Betul Samachar: दूसरे दोस्त का शव भी बरामद, एक शव मिल चुका था कल ही, बाढ़ में बहे थे कार समेत
Betul Samachar: The dead body of another friend was also found, one dead body was found only yesterday, along with the car were washed away
Betul Samachar: (बैतूल)। मानसून की पहली ही मूसलाधार बारिश ने शहर के दो परिवारों को गम में डूबो कर रख दिया है। घर से ढाबा पर खाना खाने के लिए खुशी-खुशी निकले दो दोस्तों का इतना दुःखद अंत होगा यह किसी ने सोचा भी नहीं था। दोनों दोस्तों के नदी में शव मिलने के बाद यह साफ हो गया है कि 25 जून को रात में गंज अंडर ब्रिज के पास की पुलिया पार करते समय दोनों कार समेत बह गए थे और इसी दौरान उनकी मौत हो चुकी थी।
बैतूल के हमलापुर निवासी राहुल शर्मा उम्र 32 और पटवारी कॉलोनी बैतूल निवासी नितिन तिवारी उम्र 24 साल राहुल की कार से 25 जून की रात में ढाबे पर खाना खाने निकले थे। उसके बाद से ही इनका कोई अता पता नहीं था। परिजनों ने गंज पुलिस थाना में इनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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मंगलवार शाम को इनकी कार गंज क्षेत्र में अंडर ब्रिज और मोक्षधाम के पास माचना नदी में मिलने वाले नाले में मिली थी। इसके कुछ समय बाद नितिन तिवारी का शव झाडक़ुंड के पास माचना नदी में मिला था। इसके बाद से एसडीईआरएफ की टीम लगातार नदी में सर्चिंग कर रही थी। इस बीच आज बुधवार को दोपहर में राहुल शर्मा का शव भी इमलीढाना भडूस के पास मिल गया है। इमलीढाना में मिले शव मिलने की सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने शव की शिनाख्त कर ली है।
मां और पत्नी से की थी बात
गुमशुदगी दर्ज होने के बाद से पुलिस दोनों लापता युवकों की लगातार तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बडोरा के एक ढाबे पर राहुल और नितिन खाना खाने गए थे। खाना खाने के बाद दोनों रात पौने 3 बजे ढाबे से बाहर निकले और कार से अपने घर रवाना हो गए। सीडीआर से जानकारी मिली कि रात लगभग एक बजे राहुल ने अपनी माँ और पत्नी से फोन पर बात की। वहीं नितिन ने भी अपनी माँ से बात की और कहा कि मैं लेट हो आऊंगा घर के दरवाजे खुले रखना।
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रात भर होती रही थी बारिश
गौरतलब है कि युवक जिस रात को घर से रवाना हुए थे, उसी दिन अचानक पहली बार और तेज बारिश हुई थी। पूरी रात भर बैतूल शहर और क्षेत्र में बारिश होती रही थी। उस रात चंद घंटों में ही बैतूल ब्लॉक में 120.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई थी। स्थिति यह थी कि पहली बारिश में ही माचना नदी और शहर के नाले उफान पर आ गए थे। अंडरब्रिज से बडोरा की ओर जाने वाले मार्ग पर हाथी नाला क्रॉस करना होता है। यही नाला आगे जाकर मोक्षधाम के पास माचना नदी में मिलता है।
टूटी पड़ी है पुलिया की रैलिंग
हाथी नाले की पुलिया की रैलिंग टूटी हुई है। यदि यह रैलिंग चार फीट ऊंची भी होती तो हादसा नहीं होता। रेलवे द्वारा अंडर ब्रिज का जीर्णोंद्धार तो किया गया, लेकिन रैलिंग पर ध्यान नहीं दिया। यदि उस समय रैलिंग पर ध्यान दिया जाता तो हादसा नहीं होता। तेज बारिश में पानी तेजी से बहता है और रैलिंग के अभाव में यह समझ नहीं आता है कि सड़क कहां तक है और नाला कहां से शुरू हो रहा है। यही कारण है कि हादसे की आशंका बनी रहती है।
मां और पत्नी से की थी बात
टूटी पड़ी है पुलिया की रैलिंग


