EPFO PF Withdrawal via UPI: नौकरीपेशा लोगों के लिए भविष्य निधि यानी पीएफ एक अहम बचत होती है। जरूरत पड़ने पर इसी पैसे से इलाज, पढ़ाई या अन्य खर्च पूरे किए जाते हैं। अब तक पीएफ निकालने की प्रक्रिया समय लेने वाली और कागजी झंझट से भरी रही है, लेकिन अब इसमें बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने पीएफ निकासी को लेकर एक नई व्यवस्था तैयार की है, जिससे पैसा निकालना पहले से कहीं ज्यादा तेज और सरल हो जाएगा।
EPFO ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन लगातार अपने सदस्यों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में काम कर रहा है। इसी कड़ी में अब ईपीएफओ ने नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर एक नया फ्रेमवर्क तैयार किया है। इस नई व्यवस्था के तहत पीएफ खाताधारक यूपीआई के माध्यम से अपने पीएफ खाते से पैसा निकाल सकेंगे। इसका मकसद पीएफ निकासी की प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाना है, ताकि कर्मचारियों को बार-बार दफ्तरों और वेबसाइटों के चक्कर न लगाने पड़ें।
फॉर्म और लंबी प्रक्रिया से मिलेगी राहत
अभी तक पीएफ निकालने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म भरने पड़ते हैं। इसके बाद क्लेम की जांच होती है और फिर पैसा खाते में पहुंचता है। यदि कोई कर्मचारी 5 लाख रुपये या उससे कम का ऑनलाइन एडवांस क्लेम करता है, तब भी उसे कम से कम तीन कार्य दिवस इंतजार करना पड़ता है। वहीं अगर रकम 5 लाख रुपये से ज्यादा होती है, तो यह समय और भी बढ़ जाता है। नई यूपीआई आधारित व्यवस्था लागू होने के बाद यह पूरी प्रक्रिया काफी हद तक खत्म हो जाएगी और पैसा सीधे कुछ ही सेकंड में बैंक खाते में पहुंच सकेगा।
यूपीआई से कैसे बदलेगा सिस्टम
यूपीआई के जरिए पीएफ निकासी की सुविधा शुरू होने से लेनदेन पूरी तरह डिजिटल हो जाएगा। खाताधारक को केवल अपने यूपीआई ऐप के माध्यम से अनुरोध करना होगा। इसके बाद तय प्रक्रिया के तहत राशि सीधे उसके बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगी। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि तकनीकी दिक्कतें और बार-बार स्टेटस चेक करने की जरूरत भी कम हो जाएगी।
शुरुआत में किन यूपीआई ऐप्स से मिलेगी सुविधा
ईपीएफओ की इस नई सुविधा की शुरुआत सीमित प्लेटफॉर्म से की जाएगी। शुरुआती दौर में पीएफ का पैसा केवल भीम यूपीआई के माध्यम से निकाला जा सकेगा। हालांकि बाद के चरण में इस सुविधा को और विस्तार दिया जाएगा। कुछ समय बाद पेटीएम, फोनपे और गूगल पे जैसे बड़े यूपीआई प्लेटफॉर्म्स को भी इसमें शामिल किया जाएगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी इसका लाभ उठा सकें।
ट्रांजेक्शन लिमिट को लेकर क्या है व्यवस्था
नई सुविधा के दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ सीमाएं भी तय की जा सकती हैं। पीएफ निकासी की यूपीआई लिमिट भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से तय की गई मौजूदा यूपीआई ट्रांजेक्शन लिमिट के अनुसार होगी। जनवरी 2026 तक यूपीआई की सामान्य दैनिक ट्रांजेक्शन सीमा 1 लाख रुपये है। वहीं मेडिकल, शिक्षा, बीमा, क्रेडिट कार्ड भुगतान, यात्रा और आईपीओ जैसी विशेष श्रेणियों के लिए यह सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक रखी गई है। पीएफ निकासी में भी इसी ढांचे का पालन किया जाएगा।
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कर्मचारियों को क्या होगा फायदा
इस बदलाव से देश के करोड़ों पीएफ खाताधारकों को सीधा लाभ मिलेगा। आपात स्थिति में पैसा जल्दी मिल सकेगा और कर्मचारियों को लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। डिजिटल सिस्टम के चलते पारदर्शिता भी बढ़ेगी और शिकायतों की संख्या कम होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर यूपीआई के जरिए पीएफ निकासी की यह पहल कर्मचारियों की सुविधा और समय दोनों की बचत करने वाली साबित हो सकती है।
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