EPFO EDLI Scheme: कर्मचारियों को फ्री में मिलता है 7 लाख का बीमा, बस PF कटना जरूरी, जानिए पूरी स्कीम
EPFO EDLI Scheme: प्राइवेट कर्मचारियों का एक ओर जहां वेतन कम होता है, वहीं सुविधाएं भी बेहद कम मिलती है। ऐसे में उनके लिए भविष्य के लिए बहुत ज्यादा बचत करने की गुंजाइश ही नहीं रहती है। इन परिस्थितियों में वे कर्मचारी खुशकिस्मत कहे जा सकते हैं जिनका कि पीएफ कटता है। इन कर्मचारियों को एक नहीं बल्कि कई सुविधाएं मिलती हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों कर्मचारियों को न सिर्फ सेविंग और पेंशन की सुविधा देता है, बल्कि उनके लिए एक मुफ्त बीमा सुरक्षा कवच भी प्रदान करता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि ईपीएफओ के सदस्य अपने सेवा काल के दौरान बिना कोई अतिरिक्त शुल्क दिए लाइफ इंश्योरेंस कवर का लाभ भी ले सकते हैं। यह सुविधा ईपीएफओ की “एंप्लॉय डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI)” स्कीम के तहत दी जाती है। इससे कर्मचारियों और उनके परिवार को अप्रत्याशित परिस्थितियों में बड़ी वित्तीय सुरक्षा मिलती है।

मिलता है 7 लाख का इंश्योरेंस कवर
एंप्लॉय डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम के अंतर्गत कर्मचारी को कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना पड़ता। इसका पूरा खर्च नियोक्ता यानी एंप्लॉयर द्वारा वहन किया जाता है। इस योजना में बीमा कवर की राशि कर्मचारी की मूल वेतन (बेसिक सैलरी) और महंगाई भत्ते के आधार पर तय होती है।
न्यूनतम बीमा कवर 2.5 लाख रुपये है, जबकि अधिकतम सीमा 7 लाख रुपये है। यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु सेवा अवधि के दौरान हो जाती है, तो यह राशि उसके नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) को दी जाती है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 1976 में की गई थी और इसका उद्देश्य कर्मचारियों के परिवार को आकस्मिक आर्थिक संकट से बचाना है।
ईपीएफओ की एक नहीं तीन योजनाएं
ईपीएफ स्कीम को तीन मुख्य भागों में विभाजित किया गया है- कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और एंप्लॉय डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI)। ये तीनों योजनाएं मिलकर कर्मचारियों को वित्तीय स्थिरता और सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षा प्रदान करती हैं। जहां ईपीएफ कर्मचारियों की दीर्घकालिक बचत का माध्यम है, वहीं ईपीएस सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन सुविधा देता है। तीसरी योजना ईडीएलआई, कर्मचारियों के निधन की स्थिति में उनके परिवार को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।

ईडीएलआई स्कीम के प्रमुख लाभ
ईडीएलआई स्कीम का लाभ उन सभी कर्मचारियों को मिलता है जिनका मासिक वेतन 15000 रुपये तक है और जो ईपीएफओ में पंजीकृत हैं। इस स्कीम के तहत मिलने वाला बीमा भुगतान कर्मचारी के पिछले 12 महीनों की औसत सैलरी का 35 गुना होता है। यह राशि 2.5 लाख रुपये से कम और 7 लाख रुपये से अधिक नहीं हो सकती। इसके अलावा इस योजना के अंतर्गत अतिरिक्त 1.5 लाख रुपये का बोनस भी जोड़ा जाता है। इस पूरी योजना का खर्च केवल नियोक्ता द्वारा वहन किया जाता है, इसलिए कर्मचारी को किसी भी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ता।
- यह भी पढ़ें : SBI Health Alpha Insurance: एसबीआई लाया लाजवाब हेल्थ इंश्योरेंस, अपनी जरुरतों के अनुसार बना सकेंगे प्लान
कैसे मिलती है यह बीमा राशि
अगर किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) को बीमा राशि प्राप्त करने के लिए एक सरल प्रक्रिया का पालन करना होता है। सबसे पहले नॉमिनी को ईडीएलआई क्लेम फॉर्म, जिसे “फॉर्म 5 IF” कहा जाता है, भरना होता है। इस फॉर्म में मृतक कर्मचारी और नॉमिनी से संबंधित सभी आवश्यक विवरण दर्ज किए जाते हैं। इसके बाद इस फॉर्म को नियोक्ता से सत्यापित कराना आवश्यक है। यदि नियोक्ता की कंपनी बंद हो चुकी है, तो इसे किसी गजटेड अधिकारी से प्रमाणित कराया जा सकता है।
सत्यापन के बाद फॉर्म को संबंधित ईपीएफओ कार्यालय में जमा किया जाता है। क्लेम प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामान्यतः 30 दिनों के भीतर बीमा राशि नॉमिनी के खाते में जमा कर दी जाती है। यदि किसी कारणवश भुगतान में देरी होती है, तो ईपीएफओ नॉमिनी को विलंब अवधि के लिए सालाना 12 प्रतिशत ब्याज का भुगतान भी करता है।
परिवार को सुरक्षा गारंटी देती है स्कीम
ईडीएलआई स्कीम उन लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है जो किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में अपने परिवार की वित्तीय सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। यह स्कीम इस बात का प्रमाण है कि ईपीएफओ न केवल बचत और पेंशन के माध्यम से कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित बनाता है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी सुरक्षा की गारंटी देता है।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए कर्मचारी को अलग से कोई आवेदन या प्रीमियम भुगतान नहीं करना पड़ता। ईपीएफ खाते में निरंतर योगदान करना ही इसके लिए पर्याप्त है। ऐसे में हर कर्मचारी के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उसका ईपीएफ खाता सक्रिय रहे और उसमें नामांकित व्यक्ति की जानकारी सही हो, ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में परिवार को पूरा लाभ मिल सके।
सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-
- वाट्सअप चैनल पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक ग्रुप पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक पेज पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- एक्स पर खबरें पाने के लिए: यहां क्लिक करें
देश-दुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com



