Dinosaur ka Video: लौट आए डायनासोर! जंगल में दौड़ते दिखे ‘डायनासोर’ के बच्चे! वीडियो देख रह जाएंगे दंग

Dinosaur ka Video: क्या दुनिया में डायनासोर लौट आए हैं, यह वीडियो देखने के बाद आप भी ऐसा ही कहेंगे। दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें जंगल में छोटी नदी की एक तरफ से दूसरी तरफ एक समूह में डायनासोर भागते नजर आ रहे हैं। वीडियो देखने के बाद ऐसा लग रहा है मानो डायनासोर फिर से दुनिया में लौट आए हैं। यह वीडियो मेक्सिको के जंगल का है।
क्या है वीडियो में (Dinosaur ka Video)
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में दिख रहा है कि हल्के भूरे और काले रंग के डायनासोर के बच्चे नदी के एक छोर से दूसरी तरफ जा रहे हैं। इनमें से कुछ की गर्दन लंबी है तो कुछ की छोटी। पिछले हिस्से में पूछ भी नहीं दिख रही है। कुछ बेहद तेजी से भागते दिख रहे हैं, जबकि कुछ निगरानी करते हुए दिख रहे हैं।
यहां देखें वीडियो..
Dinos roaming in Mexico🙈
Actually they are Coatis in reverse😊 pic.twitter.com/OMy4cLdGZf— Tansu YEĞEN (@TansuYegen) December 9, 2022
पड़ताल में सच आया सामने
वायरल वीडियो कि जब पड़ताल की गई तो पता चला कि यह प्राणी डायनासोर नहीं बल्कि नेवले जैसे दिखने वाले जीव है। इस तरह के जीव दक्षिण अमेरिका, मध्य अमेरिका, मेक्सिको और दक्षिण-पश्चिम अमेरिका में पाए जाते हैं। इनका इनका नाम कोएटिस या कोएटिमुंडिस (Coatis or Coatimundis) है जो कि ब्राजील के तुपियन भाषा से लिया गया है। आमतौर पर यह जीव 13 से 27 इंच लंबाई के होते हैं।
उल्टा भागने में होते हैं माहिर
बता दें कि इस जीव की पूंछ इनके शरीर से ज्यादा बड़ी या बराबर आकार की होती है. इनका वजन 2 से 8 किलोग्राम होता है. साथ ही नर कोएटिस आकार में मादा से दोगुने बड़े होते हैं। इनका शरीर बेहद लचीला, हल्का, तेज दौड़ने वाला होता है। इनकी काबिलियत ये है कि बिना पीछे देखे अपनी पूंछ हवा में लहराते हुए तेज से भाग सकते हैं। बात अगर इनके पंजे और मुंह की करें तो इनके पंजे भालू और रकून की तरह होते हैं। जबकि मुंह सुअर के थूथन की तरह होता है।

ऐसे में जब यह जीव पूंछ उठाकर तेजी से भागता है तो ऐसा प्रतीत होता है कि उसे दूर से देखने पर आपको यही लगेगा कि डायनासोर चल रहे हैं। ये थोड़ा गर्म इलाकों में रहना पसंद करते हैं। जहां पर ज्यादा नमी होती है। जैसे- एरिजोना, न्यू मेक्सिको, टेक्सास से लेकर उरुग्वे तक. आम तौर पर ये सात साल तक जीते हैं अगर इनका कोई जानवर शिकार न कर ले। या इन्हें कोई बीमारी न हो। बता दें कि अगर इन्हें चिड़ियाघर में रखा जाता है तब ये कम से कम 10 साल तक जी सकते हैं।



