Eklavya School Incident: एकलव्य स्कूल शाहपुर मामले में कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई की तैयारी; प्राचार्य, नर्स और काउंसलर पर गिरेगी गाज
Eklavya School Incident: बैतूल। जिले के शाहपुर में संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं के बुधवार को पैदल मार्च के बाद अब प्रशासन की बड़े एक्शन की तैयारी है। इस मामले में छात्रों को परेशान करने वाले प्राचार्य, नर्स और काउंसलर पर गाज गिराने की तैयारी है। घटना के बाद से ही इस संबंध में कार्रवाई के कयास लगाए जा रहे थे।
गौरतलब है कि केन्द्र सरकार द्वारा संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय शाहपुर के 200 छात्र-छात्राएं विद्यालय प्रबंधन की अनियमितताओं और दुर्व्यवहार से क्षुब्ध होकर पैदल ही कलेक्टर बैतूल से मिलने निकल पड़े। जैसे ही इस घटना की जानकारी कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी को मिली उन्होंने तत्काल संवेदनशीलता का परिचय देते हुए खुद शाहपुर पहुंचने का निर्णय लिया।
बच्चों से संवाद कर सुनी पीड़ा
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने वहां पहुंचकर सबसे पहले बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनकी पीड़ा को गंभीरता से सुना। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्वयं की गाड़ी समेत सभी अधिकारियों की गाड़ियों में बच्चों को बैठाकर सुरक्षित विद्यालय पहुंचाया।

छात्रों और शिक्षकों से की चर्चा
विद्यालय पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके और कलेक्टर ने पृथक हॉल में छात्रों और शिक्षकों से अलग-अलग बातचीत की। छात्रों ने खुलकर बताया कि विद्यालय की प्राचार्य, नर्स एवं काउंसलर द्वारा उन्हें लगातार मानसिक दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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मानक के अनुरूप नहीं सुविधाएं
छात्राओं ने बताया कि भोजन की व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी मानक के अनुरूप नहीं हैं। वहीं शिक्षकों ने भी खुलासा किया कि प्राचार्य उन पर विद्यालय सामग्री की खरीद में जबरन हस्ताक्षर करवाने और अनुचित दबाव डालने जैसी हरकतें कर रहे हैं।

व्यवस्था नहीं मनमानी से समस्या
कलेक्टर ने सभी पक्षों से चर्चा के बाद पाया कि यहां की समस्या व्यवस्थागत न होकर प्राचार्य एकलव्य आवासीय विद्यालय, नर्स एवं आवासीय विद्यालय के काउंसलर द्वारा परेशान किए जाने से है।
तत्काल ही की कमिश्नर से चर्चा
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने तुरंत नेशनल एजुकेशन सोसायटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स के कमिश्नर से चर्चा की और तीनों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग को निर्देश दिए कि तत्काल तीनों के निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर को भेजा जाए।
साथ भोजन के लिए किया आमंत्रित
केंद्रीय मंत्री और कलेक्टर की त्वरित कार्रवाई से विद्यालय के छात्रों और शिक्षकों में संतोष की लहर दौड़ गई। बच्चों ने कलेक्टर के आत्मीय व्यवहार से प्रभावित होकर उन्हें अपने साथ भोजन के लिए भी आमंत्रित किया। केंद्रीय मंत्री श्री उईके और कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने बच्चों के साथ भोजन ग्रहण किया।
कलेक्टर ने बच्चों को दिलाया भरोसा
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे बच्चों की हर समस्या और सुविधा के समाधान के लिए हमेशा उपलब्ध हैं। इस दौरान उन्होंने अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी छात्रों के साथ साझा किया।
FAQs (एकलव्य स्कूल शाहपुर )
प्रश्न 1. एकलव्य स्कूल शाहपुर मामले में छात्रों ने विरोध क्यों किया?
उत्तर: छात्रों ने प्राचार्य, नर्स और काउंसलर द्वारा मानसिक दबाव और परेशानियों से तंग आकर पैदल मार्च किया।
प्रश्न 2. कलेक्टर ने घटना के बाद क्या कदम उठाए?
उत्तर: कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने तुरंत छात्रों से मुलाकात की, उनकी शिकायतें सुनीं और प्राचार्य, नर्स व काउंसलर पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रश्न 3. छात्रों ने कलेक्टर से क्या शिकायतें कीं?
उत्तर: छात्रों ने बताया कि विद्यालय में भोजन, साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाएं मानक के अनुरूप नहीं हैं और उन्हें लगातार मानसिक दबाव झेलना पड़ रहा है।
प्रश्न 4. कार्रवाई किसके खिलाफ की जा रही है?
उत्तर: प्राचार्य, नर्स और काउंसलर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी है और उनके निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर को भेजा गया है।
प्रश्न 5. इस घटना से छात्रों में क्या बदलाव आया?
उत्तर: कलेक्टर और केंद्रीय मंत्री की संवेदनशीलता से छात्रों को भरोसा मिला और वे संतुष्ट होकर विद्यालय लौटे।
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