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Gold Price Fall: जंग के बावजूद सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक्सपर्ट्स बोले- अभी और सस्ता हो सकता है गोल्ड

Gold Price Fall: Despite the war, gold prices have fallen significantly, experts say – gold may become cheaper now.

Gold Price Fall: जंग के बावजूद सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक्सपर्ट्स बोले- अभी और सस्ता हो सकता है गोल्ड
Gold Price Fall: जंग के बावजूद सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक्सपर्ट्स बोले- अभी और सस्ता हो सकता है गोल्ड

Gold Price Fall: वैश्विक तनाव के दौर में आमतौर पर सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार हालात उलट दिख रहे हैं। महंगाई, कच्चे तेल की तेजी और ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख ने सोने की चमक फीकी कर दी है। बाजार में आई इस कमजोरी ने निवेशकों को असमंजस में डाल दिया है कि आगे क्या रणनीति अपनाई जाए।

तनाव के बावजूद क्यों नहीं बढ़ा सोना

दुनिया भर में पिछले कुछ समय से अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार में हलचल तो पैदा की, लेकिन इसका सकारात्मक असर सोने पर नहीं दिखा। आम तौर पर ऐसे हालात में निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार तस्वीर अलग नजर आई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय बाजार में कई ऐसे कारक एक साथ काम कर रहे हैं, जो सोने के लिए नकारात्मक माहौल बना रहे हैं।

एक हफ्ते में आई तेज गिरावट

पिछले सप्ताह सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह की शुरुआत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना करीब 1,60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था, लेकिन सप्ताह के अंत तक यह गिरकर 1,44,825 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुख देखने को मिला। कॉमेक्स पर सोने की कीमत घटकर 4,574.90 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गई। इससे साफ है कि घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में सोने पर दबाव बना हुआ है।

कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंता

SS WealthStreet की फाउंडर सुगंधा सचदेवा के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान के गैस फील्ड्स पर हमलों ने ऊर्जा बाजार में जोखिम बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जो तेजी से ऊपर गई हैं।

उनका कहना है कि जब तेल महंगा होता है, तो परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ती है, जिससे हर चीज महंगी हो जाती है। इस स्थिति को आयातित महंगाई कहा जाता है। बढ़ती महंगाई की आशंका ने सोने को मिलने वाला सामान्य सपोर्ट कमजोर कर दिया है।

ब्याज दरों पर सख्ती का असर

SEBI-रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का कहना है कि दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंक फिलहाल ब्याज दरों को कम करने के मूड में नहीं हैं। अमेरिका का फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान महंगाई को काबू में रखने के लिए सख्त रुख अपनाए हुए हैं।

पहले उम्मीद थी कि ब्याज दरों में कटौती होगी, लेकिन अब ‘हायर फॉर लॉन्गर’ यानी लंबे समय तक ऊंची दरों की संभावना बढ़ गई है। इस वजह से निवेशक सोने की बजाय बॉन्ड्स और डॉलर में निवेश करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव

हाल के हफ्तों में डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई है और यह 95.50 से बढ़कर 100 के पार पहुंच गया है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर में तय होती है, इसलिए डॉलर के मजबूत होने पर सोने की मांग प्रभावित होती है। इसके अलावा शेयर बाजार में आई गिरावट के चलते कई निवेशकों ने अपनी मार्जिन जरूरतें पूरी करने के लिए सोना बेचा है। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर और दबाव पड़ा।

आगे क्या रह सकता है रुख

LKP सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी के मुताबिक मौजूदा माहौल में सोने के लिए स्थितियां ज्यादा अनुकूल नहीं हैं। उनका कहना है कि महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और ऊंची ब्याज दरों के कारण सोने की कीमतों में तेजी आना मुश्किल दिख रहा है। उनका अनुमान है कि आने वाले समय में सोना 1,40,000 से 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रह सकता है और इसमें उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

वहीं सुगंधा सचदेवा का कहना है कि अगर मौजूदा दबाव जारी रहा, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 4,250 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है। घरेलू बाजार में 1,65,000 रुपये का स्तर फिलहाल अहम माना जा रहा है, जबकि 1,70,000 रुपये एक बड़ा रुकावट स्तर है। अगर कीमतें इन स्तरों के नीचे बनी रहती हैं, तो गिरावट जारी रह सकती है। निचले स्तर पर 1,35,000 और फिर 1,27,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जाने की संभावना जताई जा रही है।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह

मौजूदा स्थिति को देखते हुए निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बाजार में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा है, इसलिए जल्दबाजी में फैसला लेने से नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों की राय है कि जब तक सोना 1,65,000 रुपये के महत्वपूर्ण स्तर को पार नहीं करता, तब तक बड़ी तेजी की उम्मीद कम है। ऐसे में निवेश करने से पहले सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दिए गए विचार संबंधित बाजार विशेषज्ञों के निजी आकलन हैं। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना उचित रहेगा।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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