Bhojan Karne Ke Niyam: इस तरह भोजन करना हो सकता है आपके लिए खतरनाक, जानें शास्त्रों के अनुसार भोजन के 5 बेहद ही जरूरी नियम

Bhojan Karne Ke Niyam: भोजन करने के लिए शास्त्रों में कुछ नियमों का जिक्र किया गया है जिससे आपके स्वास्थ्य के साथ मन मस्तिष्क पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़े। शास्त्रों में न जाने ऐसी कितनी बातें बताई गई हैं जिन्हें हम रोज की जिंदगी में अपनाते हैं। कुछ ऐसी बातें हैं जिनका हमारे वास्तविक जीवन से कुछ न कुछ संबंध जरूर होता है। शाम के समय सोना अशुभ होता है से लेकर रात में नाखून काटने की मनाही तक, गुरुवार को बाल नहीं धोने चाहिए से लेकर रात के समय बाल न काटने जैसी न जाने कितनी बातें हमारे शास्त्रों में बताई गई हैं जिनका हमारे जीवन पर कुछ न कुछ प्रभाव जरूर होता है।
भोजन की थाली में कभी हाथ ना धोएं
शास्त्रों के अनुसार भोजन (Bhojan Karne Ke Niyam) करने के बाद थाली में कभी भी हाथ नहीं धोने चाहिए। इसे शिष्टाचार के खिलाफ माना जाता है और गंदगी भी फैलती है। कहा जाता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी और अन्नपूर्णा नाराज हो जाती है। जिससे मनुष्य के बुरे दिन शुरू हो जाते हैं और वह धीरे-धीरे पतन की ओर चल पड़ता है।
भोजन से पहले करें मंत्र का उच्चारण
पुराणों में कहा गया है कि जब भी आप भोजन (Bhojan Karne Ke Niyam) करना शुरू करें तो सबसे पहले भोजन मंत्र का उच्चारण करें। ऐसा करने से वह भोजन हमारे शरीर में लगता है और हम सेहतमंद बनते हैं। इसलिए जब भी आप भोजन करने बैठें तो ईश्वर का आभार जताना न भूलें, जिनके आशीर्वाद की वजह से ही आपको जीवन जीने के लिए भोजन मिल पा रहा है।
भोजन की थाली में न छोड़ें खाना
सनातन धर्म में भोजन बर्बाद करने को गलत बताया गया है। विद्वानों का कहना है कि पेट को जितनी भूख हो, मनुष्य को उतना ही भोजन अपनी थाली में डलवाना चाहिए। जरूरत से ज्यादा भोजन डलवाने और बाद में न खाने से वह खराब हो जाता है, जिससे अन्न का अनादर होता है। ऐसे लोगों को मां अन्नपूर्णा का कोप झेलना पड़ता है।
जमीन पर बैठकर करें भोजन
शास्त्रों में कहा गया है कि मनुष्य को हमेशा जमीन पर बैठकर भोजन (Bhojan Karne Ke Niyam) करना चाहिए। ऐसा करने से धरती मां की सकारात्मक तरंगें पैरों के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश करती हैं, जिससे शरीर सेहतमंद और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर बनता है। इसका असर हमारे जीवन में भी देखना पड़ता है।
News Source: Zee News



