Cashless Health Scheme MP: मध्यप्रदेश में बिजली कंपनियों के कर्मचारियों और पेंशनरों का इंतजार खत्म होने वाला है। कैशलेस स्वास्थ्य योजना पर अब जल्द अमल में आने जा रही है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए एजेंसी का चयन कर लिया है। इस योजना का नाम पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना (MPPCHS) है।
कंपनी के अनुसार एजेंसी चयन के बाद अब देशभर के अस्पतालों से योजना की शर्तों और दरों पर बातचीत की जाएगी। जो भी अस्पताल इन शर्तों को मानेंगे, उन्हें अनुबंध में शामिल किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में करीब एक माह का समय लग सकता है। प्रक्रिया पूर्ण होते ही योजना के अंतर्गत कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
1.82 लाख लोग आएंगे दायरे में
इस स्वास्थ्य योजना का लाभ प्रदेश की छह विद्युत कंपनियों के नियमित और संविदा कर्मचारी ही नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त पेंशनर और उनके आश्रित भी उठा सकेंगे। अनुमान है कि इस योजना के दायरे में करीब 1 लाख 82 हजार लोग आएंगे। प्रदेश सरकार ने छह विद्युत कंपनियों के लिए एजेंसी चयन की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी को सौंपी थी, जिसे अब उसने पूरा कर लिया है।

इस तरह मिलेगा योजना का लाभ
कर्मचारी और पेंशनर मासिक अंशदान जमा कर इस योजना का हिस्सा बन सकेंगे। योजना के तहत तीन विकल्प दिए गए हैं। यदि कोई कर्मचारी 500 रुपये मासिक अंशदान करता है, तो उसे 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
इसी तरह 1000 रुपये प्रति माह के अंशदान पर 10 लाख रुपये और 2000 रुपये मासिक अंशदान पर 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि कुछ अस्पतालों में को-पे की व्यवस्था भी लागू रहेगी।
आवेदन में सुविधा के लिए हेल्प डेस्क
कर्मचारियों और पेंशनरों की सुविधा को देखते हुए जबलपुर स्थित शक्तिभवन में ब्लॉक क्रमांक 9 पर एक हेल्प डेस्क शुरू की गई है। इस हेल्प डेस्क पर योजना से संबंधित सभी जानकारी दी जा रही है। जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन करने में दिक्कत आ रही है, उनके आवेदन भी यही भरे जा रहे हैं। कंपनी का मानना है कि हेल्प डेस्क की वजह से योजना में शामिल होने की प्रक्रिया सरल और सुलभ हो जाएगी।

प्रबंधन ने की फॉर्म जमा करने की अपील
मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा है कि योजना सभी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बेहद फायदेमंद है। उन्होंने अपील की है कि सभी पात्र लोग जल्द से जल्द अपने फॉर्म जमा करें ताकि योजना की सुविधा प्रारंभ होने पर वे सीधे इसका लाभ ले सकें।
सिंह ने बताया कि योजना को लागू करने के लिए कंपनी पूरी गंभीरता से काम कर रही है और प्रयास यही है कि कर्मचारियों को बेहतर और आसान चिकित्सा सुविधा मिल सके।
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अभी खुद वहन करना होता है खर्च
कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए यह पहल बड़ी राहत साबित हो सकती है। अब तक उन्हें इलाज के दौरान भारी खर्च खुद वहन करना पड़ता था, लेकिन इस योजना के आने से इलाज पर लगने वाले खर्च का बड़ा बोझ कम होगा। खासकर गंभीर बीमारियों और महंगे इलाज की स्थिति में यह योजना आर्थिक सहारा साबित होगी।
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देश भर में करवा सकेंगे इलाज
कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। स्वास्थ्य संबंधी संकट की घड़ी में उन्हें पैसों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इसके अलावा योजना में शामिल अस्पतालों की सूची मिलने के बाद लाभार्थी प्रदेश ही नहीं, देशभर के अनुबंधित अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे।
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