मिला जुला

Inherited Property Rights: पिता से मिली जमीन पर पत्नी-बच्चों का हक या नहीं? बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

Inherited Property Rights: विरासत में मिली संपत्ति को लेकर हाई कोर्ट ने साफ किया कानून, जानिए जमीन बेचने पर किसका अधिकार

Inherited Property Rights: पिता से मिली जमीन पर पत्नी-बच्चों का हक या नहीं? बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
Inherited Property Rights: पिता से मिली जमीन पर पत्नी-बच्चों का हक या नहीं? बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

Inherited Property Rights: पैतृक और विरासत में मिली संपत्ति को लेकर अक्सर परिवारों में गलतफहमियां और विवाद सामने आते रहते हैं। कई बार भावनाओं और अधूरी कानूनी जानकारी के कारण मामला थाने से लेकर अदालत तक पहुंच जाता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां पिता से मिली जमीन को बेचने पर पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला बॉम्बे हाई कोर्ट तक पहुंच गया। अदालत ने हिंदू उत्तराधिकार कानून की व्याख्या करते हुए इस पर अहम फैसला सुनाया।

जमीन बेचने से शुरू हुआ पारिवारिक विवाद

मामले में एक व्यक्ति को अपने पिता की मृत्यु के बाद विरासत में जमीन मिली थी। यह जमीन उसे हिंदू उत्तराधिकार कानून, 1956 की धारा 8 के तहत प्राप्त हुई थी। बाद में उस व्यक्ति ने अपने हिस्से की जमीन बेचने का फैसला लिया। जैसे ही जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हुई, घर में विवाद खड़ा हो गया। व्यक्ति की पत्नी रजिस्ट्री कार्यालय पहुंच गई और वहां हंगामा किया। उसका आरोप था कि पति शराब की लत के कारण जमीन बेच रहा है और वह ऐसा नहीं होने देगी।

दो बार हुआ था बंटवारा

इकनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की जड़ वर्ष 1969 से जुड़ी है। उस समय व्यक्ति के पिता ने परिवार में बंटवारा किया था। इसके बाद वर्ष 1982 में उन्होंने अपने भाइयों के साथ दोबारा संपत्ति का बंटवारा किया। दोनों ही बार बंटवारे की विधिवत रजिस्ट्री करवाई गई थी। 1982 के दस्तावेजों के अनुसार, पिता के हिस्से में कुल 6.82 हेक्टेयर जमीन आई थी।

पिता की मृत्यु के बाद तीन बेटों में बंटवारा

पिता के निधन के बाद उनकी जमीन तीनों बेटों के बीच बराबर बांटी गई। विवादित व्यक्ति को भी अपने हिस्से की जमीन मिली। उसने उसी जमीन को बेचने का निर्णय लिया और खरीदार से सौदे के तहत 1.29 लाख रुपये प्राप्त किए। जमीन बिकने के बाद पत्नी और बच्चों ने खरीदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी। इसके जवाब में खरीदार ने भी दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज करवाईं।

मामला पहुंचा बॉम्बे हाई कोर्ट

जमीन बिक्री से जुड़ा यह विवाद अंततः बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा। पत्नी का तर्क था कि जमीन पुश्तैनी है, इसलिए उस पर सिर्फ पति का नहीं बल्कि पत्नी और बच्चों का भी अधिकार बनता है। वहीं खरीदार का कहना था कि जमीन पूरी तरह वैध तरीके से खरीदी गई है।

अदालत ने सुनाया यह फैसला

हाई कोर्ट ने हिंदू उत्तराधिकार कानून और सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि पिता से विरासत में मिली संपत्ति, बेटे की व्यक्तिगत संपत्ति होती है। इसे पुश्तैनी संपत्ति नहीं माना जाता। चूंकि जमीन उस व्यक्ति की निजी संपत्ति थी, इसलिए उसे बेचने का पूरा अधिकार उसी को था। पत्नी या बच्चों को उसे रोकने का कानूनी अधिकार नहीं है। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने खरीदार के पक्ष में फैसला सुनाया और पत्नी व बच्चों की आपत्तियों को खारिज कर दिया।

सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-

देश-दुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button