD Weather Alert: एक्टिव हो रहा नया तीव्र पश्चिमी विक्षोभ, तीन दिनों तक भयंकर बारिश की IMD ने दी चेतावनी

IMD Weather Alert: आने वाले दिनों में एक बार फिर अति भारी बारिश का सामना करना होगा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया तीव्र पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो सकता है। यह प्रणाली 5 से 7 अक्टूबर के बीच क्षेत्र को प्रभावित करेगी।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इसका प्रभाव 6 अक्टूबर को सबसे अधिक रहने की संभावना है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी होने की संभावना जताई गई है।

बंगाल की खाड़ी में मौसमी परिस्थितियों की सक्रियता पूर्वी भारत के मौसम को प्रभावित कर रही है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 2 से 5 अक्टूबर तक पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। विशेष रूप से 2 अक्टूबर को ओडिशा के कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है।

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बीते 24 घंटों में ऐसा रहा मौसम

मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की गतिविधियां तेज रही हैं। असम, नागालैंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर 7 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के उत्तरी और मध्य हिस्से में निम्न दाब क्षेत्र बनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह प्रक्रिया अगले 48 घंटों में और स्पष्ट हो सकती है। इसके बाद मानसून की भारी बारिश फिर से शुरू होने की संभावना है।

एक सप्ताह का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, 2 अक्टूबर को गंगा के मैदानी क्षेत्र और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इसी दौरान असम और मेघालय में भी लगातार तेज बारिश का दौर जारी रहेगा।

3 अक्टूबर को उप-हिमालयी क्षेत्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में इस दौरान लगातार बारिश जारी रहेगी। इसके अगले दिन यानी 4 अक्टूबर को बिहार के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है। सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

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बिहार, यूपी और दिल्ली में यह संभावना

5 अक्टूबर को बिहार में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश की शुरुआत हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर को यह पश्चिमी विक्षोभ अपने चरम स्तर पर होगा। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला शुरू होगा।

7 से मौसम सामान्य होने की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 7 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा। इसी समय पूर्वी भारत में भी बारिश की तीव्रता कम हो सकती है। विभाग ने चेतावनी दी है कि जिन राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना है, वहां निचले इलाकों में जलभराव, नदियों और नालों में उफान और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, कृषि और यातायात पर भी इसका असर पड़ सकता है।

पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में अगले तीन-चार दिनों तक मौसम की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण 6 अक्टूबर सबसे अधिक प्रभावित दिन रहेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की ताज़ा जानकारी पर नजर रखें और यात्रा योजनाओं में विशेष सावधानी बरतें।

विशेष सलाह बरतने की दी गई सलाह

मौसम विभाग ने आम जनता और प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे पूर्वानुमान के अनुसार आवश्यक तैयारियां करें। ग्रामीण इलाकों में कृषि कार्य प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए फसल और मवेशियों की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है। जलभराव और बाढ़ के खतरे वाले क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट रहना चाहिए। पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण रास्तों पर फिसलन और सड़क अवरोध हो सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए।

पूर्वी भारत में बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के क्षेत्र से लगातार बारिश जारी रहने की संभावना है। इससे नदियों में जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, इस समय तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ आंधी की चेतावनी भी जारी हो सकती है।

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