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Demonetisation History: कभी भारत में चलते थे 10 और 5 हजार के नोट, पहले भी कई बार हो चुकी है नोटबंदी, जानें इतिहास

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Demonetisation History: कभी भारत में चलते थे 10 और 5 हजार के नोट, पहले भी कई बार हो चुकी है नोटबंदी, जानें इतिहास
Source: Credit – Social Media

Demonetisation History: 2016 के बाद से मोदी सरकार द्वारा दूसरी बार नोटबंदी की गई है। इस बार 2000 के नोटों को चलन से बाहर किया गया। आरबीआई के आदेश के मुताबिक सितंबर 30 तक 2000 के नोट बैंक में जमा किए जा सकते हैं। RBI ने देश के बैंकों को सलाह दी है कि 2000 रुपये के नोट को तत्काल प्रभाव से जारी करना बंद कर दिया जाए। ‘क्लीन नोट पॉलिसी’ के तहत रिजर्व बैंक ने ये फैसला लिया है। हालांकि यह पहली मर्तबा नहीं है कि सरकार ने नोटबंदी की है। आजादी के पहले भी देश में नोटबंदी हो चुकी है। एक समय था जब भारत में 10,000 और 5000 के नोट भी चला करते थे, जिन्हें बंद किया गया।

सरकार की तरफ से नोटबंदी करने का यह पहला मामला नहीं है। देश आजादी के समय से अब तक कई बार नोटबंदी हो चुकी है। भारत की आजादी से पहले भी देश में नोटबंदी की गई थी। बात 1946 की है, देश में पहली बार नोटबंदी अंग्रजी हुकूमत में हुई। 12 जनवरी, 1946 को भारत के वायसराय और गवर्नर जनरल, सर आर्चीबाल्ड वेवेल ने उच्च मूल्य वाले बैंक नोट प्रिंट करने का अध्यादेश प्रस्‍तावित किया। इसके साथ ही 26 जनवरी रात 12 बजे के बाद से 500 रुपये, 1,000 रुपये और 10,000 रुपये के उच्च मूल्यवर्ग के बैंक नोट अमान्‍य हो गए।

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जनता पार्टी ने भी की थी नोट बंदी

जनता पार्टी जो आज भारतीय जनता पार्टी बन चुकी है इस की सरकार ने 16 जनवरी 1978 को काले धन को खत्म करने के लिए 1,000 रुपये, 5,000 रुपये और 10,000 रुपये के नोटों को बंद कर दिया था। अपने इस कदम के तहत, सरकार ने घोषणा की थी कि उस दिन बैंकिंग घंटों के बाद 1,000 रुपये, 5,000 रुपये और 10,000 रुपये के नोटों को लीगल टेंडर नहीं माना जाएगा। जिस समय यह फैसला लिया गया उस समय देसाई सरकार में वित्त मंत्री एच.एम. पटेल थे जबकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह वित्त सचिव थे।

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