Bhopal Metro Service: भोपाल मेट्रो का इंतजार खत्म, शनिवार से शुरू होगी मेट्रो सेवा, जानिए रूट और सुविधाएं

Bhopal Metro Service: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो रेल का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। वर्षों से जिस आधुनिक परिवहन व्यवस्था का इंतजार शहरवासी कर रहे थे, वह घड़ी आखिरकार आ ही गई। मेट्रो के शुभारंभ को लेकर लोगों में खासा उत्साह और रोमांच है।

नौकरीपेशा, छात्र, व्यापारी और बुजुर्ग सभी को उम्मीद है कि इससे रोजमर्रा की यात्रा आसान होगी और ट्रैफिक की परेशानी से राहत मिलेगी। भोपाल के विकास की इस नई रफ्तार को देखने के लिए शहर की निगाहें शनिवार शाम पर टिकी हैं।

मेट्रो सेवा का औपचारिक शुभारंभ

भोपाल में 20 दिसंबर शनिवार को अत्याधुनिक मेट्रो रेल सेवा की शुरुआत होने जा रही है। शाम 4 बजे कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल संयुक्त रूप से इसका शुभारंभ करेंगे।

कार्यक्रम के बाद दोनों नेता सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन पहुंचेंगे, जहां वे हरी झंडी दिखाकर मेट्रो ट्रेन को रवाना करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री स्वयं मेट्रो में सफर भी करेंगे और एम्स तक यात्रा करेंगे। वहां पहुंचकर वे मीडिया से बातचीत करेंगे। इस कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहेंगे।

राजधानी के लिए ऐतिहासिक दिन

भोपाल में मेट्रो का परिचालन शहर के इतिहास में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। मध्यप्रदेश की राजधानी को इससे पहले कभी इतनी आधुनिक शहरी परिवहन सुविधा नहीं मिली थी। मेट्रो परियोजना से शहर की पहचान एक आधुनिक और सुव्यवस्थित राजधानी के रूप में और मजबूत होगी। यह सेवा न केवल यात्रा को तेज बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

रिहायशी और व्यापारिक क्षेत्रों को जोड़ेगी

भोपाल मेट्रो परियोजना की कुल लंबाई 30.8 किलोमीटर है। इसमें दो प्रमुख कॉरिडोर शामिल हैं और एक डिपो का निर्माण किया गया है। ऑरेंज लाइन की लंबाई 16.74 किलोमीटर रखी गई है, जबकि ब्लू लाइन 14.16 किलोमीटर की है। ये दोनों लाइनें शहर के प्रमुख रिहायशी इलाकों और व्यापारिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ेंगी। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को समय की बचत होगी।

पहले चरण में प्रायोरिटी कॉरिडोर

मेट्रो परियोजना के पहले चरण में ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर को शुरू किया जा रहा है। यह करीब 7 किलोमीटर लंबा हिस्सा है, जिसमें कुल 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए गए हैं। इन स्टेशनों में एम्स, अलकापुरी, डीआरएम कार्यालय, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहा, केंद्रीय विद्यालय और सुभाष नगर शामिल हैं। यह कॉरिडोर शहर के सबसे व्यस्त इलाकों से होकर गुजरता है, जिससे रोजाना यात्रा करने वालों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके संचालन से प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

रोजाना 3 हजार यात्री करेंगे मेट्रो का सफर

भोपाल मेट्रो परियोजना पर कुल अनुमानित खर्च 10 हजार 33 करोड़ रुपये बताया गया है। इसमें से प्रायोरिटी कॉरिडोर पर करीब 2 हजार 225 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस 7 किलोमीटर लंबे हिस्से में प्रतिदिन लगभग 3 हजार यात्रियों के सफर करने का अनुमान लगाया गया है। आने वाले समय में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

भोपाल मेट्रो को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सभी स्टेशनों पर तेज गति वाली लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए गए हैं। दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था, आसान प्रवेश मार्ग और ब्रेल साइनेज उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा के लिए एआई तकनीक से लैस सीसीटीवी कैमरे, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर और उन्नत सिग्नलिंग सिस्टम लगाए गए हैं।

मेट्रो में ऊर्जा की बचत के लिए रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम और सोलर पावर का उपयोग किया गया है। कोच पूरी तरह वातानुकूलित हैं, आरामदायक सीटों के साथ मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी दी गई है। यात्रियों को जानकारी देने के लिए ऑडियो और विजुअल सिस्टम के साथ हाईटेक कंट्रोल सेंटर बनाया गया है।

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